पिंगलवाड़ा अमृतसर में 'मिनी कहानी मंच' द्वारा 25वां अंतर्राज्यीय लघुकथा सम्मेलन आयोजित- अशोक भाटिया की रपट

23 अक्टूबर 2016 को अमृतसर में पिंगलवाड़ा की मानावाला शाखा में 'मिन्नी कहानी मंच' द्वारा आयोजित 25 वां अंतर्राज्यीय लघुकथा सम्मेलन कई मायनों में विशेष रहा। हिंदी लघुकथा और पंजाबी मिन्नी कहानी के इस द्विभाषी सम्मेलन में इस बार पंजाब के अलावा हरियाणा,दिल्ली,राजस्थान,हिमाचल प्रदेश,उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश से 90 से अधिक लेखकों ने शिरकत की,जिनमें महिला लेखकों की काफी संख्या थी। सन1992 से शुरू हुआ यह सम्मेलन अब अपनी शानदार परम्परा स्थापित कर चुका है। सम्मेलन में वर्ष भर में आयीं लघुकथा / मिनी कहानी की पुस्तकों का विमोचन, लघुकथा से जुड़े सम्मान प्रदान करना, मिन्नी कहानी प्रतियोगिता के पुरस्कार प्रदान करना और लघुकथा-पाठ और उन पर खुली चर्चा करना - कार्यक्रम के ये चार पक्ष रहे।

प्रथम सत्र में अध्यक्ष मंडल में डा.अनूप सिंह, रामकुमार आत्रेय, पवन हरचंदपुरी और मधुदीप शामिल थे। विमोचन में 'मिन्नी' (त्रैमासिक ) पत्रिका के 113 वें अंक, जो पंजाबी के चुने हुए दस मिन्नी कहानीकारों की सात-सात रचनाओं और उनकी पड़ताल पर केन्द्रित दूसरा विशेष अंक है, का विमोचन हुआ। 28 वर्ष पहले जब यह पत्रिका शुरू हुई, तो इसकी नींव के नायक थे-डा.श्यामसुंदर दीप्ति और श्री श्यामसुंदर अग्रवाल। बाद में इसके सम्पादन से बिक्रमजीत नूर, डा.अनूप सिंह और हरभजन खेमकरनी जुड़ते गए। पंजाबी के अलावा अन्य देशी-विदेशी भाषाओँ की लघुकथाओं को भी पंजाबी में अनूदित कर इसमें प्रकाशित किया जाता है। इस विशेषांक के पुस्तक रूप 'पछाण ते पड़चोल' के अलावा 'आथण वेला''(श्यामसुंदर अग्रवाल),'मेरी प्रतिनिधि लघुकथाएं' और 'बाल मन की लघुकथाएं' (दोनों के लेखक डा.श्यामसुंदर दीप्ति), 'कैक्टस ते तितलियाँ' (मूल लेखक: बलराम अग्रवाल, पंजाबी में अनुवाद: श्यामसुंदर अग्रवाल), 'तारा मंडल' ( मूल लेखक: अशोक भाटिया, पंजाबी में अनुवाद: जगदीश राय कुलरियां), 'गल्पी विधा लघुकथा: सिद्धांत ते विचार), 'पंजवां थम्म' (सं.जगदीश राय कुलरियां), 'ठीक किहा तुसीं' (गुरसेवक सिंह रौनक), 'पथ का चुनाव' (कांता राय) पुस्तकों का विमोचन किया गया ।

इस सत्र के दूसरे कदम पर श्रीमती आशा देवी (बनीखेत, हिमाचल) को 'ललिता अग्रवाल स्मृति सम्मान', सीमा जैन (ग्वालियर) को हिंदी का और कुलविंदर कौशल को पंजाबी का 'लघुकथा किरण सम्मान' प्रदान किया गया। डा.शील कौशिक द्वारा हरियाणा लेखिका मंच की ओर से अशोक भाटिया को 'बलदेव कौशिक स्मृति सम्मान' प्रदान किया गया।

तीसरे सत्र में 26 वें मिन्नी कहानी मुकाबलों के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। मंगत कुलजिंद (मंडी), कुलविंदर कौशल (बुरकी), मनमोहन सिंह बासरके (तीसरा नाग) पहले तीन स्थानों के अलावा सात लेखकों को सांत्वना पुरस्कार भी दिए गए।

निःशक्त बच्चों के लिए बनाये गए 'पिंगलवाड़ा' की प्रधान डा. इन्दरजित कौर ने कहा कि सामजिक बुराइयों को दूर करने में साहित्यकारों को अपनी भूमिका निभानी चाहिए। डा. अनूप सिंह ने मिन्नी कहानी मंच द्वारा संगठित रूप में मिशनरी भाव से लघुकथा की बेहतरी के लिए निभाई जा रही भूमिका की चर्चा की।

दूसरे सत्र में हिंदी और पंजाबी लघुकथाओं का पाठ किया गया। पंजाबी में अमृत मन्नन, कर्मजीत सिंह नडाला, हरप्रीत सिंह राणा, सुरजीत सिंह जीत, प्रो.बलविंदर सिंह वालिया, अमरजीत कौर, दर्शन सिंह बरेटा, मंगत कुलजिंद, सुखचैन थान्देवाला, कुलविंदर कौशल, इंजी.डी.एम.सिंह, सुरजीत देवल, रणजीत आज़ाद कांझला, गुरमीत रामपुरी, जगतार भाई रूपा, महिन्दर मिंदा, कुलविंदर कंग, परगट सिंह जम्बर, विवेक, बलविंदर सिंह मकड़ोना आदि ने और हिंदी में डा.नीरज शर्मा, मधुदीप, कांता राय, राधेश्याम भारतीय, रणजीत टाडा, अशोक दर्द, देवराज संजू, डा.उपमा शर्मा, नीता सैनी, सत्यजित राय, पवन जैन, डा.शील कौशिक, मेजर शक्तिराज कौशिक, दुलीचंद रमन, शोभा रस्तोगी, सीमा जैन, विभा रश्मि, मधु जैन आदि प्रमुख थे। इन रचनाओं पर चर्चा के लिए पंजाबी से पवन हरचन्दपुरी, डा.कुलदीप सिंह दीप और हिंदी से डा. बलराम अग्रवाल और डा. अशोक भाटिया को जिम्मेवारी दी गयी। इस अवसर पर वरिष्ठ लेखक डा. रूप देवगुण और श्री सुभाष नीरव विशेष रूप से उपस्थित थे।

- डा. अशोक भाटिया
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