आओ हिंदी सीखें - भाग 14

डॉ. सत्यवीर सिंह

सत्यवीर सिंह

सहायक आचार्य (हिंदी); ला. ब. शा. राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोटपूतली (जयपुर) 303108, राजस्थान, भारत
चलभाष: +91 979 996 4305; ईमेल: drsatyavirsingh@gmail.com

विलोमार्थी शब्द

परस्पर विपरीत या उल्टा अर्थ देने वाले शब्द विलोम या विपरीतार्थक शब्द कहलाते हैं। विपरीतार्थक, विपर्याय, विलोमार्थक,  प्रतिलोमार्थक आदि विलोम शब्द के पर्यायवाची हैं।

हिंदी में जिन विलोम शब्दों का प्रचलन है, वे मूलतः चार पाँच प्रकार के हैं। पहले वे शब्द जो अपने मूल रूप में ही विपरीतार्थक है। जैसे - हानि का लाभ, सुख का दुख, दिन का रात। दूसरे वे विलोम शब्द है, जो उपसर्गों के सहयोग से बनाए जाते हैं। जैसे - कर्म का अकर्म, धर्म का अधर्म, संतोष का असंतोष, हिंसा का अहिंसा आदि।  तीसरे वे शब्द जो उपसर्गों में आपसी परिवर्तन से बनते हैं। जैसे - अग्रज का अनुज, अकाल का सुकाल,  इहलोक का परलोक, स्वदेशी का विदेशी आदि। चतुर्थ श्रेणी में वे विलोम शब्द आते हैं, जो परस्पर प्रयुक्त होते हैं। जैसे - पाप - पुण्य, जन्म - मरण, स्वर्ग - नरक इन शब्दों को चाहे तो हम प्रथम श्रेणी में भी रख सकते हैं। पंचम एवं अंतिम श्रेणी में वे विलोम शब्द आते हैं, जो लिंग परिवर्तन से विलोम अर्थ धारण कर लेते हैं। जैसे: नाना-नानी, स्त्री-पुरुष, युवक-युवती, नर-नारी आदि।

