पत्रकारिता में अनुवाद: संतोष अलेक्‍स

संतोष अलेक्स
मानव जीवन में पत्रकारिता अपने महत्‍वपूर्ण स्‍थान एवं उच्‍च आदर्शों के पालन के लिए सदैव अपनी पहचान बनाती आ रही है। पत्रकारिता हमारे लिए कोई नया शब्‍द नहीं है। सुबह होते ही हमें अखबार की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा रेडियो, दूरदर्शन, इंटरनेट एवं सोशियल मीडिया के माध्‍यम से समाचार प्राप्‍त कर सकते हैं। इन माध्‍यमों से हमें समाचार के अतिरिक्‍त मनोरंजन भी प्राप्‍त होता है। कुल मिलाकर पत्रकारिता के भिन्‍न माध्‍यम जैसे समाचार पत्र, पत्रिकाएँ, रेडियो, टेलिविजन, इंटरनेट, सोशियल मीडिया ने व्‍यक्ति से लेकर समूह तक और देश से लेकर सारे विश्‍व को एक सूत्र में बांध दिया है। इसके परिणामस्‍वरूप पत्रिकारिता आज राष्‍ट्रीय स्‍तर पर विचार, अर्थ, राजनीति और यहाँ तक कि संस्‍कृति को भी प्रभावित करने में सक्षम हो गयी है। 1

पत्रकारिता के क्षेत्र में अनुवाद प्रत्येक समय आवश्यकता होती है। किंतु यह विडंबना ही है कि हमारे हिंदी अनुवादकों के पास अनुवाद के लिए अधिक समय नहीं होता है। उन्हें दी गई सामग्री का तुरंत अनुवाद और प्रकाशन करना होता है। यह समाचार किसी भी विषय से संबद्ध हो सकता है। यह आवश्यक नहीं कि अनुवादक को उस विषय की पूर्ण जानकारी ही हो। इसी प्रकार यह भी संभव है कि कभी-कभी कथ्य का संपूर्णतया अंतर न हो सके, क्योंकि प्रत्येक भाषा का पाठक वर्ग तथा सामाजिक, सांस्कृतिक संदर्भ अलग ही होते हैं। इस प्रकार अनुवादकों के सामने कई समस्या सफल पत्रकारिता के लिए बाधाएँ बनती हैं। 

पत्रकारिता के क्षेत्र में अनुवाद करते समय सबसे पहले भाषा संरचना की समस्या देखने को मिलते हैं। भाषा के संदर्भ में दो-तीन प्रश्न हमारे सामने उठते हैं- एक पत्रकारिता की भाषा स्वरूप क्या है? क्या पत्रकारिता की भाषा स्वरूप विशिष्ट है? हाँ, अवश्य पर विज्ञान और आयुर्विज्ञान की भाषा के समान न तकनीकी है और न तो अधिक साहित्यिक ही है और न ही सामान्य बोलचाल की भाषा। इसे हम किसी सीमा तक लिखित और औपचारिक भाषा के समकक्ष तथा निश्चित प्रयोजनमूलक स्तर पर से संबद्ध भाषा मान सकते हैं। हम इसे संपादित शैली में प्रस्तुत भाषा मान सकते हैं, जहाँ प्रत्येक विषय सुविचरित है, प्रत्येक विषय के लिए निश्चित स्थान, स्तंभ और पृष्ठ हैं। कभी-कभी स्थिति विशेष में पारिभाषिक शब्दों का प्रयागे करना पड़ता है। प्राय: पत्र की भाषा में लोक व्यवहार में प्रयुक्त होने वाली शब्दावली का प्राचुर्य रहता है। पत्रकारिता की भाषा में सर्वजन सुबोधता तथा प्रयोगधर्मिता का गुण होना आवश्यक है।

भिन्‍न प्रकार के समाचारों के अनुवाद से संबंधित समस्‍याओं पर यहाँ पर विचार किया जा रहा है। 

