बड़े भाई का पत्र छोटे को

मेहेर वान

- मेहेर वान

रॉबर्ट ओपेनहाइमर (जन्म 1904) अमेरिकी परमाणु बम कार्यक्रम के प्रमुख और परमाणु बम के जनक कहे जाते हैं। उनके छोटे भाई फ़्रैंक ओपेनहाइमर (जन्म 1912) रॉबर्ट से लगभग आठ साल छोटे थे। फ़्रैंक ओपेनहाइमर भी बाद में भौतिकविद बने और कोलेरोडो विश्वविद्यालय में प्रोफ़ेसर रहे। सन 1929 में जब फ़्रैंक लगभग 17 साल के थे और उनकी युवावस्था शुरू हो रही थी तब वह युवा-जीवन की सहज समस्याओं से जूझ रहे थे, जिनमें पढ़ाई, लड़कियों से रिश्ते और घुड़सवारी जैसे मामले शामिल थे। हालांकि उस समय बड़े भाई रॉबर्ट की उम्र भी लगभग 25 ही थी मगर वह एक बड़े भाई की तरह अपने छोटे भाई को बेहतर जीवन जीने के लिए कुछ सलाहें दे रहे थे। फ़्रैंक के सवालों के जवाब में लिखा गया यह पत्र दो भाइयों के बीच लिखा गया एक बेहतरीन पत्र कहा जा सकता है।     

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ऑपैनहाइमर बंधु, सन 1915
14 अक्टूबर, 1929

प्रिय फ़्रैंक,

तुम्हारे पिछले लम्बे और उत्कृष्ट पत्र के लिए बहुत शुक्रिया। मुझे तुम्हें इससे पहले ही पत्र लिखना चाहिए था; मगर मैं बहुत ही अधिक व्यस्त था; और तुम उन लोगों में से भी नहीं हो जिन्हें मैं अपने खराब समय में पत्र लिख सकूँ। मैं तुम्हें इसलिए भी शुक्रिया कहना चाहता हूँ कि तुमने मुझे गर्मियों के बारे में अपनी रिपोर्ट भेजी, और खर्च और भंडारे के बारे में भी। क्या तुमने हार्वे को मरम्मत के खर्चों का ब्यौरा भेजा है? यदि नहीं तो मैं उसके लिए एक हलफनामा भेज सकता हूँ। अगली गर्मियों की खरीदारी के लिए मैं इस साल के अंत में ऑर्डर दूंगा; हम इस बारे में बाद में, समय आने पर पत्राचार कर लेंगे। क्या तुम घर के बाहर सीढियाँ बनाने की योजना को ठीक समझते हो? वास्तव में इनमें से कोई भी संशोधन बहुत ज़रूरी नहीं है।

आओ, हम नदी के घाट पर अगली गर्मियों में कम से कम एक महीना साथ गुज़ारने की योजना बनायें। मैं नहीं सोचता कि मैं “ऐन आर्बर” जाऊँगा, और इसकी वज़ह से मैं आधे-जून से आधी-जुलाई तक के लिए खाली हो जाऊँगा। तुम कब आ पाओगे? मेरे हिसाब से तुम्हारी परीक्षाएँ जुलाई तक चलेंगी, और भगवान के लिए उनमें अनुत्तीर्ण मत हो जाना अथवा हमारी गर्मियां बर्बाद हो जायेंगी। मैं यह भी सोचता हूँ कि यह और भी अच्छा होगा कि जब हम मिलें तो हमारे साथ कोई और न हो। यदि तुम चाहते हो कि तुम्हारे दोस्त तुम्हारे साथ रहें तो उन्हें अगस्त के बाद आने को बोलो; और यदि मैं किसी को बुलाना चाहूँगा जिसमें मुझे भ्रम है तो मैं उन्हें इस साल की शुरुआत में बुला लूँगा। टोलमेन के परिवार ने अपनी यात्रा के बारे में बड़ी ही गर्मजोशी से बातचीत की है, और उन्होंने मुझे तुम्हें फिर से शुभकामनाएँ और धन्यवाद कहने का आग्रह किया है। मुझे लगता है कि मुझे ‘पेरो केलियेंटे’ को ज़रूर याद करना चाहिए- यह उस सम्बन्ध में हैं कि उनका नाम बहुत ख़राब है और तुमने उन्हें जितना भी हो सकता है उतना नज़रअंदाज करके सही किया। लेकिन हम जल्दी ही अगली गर्मियों की छुट्टियों की योजना बना लेंगे, और यहाँ तक कि हम, इसे पिछली छुट्टियों से और अधिक बेहतर, काम की और वैचारिक बनाने की कोशिश करेंगे।