कतिपय विलोमार्थी शब्दों की सूची निम्नलिखित है -

(अ - औ सभी स्वर)
अथ - इति
अणु - परमाणु
अमृत - विष
अनेक - एक
अर्थ - अनर्थ
अधम - उत्तम
अनुलोम - प्रतिलोम
अल्पज्ञ - बहुज्ञ
अंतरंग - बहिरंग
अल्पप्राण - महाप्राण
अमर - मर्त्य
अस्त - उदय
अहिंसा - हिंसा
अकाल - सुकाल
अग्र - पश्च
अनाथ - सनाथ/नाथ
अक्षम - सक्षम
असीम - ससीम
अजेय - जेय
अनैक्य - ऐक्य
अदेय - देय
अंतर्द्वंद्व - बहिर्द्वंद्व
अनुराग - विराग
अज्ञ - विज्ञ
अपमान - सम्मान
अनुज - अग्रज
अपना - पराया
अगम - सुगम
अर्वाचीन - प्राचीन
अचर - चर
अवनत - उन्नत
अतिवृष्टि - अनावृष्टि
अंत - अनंत
अर्थी - प्रत्यर्थी
अमावस्या - पूर्णिमा
अनुग्रह - विग्रह
अनाहूत - आहूत
अवनि - अंबर
अघ - अनघ
अचर - सचर / चर
अंधकार - प्रकाश
अतल - वितल
अति - अल्प
अग्र - पश्च
अनैक्य - ऐक्य
अनेक - एक
अवनत - उन्नत
अंधेरा - उजाला
अभिमान - नम्रता
अल्पायु - दीर्घायु
अटल - ढुलमुल
अल्पप्राण - महाप्राण
अवर - प्रवर
अशन - अनशन
असूया - अनसूया
अर्जन - व्यय
आशा - निराशा
आर्य - अनार्य
आदान - प्रदान
आग्रह - दुराग्रह
आमिष - निरामिष
आकाश - पाताल
आज - कल
आधार - निराधार
आदि - अनादि/अंत
आदर - निरादर/अनादर
आश्रित - निराश्रित
आवृत - अनावृत
आस्तिक - नास्तिक
आत्मा - परमात्मा
आधुनिक - प्राचीन
आहार - निराहार
आविर्भूत - तिरोभूत
आकर्षण - विकर्षण
आय - व्यय
आस्था - अनास्था
आरोह - अवरोह
आतुर - अनातुर
आर्द्र - शुष्क
आयात - निर्यात
आच्छादित - अनाच्छादित
आगामी - विगत
आमिष - निरामिष
आध्यात्मिक - सांसारिक
आहूत - अनाहूत
आबाल - वृद्ध
आजाद - गुलाम
आदिष्ट - निषिद्ध
आभ्यंतर - बाह्य
आस्था - अनास्था
आरोह - अवरोह
आगत - अनागत
आविर्भूत - तिरोभूत
आकुंचन/संकुचन - प्रसारण
आसक्त - अनासक्त
आगमन - निर्गमन
आह्वान - विसर्जन
ईश्वर - अनीश्वर
इच्छा - अनिच्छा
इहलोक - परलोक
इष्ट - अनिष्ट
ईद - मुहर्रम
इति - अथ
इनकार - स्वीकार
ईप्सित - अनीप्सित
ईर्ष्या - संतोष
उत्कर्ष - अपकर्ष
उत्थान - पतन
उपकार - अपकार
उत्कृष्ट - निकृष्ट
उपसर्ग - परसर्ग/प्रत्यय
उपचार - अपचार
उष्ण - शीत
उत्तर - प्रश्न
उत्तम - अधम
उदयाचल - अस्ताचल
ऊर्ध्व - नीचे
उद्धत - विनीत
उत्साह - निरुत्साह
उन्नति - अवनति
उपमेय - अनुपमेय
उग्र - सौम्य
उधार - नकद
उद्घाटन - समापन
उत्तरायण - दक्षिणायन
उर्वर - ऊसर
उपत्यका - अधित्यका
उद्भव - पराभव
उषा - संध्या
उन्नत - अवनत
उन्नति - अवनति
उन्मुख - विमुख
उन्मूलन - रोपण
ऊर्ध्वगामी - अधोगामी
उपमान - उपमेय
उद्यम - आलस्य
उपजाऊ - अनुपजाऊ
उल्लास - विषाद
उपरिलिखित - निम्नलिखित
उच्छ्वास - निःश्वास
उतार - चढ़ाव
उत्थान - पतन
उऋण - ऋण
उचित - अनुचित
उन्मीलन - निमिलन
उत्कृष्ट - निकृष्ट
उदात्त - अनुदात्त
उच्च - निम्न
उत्तरायण - दक्षिणायन
ऋजु - वक्र
ऋत - अनृत
ऋणात्मक - धनात्मक
ऋण - धन
ऋणग्रस्त - ऋणमुक्त
एकल - बहुल
एकता - अनेकता
ऐतिहासिक - अनैतिहासिक
एकत्र - सर्वत्र
एकाग्र - चंचल
ऐहिक - पारलौकिक
एक - अनेक
ऐश्वर्य - अनैश्वर्य
ऐच्छिक - अनिवार्य
एड़ी - चोटी
एकाग्र - चंचल
एकतंत्र - बहुतंत्र
ओजस्वी - निस्तेज
औपन्यासिक - अनौपन्यासिक
औचित्य - अनौचित्य
औपचारिक - अनौपचारिक
औदार्य - अनौदार्य
औघट - सुगम

