शिशुगीत : रावेंद्रकुमार रवि

रावेंद्रकुमार रवि
लेकिन मुझको भाते 

मैं तो तुमको गोद खिलाती,
तुम ना मुझे खिलाते!

कैसे भी तुम गोलू-मोलू,
लेकिन मुझको भाते!

मैं कहती हूँ गाना गाओ,
लेकिन तुम ना गाते!

मैं कहती हूँ खाना खाओ,
लेकिन तुम ना खाते!

कैसे भी तुम गोलू-मोलू,
लेकिन मुझको भाते!

मैं आती हूँ पास तुम्हारे,
लेकिन तुम ना आते!

मैं जाती हूँ रोज़ खेलने,
लेकिन तुम ना जाते!

कैसे भी तुम गोलू-मोलू,
लेकिन मुझको भाते!

मोर की नानी आई है 

पंख फैलाकर नाचे मोर,
मोर की नानी आई है!

महककर लहराएँगे फूल,
रात की रानी लाई है!
मोर की नानी आई है ... ... .

नहाएगी हरियाली आज,
मेघ भर पानी लाई है!
मोर की नानी आई है ... ... .

आज से नहीं करेगा शोर,
शहद-सी बानी लाई है!
मोर की नानी आई है ... ... .

ठुमककर स्वागत करता मोर,
शाम मस्तानी लाई है!
मोर की नानी आई है ... ... .

रावेंद्रकुमार रवि