काव्य: नज़म रिआर

नज़म रिआर
हमें तेरा इंतज़ार रहेगा जिंदगी

इस रात के गुज़र जाने के बाद 
इक सवेर का इंतज़ार रहेगा जिंदगी 
हमें तेरा इंतज़ार रहेगा ज़िंदगी 
बंजर ज़मीन को जैसे बारिश का 
काली घनी रात को जैसे सूरज का 
हमें तेरा इंतज़ार रहेगा ज़िंदगी 
तेज़ बारिश की बूंदो के बाद 
उस मिटटी की मीठी सी खुशबू का इंतज़ार रहेगा ज़िंदगी 
इस मुश्किल के पल गुज़र जाने के बाद 
कुछ मुस्कुराहटों का इंतज़ार रहेगा जिंदगी 
तू रूठ गयी हमसे मुँह फेर के तो क्या हुआ 
हमें उन अपनी सी नज़रों का इंतज़ार रहेगा जिंदगी 
हमें मौत तक तुमसे प्यार रहेगा जिंदगी 
हमें तेरा इंतज़ार रहेगा जिंदगी!
***

अब तेरे जीने की बारी है 

बहुत कर लिया सबका सारी उम्र 
अब उनको न कहने की बारी है 
बहुत सह लिया तमाम उम्र 
अब हमें भी इश्क़ खुमारी हैं 
उसे पाने की कोशिश बहुत कर ली 
अब अपने पे मरने की बारी है 
ख्वाहिशों का गला दबोच लिया बहुत 
अब उन्हें साँस देने की बारी है 
सोते हुए हसीं ख्वाबों को 
अब फिर जगाने की बारी है 
आ, अब जी ले इस पल को
इस पल में ही उम्र सारी है 
क्योंकि अब तेरे जीने की बारी है 
हाँ, अब हमें भी इश्क़ खुमारी है!
***

फुरसत

गैरों से तो बहुत मिल लिये, 
चलो आज खुद से मिलने चलते हैं 
लोगो की तो बहुत सुन ली, 
चलो आज खुद से ही बातें करते हैं 
तमाम ज़िन्दगी जिस से भागते रहे,
आज उसी के पास बैठ के देखते हैं
यह पल जो मिले हैं फुरसत के 
इन्हे अपने संग गुजार के, 
ज़िन्दगी के अब तक के इस बंजर सफर को 
आइए गुल-ए-गुलज़ार करने निकलते हैं!
***

उलझन

तू भी अजीब हैं ऐ इंसान, 
जिस घर का रास्ता तू दफ्तर से देखता था, 
तुझे उसी घर में आज रहना एक आफत सी लग रही है! 

जिस घर को तूने मोहब्बत के लिए बुना था, 
आज उस घर के लिए तेरी आँखों से क्यों सिर्फ नफरत झलक रही है?
हर पल इंतज़ार फुर्सत का किया तूने 
आज क्यों यह फुर्सत तुझे घुटन सी लग रही है?
क्या भूल गया की तेरे अंदर ही हैं वो सब, तुझे जिस की तलाश है
आज क्यों यह तलाश तुझे उलझन सी लग रही है? 
 

परिचय: काव्यप्रेमी कम्प्यूटर-सेवी नज़म की हिंदी और अंग्रेज़ी में दो दर्ज़न से अहिक कविताएँ पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं। उनकी एक पुस्तक “Confessions of a Happy Woman” भी आ चुकी है। नज़म अपने पति व पुत्र के साथ पंजाब में एक फ़ार्म में रहती हैं। यात्रा और संवाद उनकी अभिरुचि है।
शिक्षा: एमएससी, एमफ़िल (कम्प्यूटर साइंस)
सम्पर्क: nazam81@gmail.com

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