संसार का अंत कब होगा?

बच्चों के प्रश्न और अल्बर्ट आइन्स्टाइन के उत्तर
मेहेर वान

- मेहेर वान

हिब्रू विश्वविद्यालय, जेरुसलम के पुस्तकालय के अभिलेखागार खंगालने पर कुछ ऐसे बेहतरीन पत्र मिलते हैं जिनमें संसार के सबसे प्रतिभाशाली वैज्ञानिक अलबर्ट आइन्स्टाइन और बच्चों के बीच वार्तालाप हुआ था। कई बच्चों ने आइन्स्टाइन से अत्यंत साधारण, रोचक और बुद्धिमत्तापूर्ण प्रश्न पूछे थे, जिसके जवाब आइन्स्टाइन ने उसी प्रकार से देने की कोशिशें कीं। बच्चे आइन्स्टीन को बौद्धिक रूप से उतने बोझिल तरीके से नहीं लेते थे जितना उनके समय के बड़े और बुद्धिमान लेते थे, बच्चे बस इतना समझते थे कि आइन्स्टाइन को बहुत कुछ जानकारी है और वे उनके प्रश्नों उत्तर दे पायेंगे। कुछ बच्चे उनमें एक दोस्त देखते थे जैसे हम अपने दादा-नाना में देख लेते हैं।

एक कक्षा के बच्चों ने पूछा कि जानवर क्या होता है? क्या इंसान जानवर है?
आइन्स्टाइन ने उन बच्चों को यह जवाब भेजा था-
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(Photo: Ilana E. Strauss)
17 जनवरी 1953
प्रिय बच्चों,
    हमें यह नहीं पूछना चाहिए कि “एक जानवर क्या होता है?” बल्कि यह पूछना चाहिए “किस तरह की चीज़ को हम जानवर कहते हैं?” अच्छा! हम जानवर उसे कहते हैं जिसमें कुछ खास तरह की खासियतें होतीं हैं: यह खाना खाता है, यह अपने ही तरह के माता-पिता से पैदा होता है, यह समय के साथ पलता-बढ़ता है, यह एक स्थान से दूसरी जगह खुद ही चलता फिरता है, यह मर जाता है जब इसका समय ख़त्म हो जाता है। इस तरह से हम किसी कीड़े, मुर्गे, कुत्ते या बन्दर को जानवर कहते हैं। इंसान के बारे में क्या? इसके बारे में आप उपरोक्त तरीके से खुद सोचिये और खुद निर्णय लीजिये कि क्या यह प्राकृतिक है कि हम अपने आप को जानवर समझें?

सादर भवदीय,
अलबर्ट आइन्स्टाइन  
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(Photo: Ilana E. Strauss)
एक बच्ची ने उन्हें एक ख़ास सलाह दी, जो बाकी लोग उन्हें देना भूल ही गए थे -
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सन 1951
प्रिय श्री आइन्स्टीन,
मैं 6 साल की एक बच्ची हूँ 
मैंने अखबार में आपकी एक फोटो देखी।
मुझे लगता है कि आपको जल्दी बाल अवश्य कटवा लेने चाहिए, ताकि आप बेहतर दिखें।

आपकी सादर
आन जी. कोसिन

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ब्रिस्टल के एक बच्चे को एक बात समझ नहीं आ रही थी, उसने अपनी माँ से वह प्रश्न पूछा और माँ ने उसे बताया कि एक अलबर्ट आइन्स्टीन नाम के एक व्यक्ति इस प्रश्न का जवाब दे सकते हैं तो बच्चे ने आइन्स्टीन का पता खोजकर उन्हें यह पत्र लिखा-

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प्रिय डॉ आइन्स्टाइन,

 मैं जानना चाहती हूँ कि आसमान के उस पार क्या है? मेरी माँ कहती हैं कि आप इस प्रश्न का बेहतर उत्तर दे सकते हैं।

भवदीय 
फ्रेंक फेलारमेन 
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(Photo: Ilana E. Strauss)


एक बच्चे ने जब आइन्स्टीन से पूछा कि पृथ्वी कब पैदा हुई थी और इसका अंत कब होगा? तो आइन्स्टीन ने मजाकिया अंदाज़ में यह जवाब दिया था-
(Photo: Ilana E. Strauss)

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जून 19, 1951
सुश्री मोनिक एप्स्टाइन,
361 सेंट्रल पार्क पश्चिम 

प्रिय मोनिक,

पृथ्वी दस करोड़ वर्षों से भी थोड़ा अधिक पहले से अस्तित्व में है। इसके अंत के सम्बन्ध में तो मैं यही सलाह दूंगा कि इंतज़ार करो और देखो।

सादर
अलबर्ट आइन्स्टाइन

मैंने तुम्हारे संग्रह के लिए कुछ स्टाम्प संलग्न किये हैं। 
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1 comment :

  1. एक बार जब एक बच्ची ने सर अल्बर्ट आइंस्टीन को यह देखकर चेताया कि "यदि आप मोजे नही पहनेंगे तो आपको सर्दी हो जाएगी। और तब आपको आपकी मम्मी डांटेगी।"

    तब उस समय आइंस्टीन सर सिर्फ़ मुस्कुराए।

    उसके बाद हम बच्चों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने लिखा कि "बच्चों, यह ध्यान में रखो कि तुम अपने स्कूल में जो नई-नई बातें सीखते हो वे कई पीढ़ियों की देन है। ये सब तुम्हें इसलिए बताई गई हैं ताकि तुम इन्हें समझो और इन्हें ढंग से संजोकर रखो। इनका सम्मान करो तथा इनमें कुछ और अधिक जोड़ो।"

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