रश्मि जैन (प्रतिनिधि कवयित्रियाँ 2020)

डॉ. रश्मि जैन ने अंग्रेजी साहित्य से इलाहाबाद विश्वविद्यालय से डी0 फिल् किया है और अंग्रेज़ी के सहायक आचार्य के तौर पर ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज, प्रयागराज में अध्यापन कार्य कर रही हैं। इनकी हिन्दी और अंग्रेज़ी में कविताएँ, कहानियाँ, अनेक पत्र-पत्रिकाओं एवं साझा संकलनों में प्रकाशित हुई हैं। 2019 में इन्हे फीवर ऍफ़ एम ने फीवर शक्ति अवार्ड (लेखक) से नवाज़ा है। लेखन के अलावा इन्हे संगीत और चित्रकारी में भी रूचि है। 

रश्मि जैन
मेरी प्रेरणा

तुम ऊर्जा हो, शक्ति का स्रोत हो तुम,
 तेजस्विनी और ओजस्विनी बनाने वाली
हाँ! वही प्रेरणा हो तुम,
तुम जो मुझे कभी हारने नहीं देती,
जो मुझे घमंड से कोसों दूर रखती है,
तुम जो मुझे कभी डरने नहीं देती
गिरूँ जब कभी, तो उठने की शक्ति देती है,
हाँ! वही प्रेरणा हो तुम,
साया बनकर साथ हो चलती
पर मुझे आजादी का एहसास दिया,
सपनों को मेरे देकर आकार
मुझे उड़ने का आकाश दिया,
पैरों पर अपने खड़ा कर
मुझे एक नया आत्मविश्वास दिया,
पर मेरी जड़ें तो तुम से है जुडी
हाँ, माँ तुम ही मेरी प्रेरणा हो,
एक अदद प्रेरणा की खोज में
दिन-रात भटकता है इंसान
काश! कभी अपनी माँ को गौर से देखा होता
जो तुम्हारे लिए, तुम्हारे हिसाब से जागी सोई,
जिसने हर हद को पार किया,
जिसने तुम्हारी ख्वाहिशों और सपनों पर अपने सपने वार दिए,
अपनी रचना के लिए इतनी शिद्दत कहाँ देखने को मिलेगी
तुम जैसी प्रेरणा शायद ही कहीं मिलेगी।


6 comments :

  1. Most beautiful lines...
    जिसने तुम्हारी ख्वाहिशों और सपनों पर अपने सपने वार दिए,
    "अपनी रचना के लिए इतनी शिद्दत कहाँ देखने को मिलेगी
    तुम जैसी प्रेरणा शायद ही कहीं मिलेगी। "
    Biggest truth ever- Apni(hmari) Rachna ke liye aisi shiddat aur kahi nhi.

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  2. जी बिल्कुल, मां जैसी प्रेरणा मिलना मुश्किल है।
    बहुत ही सुन्दर कविता।

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  3. जी बिल्कुल, मां जैसी प्रेरणा मिलना मुश्किल है।
    बहुत अच्छी कविता।

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