(1) अंतर्राष्‍ट्रीय समाचार 

उदाहरण -1 
मंगल के जजीरो क्रेटर में सफल लैंडिंग की कोई गारंटी नहीं, कल शाम होगा रोवर परसिवरेंस का टच डाउन

नई दिल्‍ली (ऑनलाइन डेस्‍क)। नासा का मार्स रोवर परसिवरेंस करीब 40 लाख किमी की यात्रा करने के बाद अब मार्स पर उतरने के करीब है। गुरुवार 18 फरवरी 2021 को ये मार्स की सतह पर उतरेगा, जिसके लिए अमेरिकी स्‍पेस एजेंसी के वैज्ञानिक काफी उत्‍साहित हैं। इसकी रोवर की सही लैंडिंग ही ये तय करेगी कि वहाँ पर आगे के शोध कैसे होंगे। आपको बता दें कि मंगल पर उतरने वाला नासा का ये पांचवां रोवर है। इस रोवर को अमेरिका के स्‍थानीय समयानुसार शाम 3:55 (3:55 p। m। EST (12:55 p। m। PST Feb। 18, 2021) बजे जेजीरो क्रेटर में उतरना है। 
नासा के मुताबिक जेट प्रपल्‍शन लैब के वैज्ञानिक पर इस निगाह बनाए हुए हैं और फिलहाल सबकुछ ठीक है। हालांकि उन्‍होंने माना कि इसकी लैंडिंग जितना सोचा है उससे कहीं अधिक चैलेंजिंग होगी। नासा का कहना है कि ये उनका अब तक का सबसे महत्‍वाकांक्षी प्रोजेक्‍ट है। नासा हैडक्‍वार्टर के वैज्ञानिक थॉमस जुर्बुकेन के मुताबिक ये रोवर मंगल पर जीवन की खोज करेगा। 2

उपयोग किए गए अंग्रेजी शब्‍द 

स्‍पेस एजेंसी 
लैंडिंग 
क्रेटर 
जेट प्रपल्‍शन
चैलेंजिंग 

पत्रकारिता का कार्य रोजाना देश, दुनिया में घटित घटनाओं, आंदोलन, घोटाला, आविष्‍कार, विभिन्‍न समस्‍या अपने कलेवर में लिए हुए रहते हैं। इसमें ऐसे शब्‍द आते हैं जो अपनी विशिष्‍टता लिए हुए रहते हैं। इसमें कुछ आंचलिक, कुछ विज्ञान, कार्यालयी आदि कई तरह के होते हैं। इन शब्‍दों को पाठकों के सामने रखना पत्रकार के लिए चुनौती होती है। ऐसे शब्‍दों का हिंदी में अनुवाद किया जाए। उपर्युक्‍त उदाहरण -1 में अंग्रेजी शब्‍दों का उपयोग उसके समतुल्‍य हिंदी शब्‍द से भी बेहतर संप्रेषणीय है। इसलिए यहाँ अंग्रेजी शब्‍दों का उपयोग समीचीन है। 