(क वर्ग)
कृत्रिम - नैसर्गिक/प्राकृतिक/ प्रकृत
कोप - कृपा
कोमल - कठोर
कठिन - सरल
क्रम - व्यतिक्रम
कल्याण - अकल्याण
कार्य - अकार्य
काला - गोरा
क्रय - विक्रय
कनिष्ठ - ज्येष्ठ
कटु - मधु
कीर्ति - अपकीर्ति
कुकीर्ति - सुकीर्ति
कुख्यात - विख्यात
कदाचार - सदाचार
क्रूर - अक्रूर
कपूत - सपूत
कायर - निडर
क्रोध - क्षमा
कृष्ण - शुक्ल
कुटिल - ऋजु
कल - आज
कर्मण्य - अकर्मण्य
कुसुम - वज्र
कृष्ण - शुक्ल
कोलाहल - शांति
कुरूप - सुंदर
कडुवा - मीठा
कृतज्ञ - कृतघ्न
कृपण - दाता
कृश - पीन, प्रवृद्ध, स्थूल
कर्कश - सुशील
करुण - निष्ठुर
कल्पित - यथार्थ
कुलटा - पतिव्रता
कापुरुष - पुरुषार्थी
क्रिया - प्रतिक्रिया
कपट - निष्कपट
खरा - खोटा
खगोल - भूगोल
खल - सज्जन
खाद्य - अखाद्य
खंडन - मंडन
खेद - प्रसन्नता
खुशी - गम
खास - आम
खुशबू - बदबू
गर्मी - सर्दी
ग्राह्य - अग्राह्य
गणतंत्र - राजतंत्र
गंभीर - वाचाल
गरल - सुधा
गृहस्थ - संन्यासी
गद्य - पद्य
गगन - पृथ्वी
गोचर - अगोचर
गुरु - लघु
गत - विगत
गृही - त्यागी
गगन - पृथ्वी
गुप्त - प्रकट
गौण - प्रमुख
ग्रस्त - मुक्त
गरीब - धनी / अमीर
ग्राम्य - शिष्ट
गौरव - लाघव
घर - बाहर
घात - प्रतिघात
घरेलू - बनैला
घृणा - प्रेम
घोष - अघोष
घन - तरल

(च वर्ग)
चर - अचर
चेतन - जड़
चल - अचल
चपल - गंभीर
चतुर - मूढ़
चिरंतन - नश्वर
चोर - साह / साधु
चिर - नवीन
छली - निश्छल
छद्म - व्यक्त
छाँह - धूप
छूत - अछूत
जागरण - सुषुप्ति / निद्रा
जारज - औरस
जंगम - स्थावर
जीवन - मरण
जीव - ब्रह्म
जीत - हार
जन्म - मृत्यु
जल - थल
जय - पराजय
ज्योति - तम
जवानी - बुढ़ापा
ज्योतिर्मय - तमोमय
ज्वार - भाटा
ज्येष्ठ - कनिष्ठ
जोड़ - बाकी
झूठ - सच
झोपड़ी - महल

(ट वर्ग)
डरपोक - निडर
ढीठ - नम्र
टोटा - नफा
टूटना - जुड़ना
टिकाऊ - अस्थिर
ठीक - गलत

