उषा छाबड़ा

इंसानियत की मशाल सब मिलकर उठाएँ
जश्न मानवता का एक जुट हों मनाएँ
चलो सब एक हो नया गीत गुनगुनाएँ
प्रेम के संदेश को जन–जन में फैलाएँ।
~ उषा छाबड़ा


उषा जी साहित्यिक अभिरुचि वाली अध्यापिका हैं। वे पिछले दो दशक से दिल्ली पब्लिक स्कूल, रोहिणी में अध्यापन कार्य में संलग्न हैं। उन्होंने कक्षा नर्सरी से कक्षा आठवीं तक के स्तर के बच्चों के लिए पाठ्य पुस्तकें एवं व्याकरण की पुस्तक श्रृंखला भी लिखी हैं। वे बच्चों एवं शिक्षकों के लिए वर्कशॉप लेती रहती हैं। बच्चों को कहानियाँ सुनाना उन्हें बेहद पसंद है। उनकी कविताओं की पुस्तक "ताक धिना धिन" और उस पर आधारित ऑडियो सीडी प्रकाशित हो चुकी हैं। आप उनसे उनके ब्लॉग अनोखी पाठशाला पर मिल सकते हैं।

शिक्षा: M.Phil (Hindi), M.A.(English & Hindi), B.Sc. (Zoology), B.Ed

अनुभव: Working with Delhi Public School, Rohini, Delhi (India)
script writer: For many stage shows of Delhi Public School, Natya Ballet Centre and NTPC. Also wrote the script for a cultural program in the Vishva Hindi Sammelan 2015, held in Bhopal.