उपयुक्त, उत्कृष्ट और सटीक साक्षात्कारों का दस्तावेज: सवालों से टकराते हुए

समीक्षक: दिनेश पाठक ‘शशि’

28, सारंग विहार, मथुरा-6; चलभाष: +91 987 063 1805; ईमेल: drdinesh57@gmail.com

पुस्तक: सवालों से टकराते हुए (साक्षात्कार)
ISBN: 979-93-90265-41-1
लेखक: श्री दिविक रमेश
प्रकाशक: अमन प्रकाशन, कानपुर-208012 
मूल्य: ₹ 495.00 रुपये
पृष्ठ: 216
संस्करण: 2021


हिन्दी साहित्य की विविध विधाओं, कविता, काव्य नाटक, आलोचना, शोध, संस्मरण, साक्षात्कार, अनुवाद, बाल साहित्य आदि में समान अधिकार से लेखनी चलाने वाले प्रख्यात साहित्यकार श्री दिविक रमेश जी का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है।

आप, दिल्ली विश्वविद्यालय के मोतीलाल नेहरू महाविद्यालय के प्राचार्य पद से सेवानिवृत्त हुए तथा हांगुक यूनीवर्सिटी ऑफ फॉरेन स्टेडीज, सोल दक्षिण कोरिया के अतिथि आचार्य भी रहे।       

आपको विभिन्न अकादमीयों और संस्थाओं से मिले पुरस्कार और सम्मानों की सूची बहुत लम्बी है। यही कारण है कि उनके व्यक्तित्व और कृतित्व के मद्देनजर अनेकानेक विद्वानों एवं साहित्यकारों द्वारा समय-समय पर श्री दिविक रमेश जी के विभिन्न रूपों, विभिन्न उपलब्धियों और उनके बहुआयामी सृजन के बारे में जानने की जिज्ञासा प्रबल हुई और उनके साथ बातचीत के अवसरों के फलस्वरूप 216 पृष्ठीय पुस्तक 'सवालों से टकराते हुए' का सृजन हुआ।
दिनेश पाठक ‘शशि’

पुस्तक में 36 साक्षात्कार समाहित किए गये हैं जो श्री दिविक रमेश के कवि, बाल साहित्यकार, चिन्तक तथा अनुवादक आदि विविध रूपों को उजागर करने वाले उत्कृष्ट साक्षात्कार कहे जा सकते हैं।

श्री दिविक रमेश के अनुसार- "साक्षात्कार ऐसी साहित्यक विधा है जिसमें भेंट करने अथवा प्रश्न पूछने वाले और उत्तर देने वाले दोनों का लगभग बराबर का महत्व होता है। भेंटकर्ता की रचनाकार और साहित्य के सन्दर्भ में जितनी तैयारी होगी उतने ही तैयार उत्तर वह पा सकता है।"

निष्कर्षतः पुस्तक ‘सवालों से टकराते हुए’ साहित्यिक विधा साक्षात्कार के व्यापक रूप और महत्व को दर्शाने वाली भेंटकर्ताओं के उपयुक्त और उत्कृष्ट प्रश्नों के दिविक रमेश जी द्वारा दिए गये सटीक उत्तरों (साक्षात्कारों) का दस्तावेज है जो निश्चित ही अपनी उत्कृष्टता सिद्ध करने में पूर्णतः सफल होगी।

पुस्तक का आवरण नयनाभिराम एवं मुद्रण त्रुटिहीन है।

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