होमी भाभा की लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि

मेहेर वान

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अपनी सादगी, सरलता और विनम्रता के लिए प्रसिद्ध लाल बहादुर शास्त्री भारत के दूसरे प्रधानमंत्री थे, जिनकी 11 जनवरी 1966 को ताशकंद में हृदयाघात के कारण मृत्यु हो गई थी| प्रधानमन्त्री बनने से पहले वह रेलमंत्री और गृहमंत्री भी रहे थे| उन्होंने भारत के प्रथम प्रधानमन्त्री जवाहर लाल नेहरु के द्वारा शुरू किये गए भारतीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम सम्बन्धी गतिविधियों पर सक्रियता से हिस्सेदारी करते हुए सरकार का प्रतिनिधित्व किया था, प्रसिद्ध वैज्ञानिक होमी जहाँगीर भाभा भारतीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे थे| लाल बहादुर शास्त्री जी मृत्यु पर भारतीय परमाणु ऊर्जा विभाग और टाटा मूलभूत शोध संस्थान के वैज्ञानिकों ने होमी जहाँगीर भाभा के नेतृत्व में शास्त्री जी को अत्यंत अद्वितीय रूप से श्रद्धांजलि अर्पित की थी| शास्त्री जी के द्वारा परमाणु ऊर्जा विभाग के प्लूटोनियम प्लांट के विमोचन की पहली वर्षगाँठ (22 जनवरी, 1966) पर वैज्ञानिकों ने छुट्टी के दिन भी काम करते हुए शास्त्री जी को श्रद्धांजलि दी थी| शास्त्री जी को वैज्ञानिकों द्वारा दी गई श्रद्धांजलि के बारे में भाभा ने स्व.शास्त्री जी की धर्मपत्नी को यह पत्र लिखकर सूचित किया था| 
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23 जनवरी, 1966
प्रिय श्रीमती शास्त्री,
            हमारे पूर्व प्रधानमन्त्री स्वर्गीय श्री लाल बहादुर शास्त्री की स्मृति में श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए 12 जनवरी 1966 को संपन्न हुई बैठक में टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ फन्डामेंटल रिसर्च (टाटा मूलभूत शोध संस्थान) के कर्मचारियों द्वारा एक प्रस्ताव पारित किया गया जिसके बारे में मैं आपको सूचित कर रहा हूँ|
            22 जनवरी 1966, शनिवार जिसके ठीक एक साल पहले श्री शास्त्री ने प्लूटोनियम प्लांट का विमोचन किया था, के दिन उनकी स्मृति को श्रद्धांजलि देने के लिए परमाणु ऊर्जा संस्थान, ट्राम्बे के कर्मचारी सदस्यों की बैठक हुई| इस बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया गया जिसके बारे में मुझे आपको सूचित करने के लिए कहा गया है| परमाणु ऊर्जा विभाग, परमाणु ऊर्जा अधिष्ठान, ट्राम्बे और टाटा मूलभूत शोध संस्थान के कर्मचारियों ने यह निर्णय लिया है कि वह 22 तारीख दिन शनिवार को, जो कि इन संस्थाओं के लिए एक छुट्टी का दिन है, उन्हें (श्री लाल बहादुर शास्त्री जी को) यथोचित श्रद्धांजलि देते हुए पूरे दिन काम करेंगे|
            मुझे समय-समय पर उनके साथ काम करने का विशेषाधिकार प्राप्त हुआ था जब वह गैर-विभागीय मंत्री बने थे और परमाणु मामलों की देखरेख कर रहे थे, और बेशक मेरा उनसे अधिक सम्बन्ध तब रहा जब वह प्रधानमंत्री थे और परमाणु ऊर्जा के प्रमुख थे| उनकी सज्जनता, उनकी विनम्रता, उनकी सहज ईमानदारी और निष्ठा ने उन्हें उन तमाम लोगों का प्यारा बनाया, जिन्हें मेरी तरह उनके साथ काम करने का विशेषाधिकार प्राप्त हुआ, और हम सब एक ऐसे महान और साहसी इंसान को खोकर शोकाकुल हैं, जिनकी असमय मृत्यु हमारे देश के लिए एक महान क्षति है| आपकी इस क्षति जिसमें सम्पूर्ण देश हिस्सेदार है, में मेरे सभी सहकर्मी बंधुओं की ओर से और मेरी और से हमारी गहरी सहानुभूति स्वीकार कीजिये|
            क्या मैं आपसे यह अनुरोध कर सकता हूँ कि यदि कुछ भी ऐसा है जिसमें मैं आपकी किसी भी तरह से सहायता कर सकूँ तो कृपया आप मुझे बिना संकोच किये सूचित करेंगी, क्योंकि शास्त्री जी की स्मृति में कुछ भी कर पाने को मैं अपना एक विशेषाधिकार समझूंगा|

भवदीय
(एच. जे. भाभा)

श्रीमती लालिता शास्त्री
नयी दिल्ली

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