संतोष श्रीवास्तव * Santosh Shrivastav

जन्म: 23 नवम्बर, जबलपुर

शिक्षा: एम.ए (हिन्दी,इतिहास) बी.एड., बी.ए (पत्रकारिता)। मुझे जन्म दो माँ पुस्तक पर राजस्थान विश्वविद्यालय द्वारा पीएचडी की मानद उपाधि।

प्रकाशित पुस्तकें: बहके बसंत तुम, बहते ग्लेशियर, प्रेम सम्बन्धों की कहानियाँ, आसमानी आँखों का मौसम (कथा सँग्रह), मालवगढ की मालविका. दबे पाँव प्यार, टेम्स की सरगम, हवा मे बंद मुट्ठियाँ (उपन्यास), मुझे जन्म दो माँ (स्त्री विमर्श), फागुन का मन (ललित निबँध सँग्रह), नहीं अब और नहीं, बाबुल हम तोरे अँगना की चिडिया (सँपादित सँग्रह), तथा नीले पानियों की शायराना हरारत (यात्रा सँस्मरण)

विभिन्न भाषाओ में रचनाएँ अनूदित, पुस्तकों पर एमफिल तथा शाहजहाँपुर की छात्रा द्वारा पीएचडी, रचनाओं पर फिल्माङकन, कई पत्र पत्रिकाओ में स्तम्भ लेखन व सामाजिक, मीडिया, महिला एवं साहित्यिक सँस्थाओं से संबद्ध। 22 वर्षीय कवि पुत्र हेमंत की स्मृति में हेमंत फाउंडेशन की स्थापना। प्रतिवर्ष 'हेमंत स्मृति कविता सम्मान' तथा 'विजय वर्मा कथा सम्मान' का मुम्बई में आयोजन। अंतरराष्ट्रीय संस्था 'विश्व मैत्री मंच' की संस्थापक अध्यक्ष।

 केंद्रीय अंतर्राष्ट्रीय पत्रकार मित्रता संघ की मनोनीत सदस्य, जिसके अंतर्गत 25 देशों की प्रतिनिधि के तौर पर हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए यात्रा।

कहानी 'एक मुट्ठी आकाश' SRM विश्वविद्यालय चैन्नई में बी.ए. के कोर्स में तथा महाराष्ट्र के एसएससी बोर्ड की ग्यारहवीं कक्षा में लघुकथाएँ और कविताएँ सम्मिलित।

राही सहयोग संस्थान रैंकिंग 2018 के 100 प्रमुख हिंदी लेखक लेखिकाओं  में  नाम शामिल।

भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा  विश्व भर के प्रकाशन संस्थानों को शोध एवं तकनीकी प्रयोग (इलेक्ट्रॉनिक्स) हेतु देश की  उच्चस्तरीय पुस्तकों के अंतर्गत "मालवगढ़ की मालविका " का चयन।

पुरस्कार: सोलह राष्ट्रीय एवं दो अंतरराष्ट्रीय साहित्य एवं पत्रकारिता पुरस्कार जिनमें महाराष्ट्र के राज्यपाल के हाथों राजभवन में लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड तथा म.प्र. राष्ट्रभाषा प्रचार समिति द्वारा मध्य प्रदेश के गवर्नर के हाथों नारी लेखन पुरस्कार विशेष उल्लेखनीय है। महाराष्ट्र राज्य साहित्य अकादमी का राज्यस्तरीय हिन्दी सेवा सम्मान। भारत सरकार अंतरराष्टीय पत्रकार मित्रता संघ की ओर से, प्रतिनिधि के रूप में, 20 देशों की  यात्रा।

Mobile / चलभाष: +91 976 902 3188
email / संपर्क:  kalamkar.santosh@gmail.com

Twenty two books of story, novel, poetry, memoir have been published so far.
Received four international (Mauritius, Cambodia, Tashkent, Bangkok) and twenty national level awards.
Honorary degree of JJT University, Rajasthan.  “Give me birth mother” Book based on different aspects of women included in various universities as a reference book.
M.Phil is done on my six books from Mumbai University, SNDT Mahila Maha Vidyalaya and Dr. Ambedkar University, Agra.
Joint PhD on both story and novel from Raj Rishi Bharathori Matsya Vishva Vidyalay, Alwar, Rajasthan.
Critical study of the theme and craft of my autobiography, “Mere Ghar Aana Zindagi” from Lucknow University.  Special reference – Autobiographies of women writers from 1990 AD till date.
Ph D is being done in Sant Gadge Baba Amravati University at Yavatmal on the subject of  “Women Consciousness” in stories.
‘Ek Mutthi Aakash’ story is included in B.A. course in SRM university at Chennai and eleven short stories included in 11th standard Balbharti.
Stories, short stories and novels have been translated into English, Marathi, Sindhi, Punjabi, Gujarati, Telugu, Malayalam, Bengali, Odia, Nepali, Urdu and Chattisgarhi languages.
Name included in the Rahi Sahyog Sansthan Rankings 2018, 2019 and 2020 in the top 100 Hindi writers of the world.
Named among 111 Hindi writers of the 21st century broadcast by The Sunday Indian.
Selection of the novel “Malavgadh ki Malvika” under the country’s high-level books for research and technical experimentation (Electronics) by the Ministry of Human Resource Development, Govt. of India.
Nominated member of the Central Associate for friends of International Journalists under which as a representative of 26 countries, travelled for promotion of Hindi.
World Literary Forum for Peace and Human Rights, Bhutan awarded the status of International Ambassador of peace.

Currently independent journalism.
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