तुम जो भावनाएँ घोड़ों के लिए लिखकर भेज रहे हो वह बहुत ही जिज्ञासापूर्ण है। यह मेरी सोच से परे है कि तुम्हारी घोड़ों के लिए सहनशक्ति या तो बहुत अधिक असामान्य है या फिर वास्तव में बहुत अधिक भयंकर है; मैं नहीं सोच सकता कि यह मेरे लिए कहना डरावना होगा और यह यदा-कदा सत्य भी है कि- मुझे दोस्तों से अधिक भौतिकी की आवश्यकता होती है; और हम दोनों लोगों के उपरोक्त दावे एक ही तरह के ही महसूस होते हैं। जैसा कि घोड़ों के साथ तुम्हारे दुर्व्यवहार का सवाल है, तुम्हें खुद को पहचानना चाहिये; और यदि घोड़ों को धमकाने की तुम्हारी प्रवृत्ति वास्तविक है तो मैं सोचता हूँ कि तुम सही कह रहे हो – इच्छाओं पर पैनी नज़र रखी जानी चाहिए और उन्हें अनुशासन में रखा जाना चाहिए। लेकिन यह आसान नहीं है- कम से कम मेरे लिए अपनी इच्छाओं से मुक्त होकर किसी को धमकाना आसान नहीं है; शायद यह इसलिए भी है क्योंकि मेरी समझ से अपने रिश्तों में हम अनंत प्रशंशनीय तरीके से इतनी कम धमकियां देते हैं कि ऐसे में हमें खुद अपने अन्दर के जानवर के अंशों को खोजकर डरना चाहिए।

मेरे पास भटकावों के लिए समय नहीं है; लेकिन मैं हफ्ते में एक बार घुड़सवारी कर लेता हूँ। यहाँ कुछ बेहतरीन घोड़े हैं और सैन-फ्रांसिस्को की खाड़ी के ऊपर से झाँकती पहाड़ियों के पास गाँव है, और एक खुशनुमा साथी है। और समय समय पर मैं क्रिसलर को निकालकर पूरी अक्लमंदी के साथ इसे सत्तर की गति से चलाते हुए किसी एक दोस्त को डराता हूँ। यह कार बिना काँपे पचहत्तर मील की गति से चल सकती है। मैं एक दुष्ट ड्राइवर हूँ और रहूँगा... काम भी बहुत इकठ्ठा होकर पास आ रहा है। मैं पर्याप्त काम नहीं करता क्योंकि मैं आलसी और व्यस्त हूँ, और मेरे अन्दर इतनी शक्ति नहीं है कि जो काम मुझे करना चाहिए उसे किसी दुसरे शैतान के पास जाने दूँ।

