चारू कपूर (प्रतिनिधि कवयित्रियाँ 2020)

डॉ. चारू कपूर: भौतिकी में स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्री दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से प्राप्त करने के बाद, डा. चारू कपूर ने दिल्ली यूनवर्सिटी से पीएचडी की। वे दिल्ली यूनिवर्सिटी में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। उन्होंने सोलह वर्ष की आयु में संगीत विशारद भी किया और डागर बन्धु व सविता देवी जी की शिष्या रही हैं। वे गंगा-जमुनी तहजीब में कविताएँ लिखतीं हैं। उनका पेज "कुछ एहसास" बहुत लोकप्रिय है। उन्हें बहुत कार्यक्रमों और लिटरेरी फेस्टिवल में आमंत्रित किया जाता है और उन्हें कई सम्मान भी मिले हैं। अमर उजाला उनकी कविताओं को प्रकाशित करता है। एशियन लिटरेरी सोसायटी द्वारा उनकी कविता अमलतास को वर्डस्मिथ अवॉर्ड 2019 दिया गया।

डॉ. चारू कपूर
मेरी बेटी

पूछते हैं लोग ये फ़ौलाद है या माँ का कलेजा
पहले बेटा, अब अपनी लाड़ो को फ़ौज में तुमने कैसे भेजा

फूल सी नन्ही परी जिसको मैंने नाज़ों से था पाला
जिसके आने से मेरे घर का ज़र्रा-ज़र्रा हुआ उजियारा

जिसकी अठखेलियों से मेरा सारा चमन महकता था
जिसकी खिलखिलाहट से मेरा घर आँगन चहकता था

मेरी छोटी सी लाडली में मैंने बड़ा इरादा देखा है
देश के लिए कुछ कर गुज़रने का जुनूनी वादा देखा है

क्या हुआ कि कोमल हाथ अब सख़्त और कठोर हुए
क्या हुआ कि सजने सँवरने की उम्र के रंगीन सपने दूर हुए

तब क्या हुआ कि उसकी डगर निष्ठुर है, दुष्वार है
अब हर चुनौती के लिए वह सजग है, होशियार है

क्या हुआ शहनाइयाँ नहीं, यहाँ फ़र्ज़ की ललकार है
इस माँ से बहुत दूर सही, बेटी देश के लिए तैयार है

मेरी बेटी सबकी प्रेरणा, मेरा गुरूर, मेरा अभिमान है
वारी जाऊँ, अपनी लाड़ो पर मेरा सर्वस्व कुर्बान है...


4 comments :

  1. Beautifully written Charuji. Commendable!......Vivek Kumar

    ReplyDelete
  2. What an awesome poem. Keep writing.

    ReplyDelete
  3. Exceptional and very important subjects addressed more so keeping present scenario with our neighborhood and strength of girl child to be treated alike boys in our country.

    ReplyDelete

We welcome your comments related to the article and the topic being discussed. We expect the comments to be courteous, and respectful of the author and other commenters. Setu reserves the right to moderate, remove or reject comments that contain foul language, insult, hatred, personal information or indicate bad intention. The views expressed in comments reflect those of the commenter, not the official views of the Setu editorial board. प्रकाशित रचना से सम्बंधित शालीन सम्वाद का स्वागत है।