पारुल रस्तोगी (प्रतिनिधि कवयित्रियाँ 2020)

पारुल रस्तोगी एक द्विभाषी कवयित्री हैं। ये भारतीय वायु सेना में वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी, और केंद्रीय विद्यालय संगठन में हिंदी अनुवादक भी रह चुकी हैं और 'काव्य और संगीत ’ नाम से एक यूट्यूब चैनल चलाती हैं, जहाँ वे समकालीन और दिग्गज कवियों की रचनाओं को प्रस्तुत करती हैं। वे हिंदी और अंग्रेजी में 300 से अधिक कविताएँ लिख चुकी हैं। वर्ष 2015 में उनका अँग्रेजी काव्य-संग्रह 'लव-कॉकटेल' लॉन्च किया गया। उसी वर्ष, एक बेस्टसेलिंग उपन्यास 'क्रॉसरोड्स' भी लांच किया गया, जिसका अनुवाद पारुल रस्तोगी ने किया था। इन्होंने संगीत एल्बम व अन्य के लिए गीत लिखे, संगीतबद्ध किए और गाए हैंI साथ ही, कविता और अन्य क्षेत्रों में कई पुरस्कार प्राप्त किये हैं।

पारुल रस्तोगी
रहने दो

वो जो दूर रहना चाहे, उसे रहने दो
ज़िन्दगी रुकती नहीं, इसे बहने दो।

यक़ीनन, तकलीफ़ तो होगी तुम्हें,
ज़रा, उसे भी तो अहसास रहने दो।

उसे ख़ुदा मत बना, मत बना,
वो इंसान है, इंसान ही रहने दो।

चलो, अब लौट आओ अपनी राह में,
वो 'कल' था, उसे 'कल' ही रहने दो।


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