पण्डित नरेंद्र शर्मा

(28 फरवरी 1913 – 11 फरवरी 1989)
प्रसिद्ध साहित्यकार और स्वाधीनता सेनानी स्वर्गीय पण्डित नरेंद्र शर्मा का जन्म 1913 में उत्तरप्रदेश के जहाँगीरपुर ग्राम में हुआ था जो इस समय बुलंदशहर जनपद के खुर्जा तालुके में आता है। प्रारम्भिक शिक्षा खुर्जा में पूरी करने के बाद पण्डित जी ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से अंग्रेज़ी मे स्नातकोत्तर तक की शिक्षा ली।

छात्र जीवन में उन्होंने प्रयाग में "भारत" में सम्पादकीय सहयोग दिया तथा बाद में "अभ्युदय" पत्रिका का संपादन किया। कुछ समय के लिये वे पंडित जवाहरलाल नेहरु के कार्यालय के सचिव और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के हिंदी अधिकारी रहे। अंग्रेज़ सरकार ने उन्हें गिरफ़्तार कर दो वर्ष देवली जेल में रखा जहाँ 14 दिन की भूख हडताल के बाद रिहा हुए। प्रसिद्ध साहित्यकार श्री भगवती चरण वर्मा के आग्रह पर नरेंद्र शर्मा मुम्बई आ बसे जहाँ सुमित्रानंदन पंत के आशीर्वाद से सुशीला गोदीवाला से विवाह किया। मुम्बईवास के दौरान उन्होंने स्वतंत्र लेखन के अतिरिक्त फिल्मी गीत भी लिखे।

उन्होंने आकाशवाणी में काम किया और विविध-भारती, हवामहल, चौबारा, गुंजन, बेला के फूल, और जयमाला जैसे कार्यक्रमों के नामकरण का श्रेय उन्हें ही जाता है। उनके 17 कविता संग्रह एक कहानी संग्रह, एक जीवनी और अनेक रचनाएँ पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं।