कहानी: अंतिम परीक्षा (छात्र-लेखक)

प्रणय फेरवानी

ड्यूक यूनिवर्सिटी



1

सूहव और उसके माता-पिता पुराने टीवी के पास बैठे थे। उसके पिता कॉफी पी रहे थे, और उसकी माँ कपड़े बदल रही थीं। लेकिन सूहव टीवी देखने के अलावा कुछ और नहीं कर सकता था, तभी प्रधानमंत्री वीरेन का भाषण शुरू किया।

“50 साल पहले, भारत की आबादी बहुत ज़्यादा थी। इतने लोगों के पास न खाना था, न पानी, न रहने के लिए जगह। इसलिए, हमने आबादी को नियंत्रित करने के लिए एक व्यवस्था बनाई थी। हर साल, हमारे पास हमारी अंतिम परीक्षा होती है, यह पता लगाने के लिए कि भारत में होशियार बच्चे कौन हैं, क्योंकि वही बच्चे भारत के लिए ज़रूरी हैं। अगर किसी बच्चे को बुरे मार्क्स मिलेंगे, तो हम उन्हें मार देंगे। लेकिन, चिंता न करें - हम एक लीथल इंजेक्शन का उपयोग करते हैं, और आपको कोई दर्द नहीं होगा। इस व्यवस्था के साथ, हमने भारत को एक ऐसा देश बना दिया है जहाँ हर किसी के पास खाना, पानी और बाकी सब सुविधाएँ हैं। हम खुश, स्वस्थ और अमीर होंगे। और, हम दुनिया के सबसे होशियार देश में शामिल होंगे! एक महीने में, हमारी 50 वीं अंतिम परीक्षा होगी। यह साल थोड़ा खास है। मुझे लगता है कि 18 साल पहले आप में से बहुत सारे लोग बच्चे थे। इसलिए इस साल परीक्षा थोड़ी मुश्किल होगी। लेकिन, सब कुछ ठीक है, अगर आप होशियार हैं, तो आप पास हो जाएँगे! गुड लक, पढ़ाई करना याद रखें, और भारत को फिर से महान बनाएँ।

सूहव के पिता के हाथ से कॉफी का कप गिरकर जमीन पर बिखर गया।
"हम यह नहीं जानते थे!" वे चिल्लाये, "यह जरूरी नहीं है! हमारे बेटे के साथ ऐसा क्यों होता है! ” वे बहुत गुस्सा थे, इसलिए सूहव ने उन्हें शांत करने की कोशिश की। 
उसने कहा, "पापा, चिंता मत करो, मैं पास हो जाऊँगा। मेरा वादा है आपसे।" सूहव की माँ कुछ नहीं कह रही थीं, लेकिन सूहव देख सकता था कि वे रो रही थीं।

"हम क्या करने वाले हैं?" अर्णव ने पूछा।
"तुम्हारा क्या मतलब है हम क्या करने वाले हैं?" आरव ने कहा। 
"हम पढ़ाई तो कर रहे हैं, है ना? हम सब पास हो जाएँगे, सिर्फ़ बेवक़ूफ़ असफल होते हैं।” हर कोई चुप हो गया। 
आरव को जल्दी से अपनी गलती का पता चला। ईशान का भाई पिछले साल परीक्षा असफल हो गया था, और सरकार ने उसे मार डाला था।
"सॉरी," आरव ने कहा, "मेरा मतलब था कि ज्यादातर लोग पास हो जाते हैं और मुझे लगता है कि हम भी होंगे।"
"और अगर हम नहीं हुए तो?" अर्णव ने कहा।
आरव ने जवाब दिया, "अगर हम नहीं पास होंगे, तो पापा सरकार से पहले हमें मार देंगे!" और सब लोग हँसने लगे। 
अर्णव और आरव भाई थे, और सूहव उनसे एलिमेंट्री स्कूल में मिला था। सूहव अपने पिता को अच्छी तरह से जानता था, और जब आरव मजाक कर रहा था, तब वह शायद सही था। उनके पिता बहुत सख्त हैं, और इसलिए अक्सर अर्णव और आरव पढ़ाई करते थे जबकि सूहव और ईशान बाहर क्रिकेट खेलते थे। लेकिन, जबकि सूहव कानपुर में सड़क पर क्रिकेट खेलने के मजेदार समय को कभी नहीं भूल पाएगा, उसको पता चला कि उसके पिता की सख्ती उसके लिए बेहतर थी। आरव और अर्णव दोनों ही अकादमिक रूप से अपनी कक्षा से ऊपर थे, और परीक्षा शायद उनके लिए आसान होगी।

