लघुकथा: रोलमॉडल

रश्मि प्रणय वागले

रश्मि प्रणय वागले

"अरे अरे ये क्या कर रही हो?" रागिनी ने चौंक कर बिटिया से पूछा
"कुछ नहीं माँ ये तो आजकल ट्रेंड में हैं " स्पृहा ब्लेड लेकर बड़े ही करीने से अपनी जींस पर घुटनों के थोड़ा ऊपर कट लगाए जा रही थी।" आजकल लड़कियाँ ऐसी ही जींस पहनती हैं।"
"ये ऐसे बेतरतीब, और ऊलजलूल स्पष्टीकरण मुझे मत दे। कॉलेज जा रही हो तो सलीके से जाओ, फैशन के नाम पर कटे-फटे कपड़े पहनना कहाँ की समझदारी हैं? " रागिनी चिढ़ कर बोली।
लेकिन स्पृहा कहाँ मानने वाली थी। कमरे की दीवार पर अपनी पसंदीदा हीरोइन का, फटी जींस में ऐसा ही एक आदमकद पोस्टर लगा रखा था उसने।
"कूल माँ कूल ... " कहते हुए झट से अपनी स्कूटी निकाल कर फुर्र हो गयी। रागिनी सर धुनते हुए बैठी रही।

चौराहे पर सिग्नल पर जैसे ही स्पृहा की स्कूटी रुकी, उसने देखा आसपास कई लोग उसे देख रहे थे, अलग-अलग निगाहों में भिन्न-भिन्न भाव। अचानक मैले-कुचैले कप‌‌‌‌ड़े पहने चिथड़ों से लिपटी हुई एक किशोरवय लड़की, वहाँ भीख माँगने लगी। उसके जीर्ण होते कपड़े उसका तन छिपा कम, उघाड़ अधिक रहे थे। बड़ी मुश्किल से वह स्वयं को दाहक नजरों से बचाने की कोशिश कर रही थी। वह स्पृहा के समीप आयी, स्पृहा ने अनदेखा कर दिया। इतने में बाइक सवार दो युवकों ने उससे कहा, "अरे उन मैडम से क्या माँग रही हो? देख नहीं रहीं, वो भी तुम्हारी ही तरह हैं शायद। उनके पास तो खुद ही पहनने के लिए ढंग के कपड़े नहीं हैं। देखो कैसे जगह-जगह से कटीफटी जींस पहनी हैं ... ये लो इसको रखो और ये पहनो।" कहते हुए उन लड़कों ने अपने-अपने जैकेट उस लड़की को निकाल कर दे दिए।

स्पृहा तो मानो अचानक नींद से जागी। कहाँ तो वह अपनी हीरोइन जैसी बनने के ख़्वाब देख रही थी, और कहाँ सड़क की एक भिखारिन से उसकी तुलना हो गयी। सिग्नल ग्रीन हो चुका था, लेकिन स्पृहा ने यू-टर्न लिया, और फिर से घर की ओर घूम गयी।

उसकी समझ में आ गया था, आधुनिकता पाश्चात्य कपड़ों में नहीं विचारों में और कृति में दिखनी चाहिए। स्मार्टनेस, मॉडल को कॉपी न करके खुद औरों के लिए रोलमॉडल बनने में हैं।

"माँ, मेरी ब्लैक वाली जींस कहाँ है?" कहते हुए वह पहनने के लिए अलमारी में दूसरी जींस ढूंढने लगी।

 रागिनी स्पृहा में आये इस परिपक्व बदलाव को देख हौले से मुस्कुरा दी।

3 comments :

  1. bhav pradhan or Manaviy Mulayo ki laghukatha. Sunder laghukatha ke liye Badhai

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  2. सुंदर और शिक्षाप्रद लघुकथा

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