मनोज कुमार पांडेय

7 अक्टूबर 1977 को इलाहाबाद के एक गाँव सिसवाँ में जन्म। शुरुआती पढ़ाई गाँव में ही। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में परास्नातक। इलाहाबाद में आवारगी का एक लंबा दौर। इलाहाबाद में रहते हुए ही साहित्य, रंगमंच और सिनेमा के शुरुआती सबक सीखे। जनवरी 2005 से करीब सात साल तक लखनऊ में रहते हुए कई शोध परियोजनाओं में प्रो. रूपरेखा वर्मा के साथ रिसर्च एसोसिएट के रूप में काम किया। लगभग पाँच साल से वर्धा में रहते हुए महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय की साहित्यिक वेबसाइट ‘हिंदी समय’ के लिए कार्य।

कहानियों की दो किताबें ‘शहतूत’ और ‘पानी’ भारतीय ज्ञानपीठ से प्रकाशित। कई किताबों का संपादन। ‘चंदू भाई नाटक करते हैं,’ ‘खाल,’ ‘हँसी’ आदि कई कहानियों का विभिन्न निर्देशकों द्वारा मंचन। ‘खाल’ पर लघु फिल्म का निर्माण। अनेक कहानियों का उर्दू, मलयालम, पंजाबी आदि भाषाओं में अनुवाद। कई विश्वविद्यालयों में कहानियों पर शोध। दैनिक अखबार ‘जनसंदेश टाइम्स’ में साल भर नियमित रूप से साप्ताहिक स्तंभ लेखन।  कहानी के साथ साथ आलोचना, कविता और संस्मरण आदि कई अन्य विधाओं में भी रचनात्मक रूप से सक्रिय। कहानियों के लिए प्रबोध मजुमदार स्मृति सम्मान (2006), विजय वर्मा स्मृति सम्मान (2010), मीरा स्मृति पुरस्कार (2011), भारतीय भाषा परिषद का युवा पुरस्कार (2015)।

फोन : 08275409685
ईमेल : chanduksaath@gmail.com