(2) स्‍थानीय समाचार 
उदाहरण - 2

वाराणसी में फास्टैग अनिवार्य होने के बाद जाम दोगुना, तीन दिन से लगातार हाइवे जाम

वाराणसी, जेएनएन। डाफी टोलप्लाज़ा पर फास्टैग अनिवार्य को लेकर 14/15 की रात से ही जाम का सिलसिला शुरू हुआ तो दोनों तरफ गाड़ियों की कतार लग गयी। जाम के कारण स्थिति ऐसी हो गई है कि मोहनसराय से डाफी तक पहुँचने में 10 किमी की दूरी में 10 घंटे लग जा रहे हैं। हाइवे पर जाम के कारण सोमवार की सुबह आधा शहर जब जाम की चपेट में आया तो यातायात और पुलिस विभाग ने सड़क पर उतरा तब जाम से राहत मिली लेकिन हाइवे का जाम बना हुआ है। टोलप्लाजा की लापरवाही को देखते हुए एसपी ट्रैफिक की तरफ से नोटिस जारी किया है और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। फास्टैग के लिए डाफी टोलप्लाज़ा पर आधुनिक सिस्टम और सर्वर काफी धीरे चल रहा है। यहाँ ऑटोमैटिक की जगह हैंड रीडर से गाड़ियों पर चढ़कर स्कैन किया जा रहा है जिसके कारण काफी समय लगता है। जिसके कारण जाम बढ़ता जा रहा है। डाफी से मोहनसराय और दूसरी तरफ रामनगर के आगे तक गाड़ियों की कतार लगी हुई है। भीषण जाम के कारण एनएचएआई गाड़ियों को वापस करने का नियम लागू नहीं हो पा रहा है उसकी जगह फास्टैग नहीं होने पर दो गुना जुर्माना लेकर वाहनों को छोड़ा जा रहा है। 3

उपयोग किए गए अंग्रेजी शब्‍द 

जाम 
सिस्‍टम 
सर्वर 
ऑटोमैटिक
हैंड रीडर
स्कैन

पत्रकारिता की भाषा के संबंध में एक प्रचलित व्‍याख्‍या है कि यह लिखित, सुविचारित और संपादित होती है। उपर्युक्‍त उदाहरण – 2 से यह बात स्‍पष्‍ट होती है कि यहाँ रिपोर्टर ने जल्‍दी बाजी में रिपोर्ट तैयार की है। यहाँ समाचार पाठक वर्ग की बौद्धिकता एवं ग्रहणशीलता की क्षमता के अनुरूप नहीं ढला है। 4
 
पत्रकार को चाहिए कि इसका हिंदी अनुवाद प्रस्‍तुत किया जाए। जाम, ऑटोमैटिक, सर्वर 
आदि का हिंदी अनुवाद उपलब्ध है। ऐसे में अनुवाद में इनका उपयोग किया जाना चाहिए जिससे बेहतर संप्रेषण हो सके। 

(3) व्‍यापार से संबंधित समाचार 
उदाहरण - 3

PF Interest Rate: 2020-21 के लिए जमा पर ब्याज दर चार मार्च को घोषित कर सकता है EPFO

नई दिल्ली, पीटीआइ। रिटायरमेंट फंड बॉडी (EPFO) वित्त वर्ष 2020-21 के लिए चार मार्च को भविष्य निधि जमा पर ब्याज दर की घोषणा कर सकता है। चार मार्च को श्रीनगर में ईपीएफओ की बैठक है। इस बैठक में 2020-21 के लिए ब्याज दर की घोषणा करने के प्रस्ताव पर फैसला हो सकता है। ईपीएफओ के एक ट्रस्टी के मुताबिक, ट्रस्टियों के केंद्रीय बोर्ड की अगली बैठक श्रीनगर में चार मार्च को होनी है। जल्द ही इस बैठक का एजेंडा शेयर किया जाएगा। इस बात की अटकलें हैं कि ईपीएफओ इस वित्त वर्ष (2020-21) के लिए भविष्य निधि जमा पर ब्याज दर घटा सकता है, जो 2019-20 के लिये 8। 5 प्रतिशत थी। 5

