मोहन राणा Mohan Rana

 मोहन राणा
Delhi-born contemporary Hindi poet Mohan Rana has lived in United Kingdom for many years. He has published eight poetry collections. His reputation as a diaspora poet has grown with publication of his each book. Brevity, clarity and precision are the defining characteristics of Rana's poetry. His poems have been translated into several Indian and European languages.


 
मोहन राणा का जन्म 1964 में दिल्ली में हुआ।  पिछले डेढ़ दशक से ब्रिटेन के बाथ शहर के
निवासी हैं। आठ कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं।
'जगह’ (1994), 'जैसे जनम कोई दरवाजा’ (1997), 'सुबह की डाक’ (2002), 'इस छोर पर’ (2003), 'पत्थर हो जाएगी नदी’ (2007), 'धूप के अँधेरे में’ (2008), 'रेत का पुल’ (2012)। 'शेष अनेक’ (2016)। 
अंग्रेजी में अनुवादित संग्रह - 
'With Eyes Closed' (द्विभाषी संग्रह) अनुवादक - लूसी रोजेंश्ताइन, 2008 
‘Poems’ (द्विभाषी संग्रह) अनुवादक - बर्नार्ड ओ डोनह्यू और लूसी रोज़ेंश्ताइन, 2011
अंग्रेजी के अलावा कविताओं के अनुवाद मराठी, नेपाली, फारसी,  इतालवी, स्पहानी, पुर्तगाली,स्लोवेनियन और जर्मन में भी हुए हैं।
सम्मान –
'इस छोर पर’ (कविता संग्रह) – यूके हिन्दी समिति सम्मान (2003)
'धूप के अँधेरे में’(कविता संग्रह) - पद्मानंद साहित्य सम्मान (2009)
संपर्क –
letters2mohan@gmail.com