हिंदी भाषा: शक्ति का सशक्तीकरण

मार्च का मास महिला इतिहास मास होता है और 8 मार्च का दिन विश्व महिला दिवस। स्वाभाविक है कि इन दिनों का हॉट टॉपिक 'महिला सशक्तीकरण' या 'नारी सशक्तीकरण' ही रहा था, बस एक अंतर के साथ - वह यह कि अधिकांश जगह सशक्तीकरण के स्थान पर सशक्तिकरण लिखा हुआ पाया। जब मैंने दोनों शब्दों को गूगल किया तो इंटरनैट पर सशक्तिकरण शब्द को प्रचुर संख्या में पाया। सच यह है कि बिंग के अनुसार सशक्तिकरण की उपस्थिति सशक्तीकरण से डेढ़ गुनी थी। ग़लत वर्तनी की इस असामान्य उपस्थिति ने मुझे असहज किया तो सेतु के हिंदी सलाहकार डॉ. सत्यवीर सिंह से पुष्टि की और उनसे वार्ता के बाद लगा कि इस पर एक आलेख की आवश्यकता है ताकि जनसामान्य को ध्यान रहे कि सशक्तिकरण न होकर सशक्तीकरण क्यों होता है।
सशक्तीकरण की बात करते समय यह समझना महत्त्वपूर्ण है कि यह अनुकरण या व्याकरण जैसा शब्द न होकर वर्गीकरण की श्रेणी का शब्द है। सशक्त में करण प्रत्यय जोड़ने से सशक्तीकरण बना है।

हिन्दी में दो प्रकार के प्रत्यय प्रयुक्त होते हैं। क्रियाओं के साथ जुड़ने वाले प्रत्यय 'कृत् प्रत्यय' कहलाते हैं जबकि संज्ञा, सर्वनाम, या विशेषण के साथ जुड़ने वाले प्रत्यय 'तद्धित प्रत्यय' कहलाते हैं। 'करण' पर समाप्त होने वाले 'सशक्तीकरण' जैसे शब्द च्वि प्रत्यय से बने हैं। यह प्रत्यय संस्कृत से यथारूप लिया गया है। 'च्वि' प्रत्यय परिवर्तन दर्शााने के लिए प्रयुक्त होता है, यथा अशुद्ध को शुद्ध करना, अशक्त को सशक्त करना, या अमानक को मानक करना। यह प्रत्यय जिस शब्द के अंत में जुड़ता है उसका अन्तिम स्वर दीर्घ हो जाता है, यानी उ का ऊ तथा इ का ई हो जाता है। मूल शब्द यदि अवर्णान्त हो तो च्वि प्रत्यय उसे ईकारान्त बना देता है, यथा शुद्ध से शुद्धीकरण व सशक्त से सशक्तीकरण। यदि मूल शब्द के अंत में कोई स्वर है तो ई उसे प्रतिस्थापित कर देता है, यथा तुष्टि से तुष्टीकरण, या पुष्टि से पुष्टीकरण।

लघूकरण, गुरूकरण, निजीकरण, मानकीकरण, सरलीकरण, समूहीकरण, साधारणीकरण, सामान्यीकरण, शुद्धीकरण, वृद्धीकरण, वशीकरण, वर्गीकरण, पुष्टीकरण, विद्युतीकरण, औद्योगीकरण, तुष्टीकरण, नवीनीकरण, सशक्तीकरण, आधुनिकीकरण, प्रस्तुतीकरण, स्पष्टीकरण, पश्चिमीकरण, पृथक्कीकरण आदि कुछ ऐसे शब्द हैं।

बाज़ारीकरण, मशीनीकरण, व कम्प्यूटरीकरण भी कुछ ऐसे ही उदाहरण हैं। बाज़ारीकरण में आवासीय या कृषि क्षेत्र अथवा अमूल्य भावनाओं आदि के बाज़ारीकरण का भाव है। मशीनीकरण में श्रम, पशुबल या हाथ आदि से किये जाने वाले कार्यों को मशीन द्वारा करने का भाव है। इसी प्रकार व कम्प्यूटरीकरण में कागज़, कलम आदि से किये जाने वाले कार्यों को कम्प्यूटर द्वारा करने का भाव है। यहाँ भी जो पहले नहीं था, उस रूप में परिवर्तन का भाव है इसलिये इसमें च्वि प्रत्यय का प्रयोग है।

एक बार फिर, ध्यान रहे कि अनुकरण शब्द सही है क्योंकि यह 'च्वि' प्रत्यय का उत्पाद नहीं, बल्कि अनु और करण की संधि है। इसी प्रकार व्याकरण शब्द भी वि + आ+ करण होने के कारण सही है और अधिकरण में अधि + करण की संधि है। अभिकरण, प्राधिकरण आदि भी इसी प्रकार की संधियाँ हैं जिनमें कोई परिवर्तन इंगित नहीं है और च्वि प्रत्यय का प्रयोग नहीं है, बल्कि करण शब्द में विभिन्न उपसर्ग जोड़े गये हैं इसलिये वहाँ करण से पहले ई नहीं लगता है।

1 comment :

  1. हिंदी भाषा के बहुत ही लाभदायक लेख है ।

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