उपयोग किए गए अंग्रेजी शब्‍द 

रिटायरमेंट
फंड
बॉडी
ट्रस्टी
एजेंडा

पिछले चार दशकों में अनुवाद एक आधुनिक शास्‍त्र मॉडर्न डिसिप्लिन के रूप में अपनी पहचना बनाई है। इस पहचान ने अनुवाद को मात्र साहित्‍य केंद्रित माननेवाली धारणा को काफी कुछ बदल दिया है। अनुवाद की प्रक्रिया और अनूदित पाठ की प्रकृति पर इस बीच साहित्‍यकारों ने नहीं बल्कि भाषा वैज्ञानिकों, सूचना सैद्धांतिकों, तर्क शास्‍त्रियों और अर्थ शास्‍त्रियों जैसे विभिन्‍न ज्ञान क्षेत्र के लोगों ने विचार प्रारंभ किया। इन अंतर्विद्यावर्ती संपर्क के विकास के साथ ही अनुवाद सामग्री के रूप में साहित्‍य से इतर अनेक प्रकार की विविध सामग्री को महत्‍व देने और इनके अनुवाद कार्य को गंभीरता से देखने की दृष्टि उपजी। उदाहरण – 3 विषय विशेष से संबंधित है इसलिए अनुवाद में अंग्रेजी शब्‍दों का उपयोग तर्कसंगत है। 

(4) खेल समाचार 
उदाहरण - 4
न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने किया ऐलान, IPL 2021 के लिए खिलाड़ियों को मिलेगी NOC

नई दिल्ली, एएनआइ। न्यूजीलैंड क्रिकेट (NZC) इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के आगामी संस्करण के लिए अपने खिलाड़ियों को अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्रदान करेगा। एनओसी देने के साथ-साथ कीवी क्रिकेट बोर्ड की ओर से यह भी पुष्टि की गई है कि न्यूजीलैंड के खिलाड़ी आइपीएल के पूरे संस्करण के लिए उपलब्ध होंगे। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि टेस्ट सीरीज के कारण इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के खिलाड़ी आइपीएल के 14 वें सीजन के नॉकआउट मुकाबलों को मिस करेंगे, लेकिन न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने इस पर स्पष्टीकरण दे दिया है कि ऐसा नहीं होगा। 6

उपयोग किए गए अंग्रेजी शब्‍द 

आई पी एल 
रिपोर्ट्स
टेस्ट सीरीज
नॉकआउट
मिस
कीवी 

उपर्युक्‍त उदाहरण – 4 खेल समाचार से संबंधित है। प्रस्‍तुत अनुवाद में उपयोग किए गए अंग्रेजी शब्‍द में टेस्‍ट सीरीज, नाकआउट, आई पी एल आदि पारिभाषिक शब्‍द है जो खेल विशेष की जानकारी देते हैं। अत: अनुवाद की दृष्टि से यह सही है। 
 
(5) बिज़नेस समाचार 
उदाहरण - 5

Kareena Kapoor Khan के कज़िन अरमान जैन ED दफ़्तर पहुँचे, मनी लॉन्ड्रिंग केस में चल रही पूछताछ

नई दिल्ली, जेएनएन। करीना कपूर के कज़िन अरमान जैन मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को लेकर प्रवर्तन निदेशालय के रडार पर आ गये हैं। बुधवार को अरमान पूछताछ के लिए ईडी के मुंबई स्थित दफ़्तर पहुँचे। पिछले हफ़्ते अरमान के घर पर ईडी की रेड के बाद उन्हें समन भेजा गया था। 

यह दूसरी बार है, जब अरमान जैन को जांच एजेंसी ने तलब किया था। पिछले हफ़्ते भी उन्हें बुलाया गया था, पर निजी कारणों के चलते उन्होंने उपस्थित होने में असमर्थता ज़ाहिर की थी। पिंकविला की रिपोर्ट के अनुसार, अरमान का नाम शिव सेना के विधायक प्रताप सरनाइक के बेटे विहाँग से नज़दीकियों के चलते केस में सामने आया है। विहाँग के ख़िलाफ़ भी मनी लॉन्ड्रिंग केस में जांच चल रही है। उनसे भी ईडी ने पूछताछ की थी। प्रवर्तन निदेशालय प्रताप सरनाइक की सिक्योरिटी गार्ड कम्पनी टॉप्स ग्रुप के ख़िलाफ़ एक मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच चल रही है। 7

