आप्रवासी साहित्य सृजन सम्मान - महात्मा गांधी संस्थान, मॉरिशस

सन् 2015 में भोपाल में आयोजित दसवें विश्व हिंदी सम्मेलन में मॉरिशस की शिक्षामंत्री माननीय लीला देवी दुखन-लछमन ने हिंदी के क्षेत्र में कार्यरत आप्रवासियों के लिये 'महात्मा गांधी संस्थान आप्रवासी हिन्दी साहित्य सृजन सम्मान' की स्थापना की घोषणा की थी जो कि मॉरिशस के प्रतिष्ठित महात्मा गांधी संस्थान द्वारा दो वर्षों में एक बार एक प्रवासी हिंदी साहित्यकार को हिंदी में सृजनात्मक, उत्कृष्ट रचनाकर्म में योगदान एवं भाषा के उन्नयन हेतु दिया जाना निश्चित हुआ था।


सेतु परिवार के लिये यह अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि इस अंतरराष्ट्रीय सम्मान के 'प्रथम संस्करण - वर्ष 2016' के लिये सेतु के प्रमुख सम्पादक अनुराग शर्मा को चुना गया है जिन्होंने 23 अगस्त 2017 को महात्मा गांधी संस्थान, मोका के सुब्रमण्य भारती सभागार में भारतीय उच्चायोग, विश्व हिंदी संस्थान, इंदिरा गांधी सांस्कृतिक केंद्र, महात्मा गांधी संस्थान, रवींद्रनाथ ठाकुर संस्थान के प्रतिनिधियों सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में मॉरिशस की राष्ट्रीय सभा की स्पीकर माननीय शांति बाई हनुमानजी के हाथों यह सम्मान ग्रहण किया।

इस अवसर पर भारतीय उच्चायोग में संस्कृति सचिव डॉ. नूतन पाण्डेय ने अनुराग के कथा संग्रह 'अनुरागी मन' में संकलित कुछ कहानियों की समीक्षा करते हुए उनके लेखन के विशिष्ट बिंदुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ये कहानियाँ मानवीय संवेदना को भीतर तक स्पर्श तो करती ही हैं, साथ ही कहानियों के अनूठे अंत पाठक को बहुत कुछ सोचने पर विवश कर देते हैं। रोचकता, सरसता, प्रवाह और अप्रत्याशित अंत इन कहानियों की विशेषताएँ हैं।


सम्मान की निर्णायक समिति में डॉ. नूतन पाण्डेय के साथ डॉ विनोद मिश्र, महासचिव, विश्व हिंदी सचिवालय, तथा प्रोफ़ेसर उमेश कुमार सिंह, आईसीसीआर चेयर भी शामिल थे। प्रबुद्धजनों के वक्तव्यों में अनुराग द्वारा साहित्यसृजन के अलावा इंटरनैट रेडियो, पॉडकास्ट आदि तकनीकी माध्यमों का प्रयोग करके हिंदी की उत्कृष्ट साहित्यिक कृतियों की ऑडियो प्रस्तुतियाँ, और विदेश में हिंदी शिक्षा के लिये वॉलंटीयर सेवाओं का भी ज़िक्र किया गया।


समारोह में महात्मा गांधी संस्थान की महानिदेशक श्रीमती सूर्याकांति गयान तथा अध्यक्ष श्री जयनारायण मीतू भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन रचनात्मक लेखन विभाग की अध्यक्ष डॉ. राजरानी गोबिन ने किया। सम्मान समारोह का प्रसारण राष्ट्रीय समाचारों में हुआ और मॉरिशस ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन के कार्यक्रम सृजन के लिये अनुराग से वार्ता रिकॉर्ड की गई।


                             * मॉरिशस के राष्ट्रीय चैनल पर सम्मान समारोह का समाचार *

महात्मा गांधी संस्थान, मोका, मॉरिशस
भारत सरकार के सहयोग से बने महात्मा गांधी संस्थान की नींव 3 जून 1970 को श्रीमती इंदिरा गांधी और श्री अनिरुद्ध जगन्नाथ द्वारा द्वारा रखी गई थी। संस्थान द्वारा भारतीय भाषाओं, संस्कृति, कला के साथ-साथ मॉरिशस की कला और अध्ययन और चीनी अध्ययन में स्नातक व स्नातकोत्तर डिग्री तथा डिप्लोमा कोर्स पढ़ाये जाते हैं। यह संस्थान हिंदी, तमिळ, तेलुगु, मराठी और उर्दू के स्नातक विषय चलाने में मॉरिशस विश्वविद्यालय को सहयोग भी करता है।

इतिहास और संस्कृति के क्षेत्र में यह संस्थान औपचारिक शिक्षा के साथ-साथ हर क्षेत्र में अनौपचारिक शैक्षणिक प्रयोग भी करता रहा है।

दिसम्बर 2002 में दो प्रधानमंत्रियों श्री नवीनचंद्र रामगुलाम तथा श्री अटल बिहारी बाजपेयी द्वारा स्थापित रबींद्रनाथ टैगोर संस्थान भी महात्मा गांधी संस्थान से सम्बद्ध संस्था है। इन दोनों संस्थानों की संयुक्त संचालन समिति के अध्यक्ष श्री जयनारायण जीतू तथा संयुक्त महानिदेशक श्रीमती सूर्याकांति गयान हैं। 'महात्मा गांधी संस्थान आप्रवासी हिन्दी साहित्य सृजन सम्मान' की परिकल्पना श्रीमती सूर्याकांति गयान ने ही की थी।

1 comment :

  1. MERI AUR SE SHUBHKAMNAYEIN AUR BADHHAII....AISA LAGA JEISE HUM SAMMANIT HUE....MADHYA PRADESH SAHITYA AKADAMI KE HINDI BHAWAN MEI HUE EK PROGRAMME MEI YE SUJHHAV DIYA GAYA HEI JISAME VIDESH MEI RAHKAR HINDI KI SEWA KAR RAHE SAHITYAKARO KO SAMMANIT KIYA JAAYE....SADHUWAD....

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