ईशान ने आखिर में कहा, "मैं बहुत डर गया हूँ। मेरा भाई बहुत होशियार था। उसने पढ़ाई की थी। उसने बहुत पढ़ाई की थी। पिछली गर्मियों में, मुझे याद है कि उसने दो महीने के लिए अपना कमरा नहीं छोड़ा था। लेकिन परीक्षा के दिन, उसको बहुत चिंता हुई। और वह फेल हो गया। यह तो किसी के साथ हो सकता है।"
सूहव यह सोचने की कोशिश कर रहा था कि ईशान को बेहतर महसूस करवाने के लिए क्या कहना चाहिए, लेकिन उसको पता चला कि ईशान सही था। और सूहव भी डर गया, इसी वजह से। सूहव होशियार था, लेकिन उसे चिंता रहती थी। अपने स्कूल की परीक्षा में, उसको इतनी चिंता थी कि वह सोच भी नहीं सकता था। 
“मुझे खुशी है कि मैं आशी को अपनी प्रेमिका बना पाया,” सूहव ने सोचा। सूहव की चिंता सिर्फ़ तब दूर रहती है जब वह आशी के साथ होता था।

2

अर्णव अपने फोन को देख रहा था और वह चिंतित हो गया। "आरव, हमें घर जाना है, अभी!" उसने कहा। "पापा बहुत गुस्सा हैं कि हम बाहर हैं, उन्होंने कहा कि हमें आज रात एक और अभ्यास परीक्षा देनी है नहीं तो वह हमें हरा देगा।" आरव उठ गया और वे दोनों चले गए।

ईशान ने कहा, "मुझे भी शायद जाना चाहिए और पढ़ाई करना चाहिए।" सूहव ने सोचा कि उसको भी जाना चाहिए और पढ़ाई करनी चाहिए, लेकिन वह कुछ समय अकेले आशी के साथ रहना चाहता था। बाहर अंधेरा हो रहा था। सूर्य लगभग अस्त हो चुका था, और आकाश गहरे नीले रंग का हो गया था। सूहव ने देखा कि आशी बहुत उदास लग रही थी।

"मुझे लगता है कि मैं पास नहीं हो पाऊँगी," आशी ने कहा।
"मैं तुमको जानता हूँ," सूहव ने कहा। 
“तुम बहुत होशियार हो, मुझे लगता है कि तुम पास हो जाओगी। हम दोनों होशियार हैं। हम दोनों पास हो जाएंगे।”
“सूहव, यह गलत बात है। तुम मुझसे ज्यादा होशियार हो। पिछली कुछ अभ्यास परीक्षणों में भी मैंने ख़राब लिखा, उसमें मैंने बहुत अच्छा नहीं किया। और इस साल परीक्षा ज़्यादा मुश्किल है। अगर मैं असफल हो जाऊँगी तो हम क्या करेंगे?” आशी ने चिंतित होकर कहा।

“मुझे नहीं पता," सूहव ने कहा। "मुझे पता है कि मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकता"। आशी की आँख से एक आँसू निकल आया। लेकिन, सूहव को भरोसा था कि वे दोनों पास हो जाएंगे।

उस रात सूहव को नींद आने में परेशानी हो रही थी। परीक्षा होने में अभी पाँच दिन थे। अगर आशी सही थी तो क्या होगा? अगर आशी असफल हो जाती है तो सूहव क्या कर सकता है?