(त वर्ग)
तरुण - वृद्ध
तृष्णा - वितृष्णा
तामसिक - सात्विक
तृप्त - अतृप्त
ताना - बाना
ताप - शीत
तारीफ - शिकायत
तिमिर - प्रकाश
तुकांत - अतुकांत
तीक्ष्ण - कुंठित
त्याज्य - ग्राह्य
तृषा - तृप्ति
तुच्छ - महान
तीव्र - मंद
थोक - फुटकर
थलचर - नभचर / जलचर
थोड़ा - बहुत
दिन - रात
दानी - कंजूस
दानव - देव
दयालु - निर्दय
दुर्जन - सज्जन
दाता - सूम
दीर्घकाय - कृशकाय
दुर्गंध - सुगंध
दुरुपयोग - सदुपयोग
द्वेष - सद्भावना
दूषित - स्वच्छ
दाग - बेदाग
दंड - पुरस्कार
दक्षिण - वाम / उत्तर
देशभक्त - देशद्रोही
दीर्घ - लघु / हृस्व
द्वैत - अद्वैत
दोष - गुण
देश - विदेश
द्वंद्व - निर्द्वंद्व
दुषकर - सुकर
दुराशय - सदाशय
धनी - निर्धन
धार्मिक - अधार्मिक
धीर - अधीर
ध्वंस - निर्माण
धृष्ट - विनीत
धर्म - अधर्म
धरा - गगन
धूप - छाँह
धवल - कृष्ण
धारक - प्रेषक
नख - शिख
नर - नारी
नमक हराम - नमक हलाल
निद्रा - जागरण
नवीन - प्राचीन
नूतन - पुरातन
नेकी - बदी
निंदा - स्तुति
नकद - उधार
निर्दय - सदय
नरक - स्वर्ग
निर्मल - मलिन
नीरस - सरस
निषिद्ध - विहित
निराकार - साकार
निर्गुण - सगुण
नास्तिक - आस्तिक
निरक्षर - साक्षर
न्यून - अधिक
नगर - ग्राम
निर्भीक - भयभीत
निरर्थक - सार्थक
निंद्य - वंद्य
निरपेक्ष - सापेक्ष
निर्यात - आयात
नेकी - बदी
नकली - असली
नश्वर - शाश्वत
न्याय - अन्याय

(प वर्ग)
पक्ष - विपक्ष
पाश्चात्य - पौर्वात्य
पुण्म - पाप
प्रवृत्ति - निवृत्ति
पंडित - मूर्ख
प्रमुख - गौण
परकीय - स्वकीय
पतन - उत्थान
पूर्ववर्ती - परवर्ती
परतंत्र - स्वतंत्र
पठित - अपठित
पदस्थ - अपदस्थ
परिणीत - अपरिणीत
प्रसाद - विषाद
पार्थिव - अपार्थिव
पूर्व - पश्च
प्रखर - मंद
प्रवर - अवर
प्रलय - सृष्टि
प्रासंगिक - अप्रासंगिक
परितोष - दंड
पदोन्नत - पदवनत
प्रज्ञ - मूढ़
पालक - संहारक
पतिव्रता - कुलटा
पूर्णिमा - अमावस्या
पुरातन - नवीन
फल - निष्फल
फूहड़ - सुघड़
फलाहारी - अनाजी
फूलना - मुर्झाना
बंधन - मुक्ति
बैर - प्रीति
बद्ध - अबद्ध
बंजर - उर्वर
बद - नेक
बहिष्कार - स्वीकार
बर्बर - सभ्य
भौतिक - आध्यात्मिक
भय - निर्भय
भोगी - योगी
भद्र - अभद्र
भ्रांत - निर्भांत
भूषण - दूषण
भूलोक - द्युलोक
भावी - अतीत
मूल्यवान - मूल्यहीन
मंद - द्रुत
मंगल - अमंगल
महात्मा - दुरात्मा
मसृण - रुक्ष
मनुज - दनुज
मिथ्या - सत्य
मान - अपमान
मानव - दानव
मित्र - शत्रु
मिलन - विरह
मरण - जीवन
मूक - वाचाल
मीठा - कडुवा
मेहनती - आलसी
मिथ्या - सत्य
महत्ता - लघुता
मर्त्य - अमर्त्य
मोक्ष - बंधन
मेल - वैमनस्य
मूढ़ - ज्ञानी

