मृदुल कीर्ति

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में जन्मी डॉ. मृदुल कीर्ति आजकल अमेरिका में रहते हुए रचनाकर्म में संलग्न हैं। वे सामवेद, नव-उपनिषद, श्रीमद्भग्वद्गीता, योग सूत्र, शंकर पंचदशी, तथा अष्टावक्र गीता का काव्यानुवाद कर चुकी हैं। 'इहातीत क्षण' शीर्षक से उनका आद्यात्मिक गद्य काव्य प्रसिद्ध हुआ है। आजकल वे शंकराचार्य कृत 'विवेक चूड़ामणि के हिंदी काव्यानुवाद में व्यस्त हैं।

शिक्षा
- पीएचडी (राजनीति शास्त्र), मेरठ विश्वविद्यालय, मेरठ
- एमए (राजनीति शास्त्र), आगरा विश्वविद्यालय, आगरा
- एमए (साहित्य रत्न), इलाहाबाद विश्वविद्यालय, इलाहाबाद

सम्मान
- उत्तर प्रदेश संस्कृत साहित्य अकादमी का अनुवाद पुरस्कार
- सर्वोत्तम वक्ता सम्मान लायंस इंटरनेशनल द्वारा
- सर्वोत्तम वक्ता सम्मान जेसीज़ इंटरनेशनल द्वारा
- विश्व हिंदी सेवा सम्मान, अखिल भारतीय मंचीय पीठ द्वारा

ईमेल: mridulkirti@gmail.com