सम्पादकीय: कोविड-19 के दिन

कोविड-19 से जूझते संसार में हमने अपनी जीवन शैली में पिछले लगभग एक वर्ष में अनेक परिवर्तन होते देखे हैं। व्यवसाय से लेकर शिक्षा तक सभी कुछ प्रभावित हुआ है। एक बात जो नहीं बदली है, वह है जिजीविषा। मानवीय जिजीविषा के अनेक रूपों में से एक पर्वोल्लास भी है। पितृपक्ष, मलमास, नवरात्रि दशहरा से होते हुए हम दीपावली के प्रकाशपर्व की ओर अग्रसर हैं। पिट्सबर्ग में कल बच्चों ने हैलोवीन का पर्व मनाया। विचित्र वेशभूषा में आने वाले बच्चे अपने भाग की कैंडी लेकर उल्लसित मन से अपने-अपने घर को गये।

अमेरिका की कवयित्री लुइस ग्लिक को इस वर्ष का साहित्य का नोबल सम्मान मिला है। सेतु परिवार की ओर से बधाइयाँ। 
अनुराग शर्मा

भारत की पहली ऑस्कर विजेता भानु अथैया का 15-10-2020 को मुंबई में निधन हो गया। गांधी फ़िल्म के लिये वेशभूषा का ऑस्कर पाने वाली भानु 28 अप्रैल 1929 को कोल्हापुर में जन्मी थीं। उन्होंने अपनी वृत्ति का आरम्भ गुरुदत्त की फ़िल्म सीआईडी से किया था। सेतु परिवार की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि!

गोआ में एक छात्र ने इसलिये आत्महत्या कर ली क्योंकि उससे उस इकलौते फ़ोन का स्क्रीन चकनाचूर हो गया जिससे सभी भाई-बहन बारी-बारी ऑनलाइन शिक्षा ग्रहण करते थे और पिता की नौकरी छूटने के कारण उनके पास फ़ोन की मरम्मत कराने के लिये 500 रुपये नहीं थे। इससे पहले केरल की एक छात्रा द्वारा फ़ोन खराब होने के कारण ऑनलाइन कक्षा से अनुपस्थित रहने के कारण आत्महत्या कर लेने का समाचार आया था।

कोविड-19 एक विश्वव्यापी आपदा है, और उसे उसी रूप में देखा जाना चाहिये। जिस प्रकार भूकम्प, त्सुनामी आदि में सारा समाज आगे बढ़कर धन, वस्त्र, स्वयंसेवा आदि द्वारा पीड़ितों की सहायता करता है, शायद उसी प्रकार इस कठिन समय में स्मार्टफ़ोन, लैपटॉप आदि द्वारा वंचित वर्ग की सहायता की गहन आवश्यकता है। चुनाव के दिनों में काम-बेकाम की मुफ़्तखोरी के वादे करने वाले राजनैतिक दलों से लेकर प्रादेशिक व राष्ट्रीय प्रशासन तक सभी का प्राथमिक कर्तव्य है कि वे अपनी सोच में नवोन्मेष लाकर यथाससम्भव त्वरित सहायता प्रदान करें।

फ़्रांस की ताज़ा आतंकी घटना ने एक बार फिर क्रूर मज़हबी दबंगई के खतरे की ओर विश्व का ध्यान आकर्षित किया है। असहिष्णु हत्यारों, और उन्हें प्रोत्साहित करने वाली नृशंस विचारधाराओं के लिये सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं है। ऐसी दानवी गतिविधियों को रोकने के सक्षम प्रयत्न करना हम सभी का प्रथम कर्तव्य होना चाहिये। 

एक नया मास, एक नये अंक के साथ आपके स्वागत में उपस्थित है, आशा है आपको पसंद आयेगा।

शुभकामनाओं सहित,




सेतु, पिट्सबर्ग
31 अक्टूबर 2020 ✍️

1 comment :

  1. आदरणीय, सादर अभिवादन।
    सेतु का अक्टूबर-2020 का संपादकीय पढ़ा। बहुत ही तथ्यपरक एवं सम सामयिक मुद्दों का जिक्र सम्पादक की चेतनता एवं संवेदनशीलता का द्योतक है।
    उत्कृष्ट संपादकीय के लिए
    मेरी हार्दिक शुभकामनाएँ। साधुवाद।
    सादर
    डाॅ.दिनेश पाठक‘शशि’
    28, सारंग विहार, मथुरा-281006
    मोबाइल-9870631805
    ईमेल-drdinesh57@gmail.com

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