उपयोग किए गए अंग्रेजी शब्‍द 

लॉन्ड्रिंग
ईडी
रेड
मनी लॉन्ड्रिंग
केस
सिक्योरिटी गार्ड
कम्पनी

प्रस्‍तुत उदाहरण बिजिनेस समाचार से संबंधित है। उदाहरण – 3 की तरह यह भी विषय विशेष से संबंधित है। उपर्युक्‍त अंग्रेजी शब्‍दों के समतुल्‍य हिदी शब्‍द से अनुवाद किया जा सकता है। चूंकि इसमें संपत्ति की बात कही गयी है अनुवादक ने अंग्रेजी शब्‍दों का हिंदी में वैसे ही उपयोग किया है।

(6) जीवनशैली से संबंधित समाचार
उदाहरण - 6

ग्लोइंग स्किन के साथ चाहिए कील-मुंहासों से भी छुट्टी, तो रोज़ाना सोने से पहले करें ठंडे पानी से चेहरे की सफाई

स्किन से जुड़ी समस्याओं जैसे कील-मुंहासों, दाग-धब्बों से छुटकारा पाना है तो रोज़ाना रात को सोने से पहले नॉर्मल पानी से करें चेहरे की सफाई। फेसवॉश से चेहरा साफ करें और फिर मुंह में हवा भरकर पानी के छीटें मारें। इससे चेहरे पर ब्लड सर्कुलेशन तेजी से होता है जो चेहरे पर होने वाली समस्याओं से बचाता है। कुछ हफ्तों के लगातार इस्तेमाल के बाद ही आपको इस घरेलू नुस्खे का फर्क नजर आने लगेगा। तो आइए जानते हैं इस ब्यूटी रूटीन के और क्या-क्या फायदे हैं। 

बढ़ती है स्किन की चमक
चेहरे की चमक को बढ़ाने और बनाए रखने के लिए ठंडे पानी से चेहरा धोने की आदत डालें रात को सोने से पहले। ठंडे पानी से चेहरा फ्रेश नजर आता है जो गुनगुने पानी से मुमकिन नहीं। ठंडे पानी से चेहरे की सफाई करने से स्किन का टेक्स्चर भी बूस्ट होता है। 8
उपयोग किए गए अंग्रेजी शब्‍द 

स्किन
नॉर्मल पानी
फेसवॉश
ब्लड सर्कुलेशन
ब्यूटी रूटीन
फ्रेश
टेक्स्चर
बूस्ट

पत्रकारिता का संपर्क जनता से है। इसलिए वह जनता के समझ में आना चाहिए। प्रस्‍तुत उदाहरण का एक वाक्‍य देखिए: 
a। ठंडे पानी से चेहरे की सफाई करने से स्किन का टेक्‍सचर भी बूस्‍ट होता है 
b ठंडे पानी से चेहरे की सफाई करने से त्‍वचा की बनावट बेहतर बन सकती है 
अनुवाद b बेह‍तर इसलिए है कि इसमें अंग्रेजी शब्‍दों का यथायोग्‍य हिंदी शब्‍दों का उपयोग किया गया है और यह ज्‍यादा संप्रेषणीय है। 

(7) शिक्षा-क्षेत्र के समाचार 
उदाहरण - 7
NIFT 2021 Answer Key: निफ्ट जनरल एबिलिटी टेस्ट के लिए 'आंसर की' जारी, ऐसे करें चेक

NIFT 2021 Answer Key: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) की प्रवेश परीक्षा 2021 के लिए प्रोविजनल 'आंसर की' जारी हो चुकी है। उम्मीदवार, ऑफिशियल वेबसाइट, nift। ac। in पर विजिट कर जनरल एबिलिटी टेस्ट (GAT) के लिए 'आंसर की' और रिस्पॉन्स शीट चेक कर सकते हैं। जिन उम्मीदवारों ने 14 फरवरी, 2021 को आयोजित लिखित प्रवेश परीक्षा में हिस्सा लिया था, वे आंसर की के माध्यम से अपने स्कोर का अनुमान लगा सकते हैं।

