कविताएँ: अर्विना गहलोत

अर्विना गहलोत

जन्म 27 फरवरी, नगला दलपतपुर जिला बुलंदशहर
शिक्षा: एमएससी (वनस्पति विज्ञान), वैद्धविशारद
निवास: जिला गौतमबुद्ध नगर (उत्तर प्रदेश)
ईमेल: ashisharpit 01@gmail.com

अर्विना गहलोत

प्रेम गिरह

दिल पे बांधी है गिरह
प्रेम के धागों से पल्लू में अपने।
जो छूटे न जीवन पर्यन्त।
चाहे हो कष्ट अनंत।
हे भगवन्त।
आकाश सा हो असीम।
दिखने में हसीन।
मन में गुनगुनाहट सा।
दिल यादों से गुदगुदाता सा।
प्रेम को नाप नहीं सकती।
ऐसी तो कोई तराजू भी नहीं।
जो तुम को तोल कर दिखलाए।
प्रेमबस इतना किस तरह दिखलाए।
मेरी आँखो में छवि देख कर सँवर जाए।
भोली सी सूरत अभिव्यक्ति की मूरत।।
निरखत है बारंबार सलोने सजन।
देखो तो सही महके मेरा मन।

रेशमी पोटली

यादे सुहानी है या हकीकत में है कोई।
भृमित मन उपवन उपवन।
मन मकरन्द भ्रमर बन।
सपनों को शायद सुनहरे पंख।
शब्द सुहाने तितलियाँ बन हवा में उड़ते है।
जब हम गुनगुनी धूप में बैठ कर पन्नों को पलटते है।
निर्जन वन सा मेरा मन अल्फाज़ मचलते है।
उँगली की गिरफ्त में कलम बेताब है।
शब्द उड़ जायेगे एक दिन पन्नों से फिर भी।
कलम लिखने को अधीर हुई जाती है।
कोमल मन अबीर हुआ जाता है।
ज़मीर पे कुछ तहरीरें लिखी जाती है।
यादें अविस्मरणीय संग्रह की जाती है।
अनमोल धरोहर सी संजोकर रखी जाती है।
इन यादों की पोटली में शब्द भरे हैं।
इसलिए न डर से खोलती हूँ।
कहीं हवा के हल्के स्पर्श से शब्द उड़ न जाए।
मन को अपने हर रोज टटोलती हूँ।
गोद में रखी शब्दों की पोटली को नजरों से तोलती हूँ।
माना कुछ स्नेहिल कुछ कठोर शब्द इसमें भरे हैं।
कुछ कच्चे कुछ मजबूत रिश्ते इसमें धरे हैं।
बाँधी है स्नेह डोर फिर भी रेशम की पोटली से।

मेरे अल्फ़ाज़

आज मेरे अल्फ़ाज़ मुझसे खफा हो गए।
खिड़की के रास्ते दफा हो गए।
कितने मासूम लगते मुँह के अंदर।
बाहर निकलते ही हवा हो गए।
हाय मेरे अल्फ़ाज़ मुझको दगा दे गए।
कोई पकड़ो इन नामुरादों को।
इन के ना पाक इरादे हमें खफा कर गऐ।
इश्क पर परवान चढ़े थे कभी।
आज इनके इरादे कुछ अच्छे नहीं।
न जाने तुम्हें क्यों पिया कह गए।
हम तो शर्म से निगाहें झुकाए खड़े रह गए।
तुम इनकी शरारत पे मुस्कुराते रहे।
आज मेरे अल्फ़ाज मुझसे खफा हो गए।
खिड़की के रास्ते दफा हो गए

1 comment :

  1. अर्विना गहलोत जी की तीनों कवितायेँ बहुत अच्छी लगी।

    ReplyDelete

We welcome your comments related to the article and the topic being discussed. We expect the comments to be courteous, and respectful of the author and other commenters. Setu reserves the right to moderate, remove or reject comments that contain foul language, insult, hatred, personal information or indicate bad intention. The views expressed in comments reflect those of the commenter, not the official views of the Setu editorial board. प्रकाशित रचना से सम्बंधित शालीन सम्वाद का स्वागत है।