तीन कविताएँ: मीनाक्षी मोहन

डॉ. मीनाक्षी मोहन
1. चढ़ाव उतार

मैं एक पेंटिंग हूँ
रंग में धुली
एक कलाकार की कृति
यूँ ही काग़ज़ों के ढेर पर लिपटी पड़ी थी
जब किसी स्नेही हाथों ने मुझे उठा लिया
सजाया सँवारा
फिर प्यार से अपने घर की दीवार पर सजाया
लोगों से मेरा बखान किया
समय बीतता गया
मेरी महिमा बढ़ती गयी
अचानक उन स्नेही हाथों को
उसके कृतिधार ने अपने पास बुला लिया
मुझे एक अनजान सूने पन में छोड़ कर
फिर एक दिन मै भी उतार ली गई अपनी जगह से
आज मैं जा रही हूँ
उस घर से जिसने मुझे प्यार और मान दिया
काग़ज़ों के ढेर में लिपटी
अनाथ बेनाम
अपने ही ख़्यालों में खोई
जीवन का चढ़ाव उतार देखती रही!
***


2. आज हमने सीखा है अपने आप में जीना

आज हमने सीखा है
अपने आप में जीना
न किसी के साथ आए थे
न किसी के साथ जाएंगे
फिर डर कैसा
बस तसल्ली है
तुम जहाँ भी हो ठीक हो
उम्र अगर बाक़ी बची
तो फिर मिलेंगे
यह आशा ही जीने का सबब है
तब तक सुन लो
चिड़ियों का गान
फूलों की मुस्कान
हवा की स्नेह भारी थपकियाँ
वृक्षों की मधुर छाया
और नील अम्बर का संदेश
तुम हो, हम हैं
यह जीवन है
फिर क्यों डरना
आज हमने सीखा है
अपने आप में जीना!
***

     
3. एक गाथा

आँख से गिरती बूँदों को
पानी समझ कर यूँ ही मत पोंछ लेना
ठहर कर उनकी गाथा भी सुन लेना
कुछ ख़ुशी और
कुछ ग़म की कहानी
लिखी होगी

ज़िंदगी कुछ नहीं
बस कहानी है कुछ पन्नों की
कहीं संघर्षों की
तो कहीं उलझनों की
कहीं दुःख के आँसू हैं
तो कहीं सुख की कड़ियाँ भी हैं
चलो इसी बहाने
इस कहानी के कुछ पन्ने कट जाएँगे

Dr. Meenakshi Mohan is an educator, art critic, children’s writer, painter, and poet.  She has taught at universities in Chicago, Boston, and, more recently, for Towson University in Maryland. She has been listed twice in the Who is Who Among American Teachers. She has published widely both in the academic field as well as in the creative areas. She is the author of two children’s books, The Rainbow in My Room, and The Gift. She recently had a solo exhibit of her paintings in Potomac, Maryland. She is currently on the Advisory Committee of the Montgomery County Library System in its Potomac, Maryland branch. She is on the Editorial Team for Inquiry in Education, a peer-reviewed journal published by National Louis University, Chicago, Illinois.

3 comments :

  1. Beautiful creations from a beautiful heart and mind! 👏🏼👏🏼👏🏼❤️❤️🙏🏼

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  2. Poignant, sensitive and heart-warming!

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