बता दें कि आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध प्रोस्पेक्टस के अनुसार, जनरल एबिलिटी टेस्ट के लिए आंसर की जारी होने का समय 17 फरवरी को सुबह 10 बजे निर्धारित किया गया था। हालांकि, वेबसाइट पर निर्धारित समय के अनुसार आंसर की जारी नहीं की गई। वेबसाइट पर आंसर की विलंब से उपलब्ध कराया गया। अब आंसर की उपलब्ध होने के बाद, उम्मीदवार इसे डाउनलोड कर सकते हैं। 9

उपयोग किए गए अंग्रेजी शब्‍द 

प्रोविजनल
आंसर
ऑफिशियल वेबसाइट   
जनरल एबिलिटी टेस्ट
रिस्पॉन्स शीट
प्रोस्पेक्टस
डाउनलोड

उपर्युक्‍त उदाहरण में प्रोविजनल, आंसर, ऑफिशियल, जनरल एबिलिटी टेस्ट, रिस्पॉन्स शीट आदि कई शब्‍दों के लिए क्रमश: अनंतिम, जवाब, सरकारी, सामान्‍य क्षमता परीक्षण, प्रतिक्रिया शीट आदि हिंदी शब्‍द उपलब्‍ध है। ऐसे में अनुवादक को चाहिए कि वह अंग्रेजी शब्‍दों के बजाय हिंदी शब्‍दों का उपयोग करें। 

(8) शिक्षा-क्षेत्र से समाचार 
उदाहरण 8 
AICTE ने कहा, इंजिनियरिंग में एड़मिशन के लिए जरूरी नहीं 12वीं में फिजिक्‍स और मैथ्स 10

आल इंडिया काउंसिल फोर टेकनिकल एडुकेशन ने अपनी अप्रूवेल हैंड बुक में कक्षा 12 में फिजिक्‍स और मैथ्स सब्‍जेक्‍ट को बीई बीटेक जैसे स्‍नातक इंजिनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए वैकल्पिक बनाया है। अब तक, इंजिनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश कक्षा 12 में मैथ्स और फिजिक्‍स विषयों के साथ-साथ रसायन विज्ञान/जैव प्रौद्योगिकी/ जीवविज्ञान/ तकनीकी व्‍यावसायिक विषय में से एक के आधार पर किया जाता था। 

उयोग किए गए अंग्रेजी शब्‍द 
इंजिनियरिंग
एड़मिशन
अप्रूवेल
हैंड बुक
सब्‍जेक्‍ट
मैथ्स
फिजिक्‍स

उपर्युक्‍त अंग्रेजी शब्‍द यथा इंजिनियरिंग, एड़मिशन, अप्रूवेल, हैंड बुक, सब्‍जेक्‍ट, मैथ्स, फिजिक्‍स आदि के लिए अभियांत्रिकी, प्रवेश, अनुमोदन, पुस्तिका, विषय, गणित और भौतिक विज्ञान शब्‍द उपलब्‍ध है। ऐसे में अनुवादक ने इन शब्‍दों के बजाय मूल अंग्रेजी शबदों का ज्‍यों का त्‍यों उपयोग किया जो हिंदी के प्रयोगमें बाधा उत्‍पन्‍न करती है। अनुवादक को हिंदी शब्‍दों का उपयोग कर समाचार तैयार किया जाना चाहिए। 

उदाहरण 9
धान के कटोरे में बर्बाद हो रहे धान और किसान, नहीं मिल रहे खरीदार, क्रय केंद्र भी बंद 

