ऑगस्टस सीज़र का निजी मास

अनुराग शर्मा
भारत के कई समुदायों में रक्षाबंधन के दिन भगवान कृष्ण को राखी बांधने की परम्परा है। भाई-बहनों के पवित्र बंधन तक सिमटने से पहले श्रावणी पूर्णिमा का विस्तार अधिक था और समस्त पुर का हितैषी वर्ग शासक को रक्षासूत्र बांधता था। फिर विदेशी आक्रमणों की झड़ी लगी और देशी-विदेशी मूल के शासकों, ज़मींदारों, कम्पनी-बहादुरों की नीयतें बदलीं, और ऐसे ही किसी दुष्काल में इन समुदायों ने भगवान कृष्ण को अपना शासक, तथा गीता को अपना मार्गदर्शक मानकर तत्कालीन शासकों से विद्रोह कर दिया। कृष्ण की राखी उसी इतिहास की एक स्मृति मात्र है। गीता से हमारे अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने प्रेरणा ली और न जाने कितने ही कहे अनकहे बलिदानों की बदौलत आज हम स्वतंत्रता की साँस ले रहे हैं। सभी भारतीयों और भारतवंशियों को स्वतंत्रता दिवस, 15 अगस्त की बधाई।

735 ईसा पूर्व के शासक रोमुलस (Romulus) के मार्च से आरम्भ होने वाले 10 मास के पञ्चांग का छठा महीना, 35 वर्ष बाद राजा नूमा पॉम्पिलियस (Numa Pompilius) द्वारा जनवरी और फ़रवरी जुड़ने के कारण 29 दिनों वाला आठवाँ मास हुआ। 46 ईसापूर्व में प्रसिद्ध रोमन सम्राट जूलियस सीज़र (Julius Caesar) ने इसमें दो दिन जोड़कर इसे 31 दिन का किया। इस घटना के 38 वर्ष बाद रोमन सम्राट ऑगस्टस सीज़र (Augustus Caesar) के नाम पर इसका वर्तमान नामकरण हुआ क्योंकि आगस्टस इस माह को अपने लिये बड़ी बरकतों वाला मानता था।

भारत में यह समय चतुर्मास, ओणम, रक्षा बंधन, कोल्लावर्षम, बलराम जयंती, और श्रावणी उपाकर्म के पर्वों का है। आप सभी को शुभकामनाएँ। अतिवृष्टि से केरल में हुई जन-धन की भारी हानि से मन व्यथित है। जहाँ एक ओर हम जनसंख्या के दवाब तथा व्यापारिक शोषण के लिये वृक्षों के दोहन की परिणति देख रहे हैं वहीं बांधों की देखरेख और सावधानियों का अभाव भी देश के अनेक क्षेत्रों में अचानक जल-भराव और भूस्खलन का कारण बनता है। नदी और बांधों के नियमन और देखरेख की प्राथमिकता ऊपर किया जाना समय की मांग है। 

इस माह 2018 की राही रैंकिंग प्रकाशित हो गई है। ज्ञातव्य है कि वरिष्ठ साहित्यकार श्री प्रबोध गोविल की पहल पर कुछ शोधार्थियों, विद्वानों, साहित्यकारों, सम्पादकों, तथा पाठकों के सहयोग से कुछ वर्ष पहले स्थापित की गई वार्षिक सूची में हिंदी के जीवित साहित्यकारों का वार्षिक क्रम निर्धारित किया जाता है। इस सूची में स्थान पाने वाले सभी लेखकों को हमारी शुभकामनाएँ। प्रसन्नता की बात है कि सेतु के लेखकों में से भी कुछ इस प्रतिष्ठित सूची को सुशोभित कर रहे हैं।

इसी बीच मॉरिशस में ग्यारहवाँ विश्व हिन्दी सम्मेलन हुआ जिसकी मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं। इस अवसर पर विश्व हिन्दी सम्मान प्राप्त करने वाले सभी महानुभावों को सेतु परिवार की ओर से बधाई। इस बार के समारोह पर पूर्व प्रधानमंत्री और हिंदी कवि श्री अटल बिहारी वाजपेयी के अवसान की छाया रही। इसी माह ट्रिनिडैड में जन्मे भारतीय मूल के नोबल विजेता लेखक सर विद्यासागर सूरजपाल नायपॉल (Vidiadhar Surajprasad Naipaul) का लण्डन में देहांत हुआ। सेतु परिवार की ओर से दोनों को विनम्र श्रद्धांजलि!

स्थाई स्तम्भों और उत्कृष्ट सामग्री के साथ यह अंक हमारे सुधी पाठकों को समर्पित है। आपकी राय और सुझावों का सदा स्वागत है, अवश्य साझा कीजिये।

शुभाकांक्षी,
अनुराग शर्मा

2 comments :

  1. Mujhe setu patrika august 2018 ki chahiye...bataye ye mujhe kaise uplabdh ho sakti hai.

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  2. आपको भी असंख्य बधाई

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