न्यू यॉर्क की कुँवारी लड़कियों के साथ रिश्ते रखने सम्बन्धी नज़रिए के बारे में जो सलाह मुझे तुम्हें देनी चाहिए वह शायद तुम्हें अच्छी न लगे। मैं कहना चाहता हूँ कि तुमने इन प्राणियों को, तुम्हें चिंता की स्थिति में डाल पाने की मोहलत दी है, इस मामले में गलती तुम्हारी है; और यह कि यदि तुम उनके साथ बहुत आसानी से दिल के रोगी हो जाते हो, तो इसका मतलब यह है- क) कि वे तुम्हारे लिए उससे भी अधिक महत्वपूर्ण हैं जितना कि तुम उनके लिए महत्वपूर्ण हो। ख) वे तुम्हारे लिए अनिश्चित और अस्वीकृत कारणों से महत्वपूर्ण हैं और यह इरादे की उस अनिश्चितता के कारण है जिसके बारे में तुम्हारी कोई समझदारी ही नहीं बन पाती। मैं तुम्हें कहना चाहता हूँ कि उन लड़कियों से तब तक कोई वास्ता मत रखो जब तक कि यह तुम्हारे वास्तविक आनंद के लिए न हो; और यह कि तुम्हें केवल उन लड़कियों का ही साथी बनना चाहिए जो न सिर्फ तुम्हें ख़ुशी दें बल्कि उन्हें भी इससे ख़ुशी मिले और जो लडकियाँ तुम्हें सहजता प्रदान करें। बातचीत शुरू करने का इकरारनामा हमेशा लड़की की ओर से ही होना चाहिए, यदि लड़की इसे स्वीकार नहीं करती है तब तुम अपनी बाकी बची बातचीत को खुशनुमा बनाने के अलावा कुछ और नहीं कर सकते। वैसे किसी भी तरह से, अभी तुम्हारे पास और अधिक ज़रूरी काम हैं; और तुम्हें भटकावों और अवरोधों में तब तक बह जाने से बचना चाहिए जब तक कि यह अवरोध तुम्हें सच्ची ख़ुशी और सच्चे समझौतों का वादा नहीं करते। लेकिन मैं तुमसे यह बहानेबाज़ी बिलकुल भी नहीं करना चाहता कि यह मसले बहुत ही आसान हैं। हालांकि यह हर कोई चाहता है कि वह महिलाओं को आकर्षित करे और वह महिलाओं के लिए खुशनुमा हो, और यह इच्छा पूर्ण रूप से न सही, लेकिन मोटे तौर पर गुमान/गुरूर का एक प्रदर्शित रूप है। लेकिन किसी को महिलाओं को खुश करने के लक्ष्य को हासिल करने के बजाय यह कोशिश करनी चाहिए वह खुद में बेहतर अभिरुचि, अभिव्यक्ति की सुन्दरता, अथवा ख़ुशी पाने के लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास करे, क्योंकि यह चीजें कोई विशिष्ट लक्ष्य जैसे नहीं है जिन्हें पाने के लिए किसी को बहुत अध्ययन करना पड़े बल्कि यह किसी के जीवन जीने की सम्पूर्णता का विवरण हैं। खुश रहने का प्रयास करना एक ऐसी मशीन बनाने जैसा है जो बिना शोरगुल किये सहजता से चले। 

मैं खुश हूँ कि स्कूल में तुम्हारा काम इतने खुशनुमा तरीके से चल रहा है; मुझे याद है कि जब मैं सीनियर था तो मुझे स्मिथ और मज्जी के साथ कितना मज़ा आता था। क्या तुम यह पहले से जानते हो कि किसी भी कोण का ज्या (Sine) इस प्रकार की अनंत श्रेणी के रूप में भी लिखा जा सकता है-

कृपया, जल्दी ही फिर पत्र लिखना। मेरी इच्छा है कि काश हमारे पास बात-चीत करने का कोई और बेहतर माध्यम होता। मैं नहीं जानता कि यह तुम्हारे लिए अच्छा होगा या नहीं; लेकिन मुझे लगता है कि यह बेहतरीन होगा यदि तुम बाहर यहीं-कहीं स्कूल जा सकते। 
तुम्हारा 
आर.
अक्टूबर, 14

Source Courtesy: Frank Oppenheimer papers, Bonecraft Library, University of California, Berkeley
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