अभिमन्यु अनत

आपकी प्रिय सेतु पत्रिका में हिंदी के विश्वप्रसिद्ध साहित्यकार अभिमन्यु अनत के उल्लेख
अभिमन्यु अनत
9 अगस्त, 1937 :: 5 जून 2018
नौ अगस्त 1937, में मारीशस के त्रियोले ग्राम में जन्मे अभिमन्यु अनत, वर्तमान हिंदी के विश्वविख्यात सर्वोपरि साहित्यकारों में से एक हैं। हिंदी अध्यापक, और नाट्य कला विभाग में नाट्य प्रशिक्षक रहने के उपरांत वे महात्मा गांधी संस्थान, मॉरिशस में हिंदी के विभागाध्यक्ष, एवं सृजनात्मक लेखन व प्रकाशन विभाग के अध्यक्ष रहे। अनत जी महात्मा गांधी संस्थान, मॉरिशस की प्रसिद्ध हिंदी पत्रिकाओं 'वसंत' और 'रिमझिम' के संस्थापक भी हैं।

वर्षों तक वे हिंदी अध्यापन कार्य से सम्बद्ध रहे हैं। उनकी मूलतः हिंदी में रचित साहित्यिक कृतियाँ क्रियोली, अंग्रेज़ी, तथा फ्रेंच भाषाओं में अनूदित हुई हैं, तथा विभिन्न शिक्षण संस्थानों के पाठ्यक्रम में शामिल हैं। अनत जी की रचनाओं पर अनेक शोधकार्य भी हुए हैं।

सम्मान: सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार, मैथिलीशरण गुप्त सम्मान, यशपाल पुरस्कार, जनसंस्कृति सम्मान, उ.प्र. हिंदी संस्थान सम्मान, तथाासाहित्य अकादमी (भारत) की मानद महत्तर सदस्यता।

प्रमुख कृतियाँ: 
  • उपन्यास: लाल पसीना
  • नाटक: विरोध, तीन दृश्य, गूंगा इतिहास, रोक दो कान्हा, देख कबीरा हाँसी
  • काव्य संकलन: कैक्टस के दांत, नागफनी में उलझी साँसें, एक डायरी बयान, गुलमोहर खौल उठा
  • कथा संग्रह: एक थाली समन्दर, खामोशी के चीत्कार, इंसान और मशीन, वह बीच का आदमी, जब कल आएगा यमराज
  • उपन्यासिका: लहरों की बेटी, मार्क ट्वेन का स्वर्ग, फैसला आपका, मुड़िया पहाड़ बोल उठा, और नदी बहती रही, आन्दोलन, एक बीघा प्यार, जम गया सूरज, तीसरे किनारे पर, चौथा प्राणी, लाल पसीना, तपती दोपहरी, कुहासे का दायरा, शेफाली, हड़ताल कब होगी, चुन-चुन चुनाव, अपनी ही तलाश, पर पगडंडी मरती नहीं, अपनी-अपनी सीमा, गांधीजी बोले थे, शब्द भंग, अस्ति-अस्तु, हम प्रवासी, आसमान अपना आँगन

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