व्यंग्य: चंद्रयान-3 से आँखों देखा हाल

धर्मपाल महेंद्र जैन

बिंदास: धर्मपाल महेंद्र जैन

जी, आप नेशनल टीवी के सीधे प्रसारण में मुझे ही देख रहे हैं। मैं चंद्रमा पर उतरने वाला हूँ। यह चंद्रयान-3 मिशन है। हम चंद्रमा के उस विशाल गड्ढे में उतरने वाले हैं जहाँ तक दुनिया का कोई व्यंग्यकार नहीं उतरा। जी आपने सही समझा, हिंदी के व्यंग्यकार को अंग्रेज़ी में एस्ट्रोनॉट कहते हैं। ज़रा रूकें, हमारे प्रधानमंत्रीजी का फ़ोन आ रहा है।
प्रधानमंत्री - चाँद के इस अज्ञात गड्ढे में उतरने के लिए डेढ़ सौ करोड़ भारतवासियों की ओर से मैं आपको बधाई देता हूँ। बताइए चाँद से आपको भारत कैसा लग रहा है।
मैं - सारे जहां से अच्छा हिंदोस्ता हमारा।
प्रधानमंत्री – हाँ, हिंदूस्थान हमारा। विस्तार से बताइए भारत भूमि कैसी लगती है वहाँ से।
मैं - इंक्रेडिबल इंडिया, अतुल्य भारत। सारा देश हरा-भरा लग रहा है।
प्रधानमंत्री – हरा-हरा! नहीं, नहीं, आपको ग़लत दिख रहा है। सारा देश केसरिया-केसरिया दिखना चाहिए। मैं - सर हमारे खेत फसलों से भरे हैं, इसलिए हरे-हरे हैं।
प्रधानमंत्री – ना, ना। सब्सिडी हम देते हैं, किसान सम्मान निधि हम देते हैं, सब कुछ हम देते हैं फिर फसलों का रंग हरा क्यों, फसलों का रंग केसरिया होना चाहिए। हमारे वैज्ञानिक चंद्रयान-3 बना सकते हैं तो वे फसलों का रंग भी केसरिया कर सकते हैं। चलिए, हम यह बात उनसे करेंगे, आप तो हमारी टेक्नोलॉजी के बारे में देश को बताइए।
मैं - चंद्रयान की टेक्नोलॉजी रूस और अमेरिका को भी मात देती है सर। क्या साफ़ दिखता है, बारीक से बारीक दिखता है सर।
प्रधानमंत्री (उत्साहित होकर) – बताइए, बताइए।
मैं - सर पिछले महीने के टेप में बिहार का अस्पताल देखिये। बच्चे गलियारे में और मैदान में भरे पड़े हैं। डॉक्टर चमकी बुखार-बुखार चिल्ला रहे हैं। सर वहाँ न दवाइयाँ हैं, न बिस्तर हैं, पीने के लिए साफ़ पानी भी नहीं है। सर, सैकड़ों बच्चों की लाशें जमा हो गई हैं, सर आप कहें तो गिन कर बतायें, हमारी टेक्नोलॉजी बहुत तेज़ है सर।
प्रधानमंत्री – बिहार छोड़िए, वहाँ का मुखिया अपना नहीं है। यूपी दिखता है क्या?
मैं - जी साफ़-साफ़ दिखता है, पिछले दिनों के ही फोटो स्क्रीन पर हैं। लेटेस्ट टेक्नोलाजी का कमाल है सर जी। नंबर प्लेट पर कालिख पुता हुआ ट्रक दौड़ता आ रहा है, ग़लत लेन में लहराता जा रहा है। उसने सामने से आती कार को टक्कर मार दी, जिसमें भारत की एक बेटी बैठी थी, उसके साथ किसी विधायक ने दो साल पहले रेप किया था सर। पीछे बैठे गवाहों को मरा हुआ निकाल लिया गया है सर, रेप-पीड़िता का वकील और रेप-पीड़िता की हालत गंभीर है। हमारे वैज्ञानिक और उनकी टेक्नोलॉजी बेमिसाल है सर, सूक्ष्म से सूक्ष्म डिटेल मिलते हैं सर।
प्रधानमंत्री - बस यह नालायक पुलिस, विपक्षियों से मिली हुई है। हमारी महान संस्कृति को विपक्षियों ने बर्बाद कर दिया है। हमें विपक्ष मुक्त भारत चाहिए। अभी ताज़ा ख़बर क्या है।
मैं – तीन साल की बच्ची से वहशियों ने रेप करके उसका गला काट कर कहीं फेंक दिया है सर। बाकी शरीर कूड़े के ढेर में मिला है सर।
प्रधानमंत्री – बस करो, वैज्ञानिकों ने नेगेटिव प्रोग्रामिंग ज़्यादा कर दी है। कुछ अच्छा है तुम्हारे पास बताने को? हमने काले धन पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी, उसका ताज़ा हाल बता सकते हो क्या?
मैं – हाँ सर, पाँच सेकंड दीजिए, देश के चप्पे-चप्पे पर निगरानी कर रहे सेटेलाइट चंद्रयान से जुड़े हैं। हमारे पास सुपर-डुपर कम्प्यूटर हैं, लीजिए रिपोर्ट हाज़िर है। देश की निन्यानबे प्रतिशत जनता के पास काला धन नहीं है सर। कुछ राजनेताओं के पास हज़ारों करोड़ का कालाधन दिख रहा है, सर कुछ बड़े अधिकारियों और उद्योगपतियों के नाम भी लुप-झुप हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री - यह लिस्ट मेरे दो नंबर को भेज दो। पाँच राज्यों में अगला चुनाव जीतना है। तुम जाओ, उतरो अब चांद के गड्ढे में, मैं देश को बधाई दे देता हूँ चंद्रयान-3 के सफल मिशन के बारे में। जय हिंद।
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