सम्पादकीय: अनुराग शर्मा

अनुराग शर्मा
हिंदी दिवस बस बीता ही है। हिंदी प्रेमियों, हिंदी सेवकों, हिंदी रक्षकों, तथा हिंदी के कर्ता-धर्ताओं के साथ हम-आप जैसे सामान्य हिंदी पाठकों और साहित्यकारों के जीवन को भी इस दिन हिंदी ने (हर रोज़ की तरह ही) स्पर्श किया। सेतु के व्यंग्य स्तम्भकार धर्म जी ने इस अवसर पर हिंदी देवी के भक्तों कीअच्छी खबर ली है। 

इसी बीच केंद्रीय हिंदी संस्थान ने वर्ष 2018 के हिंदी सम्मान घोषित कर दिये हैं। सेतु की परामर्शदाता और प्रसिद्ध लेखिका डॉ. मृदुल कीर्ति को पद्मभूषण डॉ. मोटूरि सत्यनारायण पुरस्कार मिलने से समस्त सेतु परिवार अपने को गौरवान्वित अनुभव कर रहा है। मृदुल जी सहित सभी सम्मानितों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ। 

गांधी जी का जन्मदिन और विश्व शाकाहार दिवस निकट हैं। ये दिन अहिंसा, प्रेम और शाकाहार जैसे उन सद्गुणों की याद दिलाते हैं जिनपर भारतीय सभ्यता की नींव टिकी हुई है लेकिन जिनका महत्त्व आज सारा संसार समझता है। गांधी को गोली मारी गयी, बमियान के बुद्ध गिरा दिये गये, बौद्धों का तिब्बत ध्वस्त हुआ, लेकिन इन दुष्कृत्यों से न अहिंसा का महत्त्व कम हुआ न उस विचारधारा को पीछे धकेला जा सका। जब तक मानव सभ्यता रहेगी, अहिंसा और सत्य जैसे विचार उत्तरोत्तर प्रकाशित होते जायेंगे।

भारतीय सभ्यता के अनेक प्रमुख मूल्यों में सत्य और अहिंसा के साथ-साथ कृतज्ञता भी मूलभूत है। पितृपक्ष चल रहा हैं जो अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के साथ-साथ जीवन की नश्वरता को स्वीकारने का समय है। लैटिन वचन nanos gigantium humeris insidentes, जिसे न्यूटन सहित कई विद्वानों द्वारा उद्धृत बताया गया है, में भी वही भाव है। आधुनिक सभ्यता और उन्नति के पीछे हमारे पूर्वजों का अथक विश्वास, चिंतन और श्रम छिपा है, इसे नकारा नहीं जा सकता।

7 अक्टूबर को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की एक महानायिका दुर्गा भाभी का जन्मदिन है, और 15 अक्टूबर को उनकी जयंती। सेतु परिवार की ओर से विनम्र श्रद्धाञ्जलि के रूप में इस अंके में दुर्गा भाभी पर एक आलेख प्रस्तुत है 

सेतु का छोटा सा नवीनतम अंक आपको समर्पित है। पढ़िये, पढ़ाइये, और हमें अपने विचारों से अवगत कराइये।
 
शुभाकांक्षी,

सेतु, पिट्सबर्ग
30 सितम्बर 2021 ✍️

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