(य, र, ल, व)
यश - अपयश
यथार्थ - कल्पित
योग - वियोग
यौवन - वार्धक्य
युगल - एकल
रत - विरत
राक्षस - देवता
रंक - राजा
राग - विराग
रुचि - अरुचि
रद्द - बहाल
रसिक - अरसिक
रुदन - हास्य
लघु - गुरु
लेन - देन
लाघव - गौरव
लुप्त - व्यक्त
ललित / सुरूप - कुरूप
लुप्त - प्रकट
लोक - परलोक
लजीला - निर्लज्ज / बेशर्म / बेहया
लौकिक - अलौकिक
विपत्ति - संपत्ति
विश्लेषण - संश्लेषण
वृष्टि - अनावृष्टि / सूखा
व्यास - समास
विपन्न - संपन्न
विकीर्ण - संकीर्ण
विकास - ह्रास
वादी - प्रतिवादी
वैभव - दारिद्रय
विसर्जन - अवगाहन
व्यष्टि - समष्टि
वैतनिक - अवैतनिक
वैमनस्य - सौमनस्य
विधवा - सधवा
वृद्धीकरण - संक्षिप्तीकरण
विज्ञ - अज्ञ
विशिष्ट - सामान्य
वसंत - पतझड़
विष - अमृत
विमुख/सम्मुख - उन्मुख
वृहत् - लघु
वन - मरु
विशेष - सामान्य
वियोग - संयोग
व्यस्त - अकर्मण्य
व्यय - आय
वक्र - ऋजु
विसर्जन - सर्जन
विस्तृत - संक्षिप्त
विनीत - उद्धत
विधि - निषेध
वर - वधू
वीर - कायर
विदाई - स्वागत

(श, ष, स, ह)
शुक्ल - कृष्ण
शासक - शासित
शोषक - पोषक / शोषित
श्वेत - श्याम
श्यन - जागरण
शहरी - देहाती
शाप - वरदान
शीत - उष्ण
शिव - अशिव
शुष्क - आर्द्र
शोक - हर्ष
शीर्ष - तल
शुभ - अशुभ
शूर - भीरू
शुचि - अशुचि
श्यामा - गौरी
श्लाघा - निंदा
शिख - नख
शोहरत - बदनामी
श्लिष्ट - अश्लिष्ट
नि:श्वास - उच्छ्वास
स्वर्ग - नरक
सृष्टि - प्रलय
सकाम - निष्काम
सुकर - दुष्कर
सबल - निर्बल
स्थिर - चंचल
स्वल्पायु - चिरायु
समष्टि - व्यष्टि
सरल - कठिन
संस्कृति - विकृति
सरस - नीरस
स्थावर - जंगम
सुबोध - दुर्बोध
स्थैर्य - अस्थैर्य
स्वस्थ - रुग्ण
सृजन - विनाश
सृष्टि - प्रलय
सूम - दाता
स्वावलंबी - परावलंबी
स्वकीया - परकीया
सुलभ - दुर्लभ
संघटन - विघटन
संदेह - विश्वास
संभाषण - असंभाषण
सूक्ष्म - विशाल
सुगति - दुर्गति
सवर्ण - असवर्ण
सुकृति - विकृति
सात्विक - तामसिक
संधि - विग्रह
स्वजाति - विजाति
स्याह - सफेद
संन्यासी - गृहस्थ
सम - विषम
सुबह - शाम
समास - व्यास
सुशील - दुःशील
सच्चरित्र - दुश्चरित्र
हर्ष - विषाद / शोक
हास्य - रूदन
हया - बेहया
हमदर्द - बेदर्द
ह्रास - वृद्धि
हार - जीत
हिंसा - अहिंसा
हेय - प्रेय
हित - अहित
हृस्व - दीर्घ
(क्ष, त्र, ज्ञ, श्र, द्य)
क्षणिक - शाश्वत
क्षर - अक्षर
क्षमा - दंड / क्रोध
क्षुब्ध - शांत
क्षणिक - शाश्वत
क्षुद्र - महत्
क्षर - अक्षर
क्षम - अक्षम
ज्ञान - अज्ञान
ज्ञेय - अज्ञेय
ज्ञानेंद्रिय - कर्मेंद्रिय
श्रांत - अश्रांत
श्रीगणेश - इति
श्रव्य - दृश्य

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