लघुकथा: तकसीम

नवजिंदर अनेजा

नवजिंदर अनेजा

हिंदुस्तान ज़िंदाबाद, पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे आसमान तक गूंज रहे थे। ऐसा लगता था कि बँटवारे ने लोगों को उदास कर दिया था। हर ओर एक भगदड़ सी थी मानो लूट मच गयी हो। रात के सन्नाटे में जो दीये जलते थे, आज उसकी जगह जलती बस्तियों ने ले ली थी और परवानों की जगह इंसानो ने । दूर-दूर चीखें हवा को चीरकर सुनाई दे रही थीं। कोई खुद को छिपा रहा था और कोई सब छोड़कर भीड़ में भाग रहा था।

कुछ लोगों के लिए सिर्फ बटवारा ज़मीन तक ही सीमित नहीं रहा था। सुनने में आ रहा था कि मुसलमानों का नया देश पाकिस्तान बनेगा और भारत हिन्दू और अन्य धर्म वालों के लिये बचेगा। आदमी की फितरत ही कुछ ऐसी है, हर चीज़ में कोई ना कोई रिश्ता ढूंढ़ने की।

इस से पहले कि हिंदुस्तान-पाकिस्तान के नारे ख़तम होते, यहाँ कुछ और ही मंज़र बन गया था । जिस नमाज़ में अल्लाह का ज़िक्र अमन और शान्ति के लिए होता था, वही आज आदमी को मुर्दा करने में हो रहा था। जवाब में हिन्दू और सिख लोग भी अपने धर्मों के नारे लगा-लगा के जलते अंगारों को खून की घूँट दे रहे थे।

ज़मीन की सिंचाई हो रही थी खून और आग के शोलों के साथ। इसी ज़मीन पर, इसी बस्ती में जो लोग अलग-अलग धर्मों के होने के बावजूद भी अमन से रहते थे आज वे ही ज़मीन के आशियाने बिखेर रहे थे, सिर्फ और सिर्फ बटवारे के कारण बँट रहे थे।

कुछ ही दिन पहले जब इसी बस्ती में एक बच्चा पैदा हुआ था, सभी ने साथ मिलकर जश्न मनाया था। उस बच्चे को उन सभी का प्यार नसीब हुआ था, पर आखिर कब तक?

वही नन्हा, बेज़ुबान बच्चा, जो चल भी नहीं सकता था, जिसका कोई नाम नहीं था, न ही किसी मजहब से कोई नाता, जिसे हिंदुस्तान और पाकिस्तान जैसे शब्द तो दूर ,अपनी बस्ती तक का नहीं पता था। वह जो केवल एक इंसान था, इसी भगदड़ में, पैरों में लिथड़ रहा था, कभी किसी हिन्दू की ठोकर लगती, कभी सिख की, और कभी किसी मुस्लिम से चोट। वे छोटी- छोटी आँखें जिन्होंने सभी को एक सा देखा था, उन सभी की ही मार का शिकार हो रही थी। बच्चे का जिस्म भी जैसे हिस्सों में बँट गया था जैसे दिल एक मुल्क हो और दिमाग दूसरा जो एक ही शरीर के थे।

वह बच्चा अभी तक मरा नहीं है, बँटवारा होने के बाद भी। वह बस्ती अब हिंदुस्तान में भी है और पाकिस्तान में भी, दुनिया के हर कोने में है।

(टोबा टेक सिंह से प्रेरित)

1 comment :

  1. So proud of you Navjinder 😃👍
    This is so well written.

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