वाराणसी। पंजाब के किसानों के मोर्चे बंदी के बाद भी चंदौली के किसानों को एमएसपी ( मैक्‍स रिटेल प्राईस) नहीं मिल रहा है। फिलहाल बात करते हैं बरहनी ब्‍लाक के डेढ़गावां गांव में खुले यूपी एग्रो केंद की। यहाँ नवागत जिलाधिकारी ने गत 12 दिनों से धान की खरीदारी को बंद का दिया है। इस कारण किसान खलिहान में धान रखकर बेचने के लिए ग्राहक खोज रहे हैं। आलम यह है कि पैदावार में परिश्रम से कहीं अधिक परेशानी इसके ढेर की देखरेख में हो रही है, लिहाजा किसान परेशान है। धान की खरीदारी ठप होने से ठंड से किसानों के माथे पर पसीना बह रहा है। गांव में धान क्रय केंद खुलने के कारण व्‍यापारी भी गांव से रूखसत कर गए और धान लेने से हाथ खड़ा कर चुके हैं । 11

उपर्युक्‍त उदाहरण जन संदेश टाइम्‍स दैनिक से है जहाँ अनुवाद में पूरी तरह हिंदी का उपयोग किया गया है। 

प्रत्येक भाषा की निजी संरचना होती है। अनुवादक को इस ओर विशेष ध्यान देना चाहिए। उसे हिंदी की प्रकृति के अनुकूल और उपर्युक्त पत्रकारिता की भाषा की विशेषताओं को ध्यान में रखकर अनुवाद करने की चेष्टा करनी चाहिए जिससे सहजता और स्वाभाविकता बनी रहे। हिंदी में अनुवाद करते समय अंग्रेजी वाक्य रचना का अनुसरण करने से यह वाक्य को ज्‍यादा जटिल तथा अस्पष्ट बना देता है।

पत्रकारिता में अनुवाद की भूमिका बहुआयामी होती है- पाठक की, भाषा विश्‍लेषक की, विषय विशेषज्ञ की और द्विभाषी की। इसलिए अनुवाद की ये सारी क्षमताऍं या इनमें संबद्ध अक्षमताएँ अनवुाद की प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं और अंतत: इनका अच्‍छा या बुरा प्रभावअनूरित पाठ में दिखाई देने लगता है।

उपर्युक्‍त उदाहरणों से यह स्‍पष्‍ट होता है कि हिंदी के दैनिकों में अंग्रेजी शब्‍दों का प्रचुर मात्रा में उपयोग हो रहा है जो हिंदी भाषा की शैली के विपरीत है और भाषा की संरचना के खिलाफ है। इसलिए अनुवादक को चाहिए कि अनुवाद करते समय स्रोत भाषा के साथ न्‍याय करें और इसमें अंग्रेजी शब्‍दों का न्‍यूनतम उपयोग करें। 


संदर्भ 
1. शर्मा जयंत कर, ओडिसा राज्‍य मुक्‍त विश्‍वविद्यालय, संबलपुर, मई 2017 pg 2
2. दैनिक जागरण, 17 फरवरी 2021, पृ 1
3. वही पृ 1 
4. सिंह दिलीप, अनुवाद की व्‍यापक संकल्‍पना, वाणी प्रकाशन, 2011, पृ 131
5. दैनिक जागरण, 17 फरवरी 2021, पृ 2
6. वही पृ 2
7. वही पृ 3
8. वही पृ 3
9. वही पृ 3
10. जनसत्‍ता, मार्च 12, 2021 
11. जन संदेश टाइम्‍स, जनवरी 8, 2021

No comments :

Post a Comment

We welcome your comments related to the article and the topic being discussed. We expect the comments to be courteous, and respectful of the author and other commenters. Setu reserves the right to moderate, remove or reject comments that contain foul language, insult, hatred, personal information or indicate bad intention. The views expressed in comments reflect those of the commenter, not the official views of the Setu editorial board. प्रकाशित रचना से सम्बंधित शालीन सम्वाद का स्वागत है।