शायक आलोक की कविताएँ

शायक आलोक
1. कुकुरदंता

दांत गिरे-पीछे जीभ से छूने पर रूठ जाती है बत्तीसी
ऐसा अम्मा ने कहा

जीभ ने कहा देखो खुली है खिड़की कि सिस्स्स भरो

बचे दांत रहे हँसते
रहे खिलखिला - नहीं कुछ कहा
मैं कुकुरदंता हुआ
__________

2. टैट को टिट

हुज़ूर दिलावरुल-हिंदी कविता की बैठकी में तशरीफ़ लाते हैं
और दुःख सुनाते हैं
कि उनकी उनतालीस वर्षीया कविता के चेहरे पर झुर्री आने लगी है
हम्म सब्ब तालियाँ बजाते हैं
बहुत खूब बहुत खूब अह आनंद महाकवि
इरशाद इरशाद, अता हो – दुहराइए
कोई और भी ताजा बात बताइए
और वे खांसते हुए मंच छोड़ देते हैं

नया संचालक नई आवाज़ देता है अगले महाकवि को
______________


3. शुक्रिया

शुक्रिया विगत समय के अलहदा कवियों
तुम्हारा पाठक होते लिखता रहा हूँ तो
मुझे कविता और उसके पाठ
लोचपूर्ण समीक्षाएं जहाँ पहले संबंध का हवाला दिया जाएगा
फिर कविता का निवाला लिया जाएगा
की अर्थपूर्ण चिंता किसी मानक पर
प्रायः कभी नहीं हुई
______________

4. शुक्रगुजार

तुम्हारी बातों में घर परिवार बच्चों की बातें

नलिनी की कमीज छोटी हो गई
जिसे तुमने अपनी कामवाली बाई को उसकी बेटी के लिए दे दिया

मेरी रूचि उस बच्ची के नाम में थी जो तुम्हें याद नहीं था

तुमने कहा कि गृहस्थी महँगी होती जा रही है दिन ब दिन
और तुम चाहती थी मैं तुम्हारे कमाऊ पति के बारे में सोचूं
जबकि मैं तब ठहर कर सोचने लगा मेरी बिल्डिंग की सफाईवाली बाई के लिए
जाने क्यों वह आजकल ज्यादा खिसियाती है

कई कई दिन तुम्हारी कोई चिट्ठी नहीं मिलती
तुम्हारी शिकायतें कि अब नहीं रहा मुझमें प्रेम-सा-कुछ के लिए वक्त
कि मैं उलझा हूँ देश और दुनिया की गैर जरुरी बातों में
कि पूछती हो तंज से कि तुम्हारा दिल सफाईवाली बाई पर तो नहीं आया है

तुम अब नहीं रीझती हो प्रेम कविताओं पर
तुम अपने दोपहर का वक़्त टीवी पर गुजारती हो
खीझती हो तुम आसपास की दुनिया के बदलते जाने पर
चीखती हो तुम कि ऊब की बलिवेदी पर कुर्बान हुआ यह तुम्हारा विवाहेतर रिश्ता
तह-दर-जमा उम्र के हिसाब जोड़ती हो


नम्र आक्रोश में तुम शुक्रगुजार हो कि हम कभी नहीं मिले
मैं शुक्रगुजार कि तुम्हारे घर परिवार बच्चों की बातों ने मुझे दुनिया से जोड़ा
___________

5. मियरा

असम का अमिय बिस्वाल
जो अहमदाबाद की राशि बोरा का प्रिय पति है
उसने अपनी बेटी का नाम मियरा रखा है
अमिय के मिय से जोड़ दिया है राशि का रा
और एक नया शब्द गढ़ दिया है
तीनों दिल्ली में रहते हैं
और अक्सर इस शब्द पर हिंदी वालों के सवाल सहते हैं
_______________