दो कविताएँ: हरिहर झा

हरिहर झा
- हरिहर झा 

न हो उदास, न हो निराश

प्रश्न रह गये, गायब उत्तर
भाग चला लंपट, छूमंतर
बिखर गई थोथी भावुकता
भीतर थी केवल कामुकता
ऐसा कर कुछ, समेट अपने
दर्द के धागे, चले तलाश
ना हो उदास, ना हो निराश

क्रंदन छोड़ जुटा ले हिम्मत
हिम्मत की होती है कीमत
कड़वाहट हथियार बन जाय
धैर्य धूर्तता से टकराय
दे दे चक्कर, बुन नागपाश
ना हो उदास, ना हो निराश

लूटे गहने, ठगिया तो क्या
छोड़ भँवर में भागे तो क्या
बुद्धि की शक्ति, क्या न उबारा
इंटरनेटमय जग सारा
पदचिन्ह मिले व पर्दाफाश
ना हो उदास, ना हो निराश

जीवन में जितनी हैं दृष्टि
सुख दुख भरी अनेकों सृष्टि
हौसला जय-विजय को खींचे
आँसू बीज दरद के सींचे
औरों का गम देख ले  काश
ना हो उदास, ना हो निराश

आत्मा देख, गीत गायेगा 
शरीर में तू क्या पायेगा?
आधा बटेर, आधा तीतर
देवालय है मन के भीतर
जग-कैसीनो में क्या ढूँढे
बिखरे  पत्ते, उड़ गई  ताश
ना हो उदास, ना हो निराश

तू इतना तो बतला

खुलने लगी कलाई तो क्या,  बना रहेगा पुतला?   
तू इतना तो बतला
     
तृष्णा मिटे कहाँ मृगजल से, माँगी एक पिटारी
टपके लार ससुर, देवर की, दर्द सहे  बेचारी
रोती बहना, आँख फेर ली, खून हुआ क्यों पतला
तू इतना तो बतला

विचित्र खोपड़ी, नार बस गई कुछ भी करके फाँसा
कामुकता थी, बनी योजना, तुरत दे दिया झाँसा
गायब करवा दी अंगूठी, बेबस  क्यों शकुंतला
तू इतना तो बतला

'धनिया' आँसू पोछ न पाये, खून पिलाये 'होरी'
श्वेत वस्त्र में दिखे न काले, धन से भरी तिजोरी 
 जाला करतूतों का फिर क्यों,  दिखे दूर से उजला
तू इतना तो बतला

धन्ना को खुश कर कल्लू को, पीटे बेरहमी से
निर्लज्ज! भरम भरी  खोपड़ी, तेरी खुशफहमी से
भीतर कौन चिकौटी काटे,  स्वांग किया गर्वीला
तू इतना तो बतला

2 comments :

  1. brilliant. Harihar Jha has got 'khayal', telling imagery, rhythm and appropiriate rhyme (not intrusive) - all qualities of a highly accomplished and mature poet.
    Congratulations!





    ReplyDelete
    Replies
    1. धन्यवाद Faqeer जी!

      Delete

We welcome your comments related to the article and the topic being discussed. We expect the comments to be courteous, and respectful of the author and other commenters. Setu reserves the right to moderate, remove or reject comments that contain foul language, insult, hatred, personal information or indicate bad intention. The views expressed in comments reflect those of the commenter, not the official views of the Setu editorial board. प्रकाशित रचना से सम्बंधित शालीन सम्वाद का स्वागत है।