"यह नहीं हो सकता, यह नहीं हो सकता" सूहव ने कहा जब तक उसको नींद नहीं आ गई।

अगले पाँच दिनों में, सूहव ने ईशान, अर्णव या आरव से बात नहीं की। उनके ग्रुप चैट में कोई टेक्स्ट नहीं थे। सूहव ने आशी से भी इतनी बात नहीं की थी। उसने अपने कमरे में दिन बिताये, पढ़ाई और चिंता के बीच स्विच किया। सूहव के माँ और पिताजी प्रार्थना कर रहे थे और कई अनुष्ठान कर रहे थे ताकि सूहव पास हो जाए। सूहव धार्मिक नहीं था, लेकिन परीक्षा से पहले की रात, सूहव ने पहली बार प्रार्थना की। उसने कृष्ण से प्रार्थना की, क्योंकि उसने याद किया कि अपने पिता हर रोज़ कृष्ण की प्रार्थना करते हैं।

परीक्षा की सुबह, सूहव ने अपने दोस्तों को "गुड लक" टेक्स्ट किया, अपने पेंसिल, फोन और आईडी लिया, और परीक्षा इमारत में चला गया। सभी छात्र बहुत शांत और चिंतित थे। सूहव परिचारक के पास गया:

"नाम?"
"सूहव।"
"जन्म की तारीख?"
"13 नवंबर 2073"
"आईडी?" सूहव ने अपनी आईडी दिखाई।
"आप 237 कमरे में होंगे।"

सूहव बड़े हॉल में चला गया, जो इतना लम्बा और बड़ा था कि सूहव को लगता कभी खत्म नहीं होगा। वह आखिरकार अपने कमरे में आ गया, और उसने देखा कि क्या कोई ऐसा व्यक्ति है जिसे वह जानता है। कोई नहीं। परीक्षा शुरू होने में पाँच मिनट थे।

सूहव श्लोक कहने लगा जो उसके माता-पिता कहते थे: "ॐ भुर्भुवः स्वाः ..."।
 
अगर भगवान हैं, तो सूहव ने सोचा, अब उसकी मदद माँगने का एक अच्छा समय होगा। परीक्षा शुरू होने में पाँच सेकंड।

परीक्षा प्रॉक्टर ने बोलना शुरू किया: “आपके पास परीक्षा पूरी करने के लिए तीन घंटे हैं। शुरू करो!"


3

जब उसने परीक्षा पत्र खोला, उनकी सारी चिंता दूर हो गई, और सूहव ने लिखना शुरू कर दिया। परीक्षा के बीच में, उसके बैग से तेज़ आवाज़ आई।

"ट्रिंग ट्रिंग ट्रिंग"
"यह बंद करो, अभी!" प्रॉक्टर चिल्लाया।
सूहव को याद आया कि वह अपना फोन बंद करना भूल गया था। उसने अपना बैग खोला और जल्दी से अपना फ़ोन बंद कर दिया। यह बहुत बुरा नहीं होगा, सूहव ने सोचा। यह एक छोटी सी गलती थी, और यह उसकी गलती नहीं थी कि किसी ने उसे फोन किया। प्रॉक्टर देख सकता था कि वह नक़ल नहीं कर रहा था, सूहव ने सोचा।

उसके बाद सब कुछ ठीक हो गया। सूहव ने अपनी परीक्षा जल्दी ख़त्म की; यह उतनी मुश्किल नहीं थी।

सूहव घर गया, और सबसे पहले उसने आशी को फोन किया। फोन की घंटी बजी, लेकिन आशी नहीं उठी।

"परीक्षा कैसी गई?" उसकी माँ ने पूछा। दाल चावल की महक पूरे घर में थी। दाल चावल सूहव का पसंदीदा खाना नहीं था, लेकिन उसे याद था कि जब वह बच्चा था, उसकी माँ हमेशा दाल चावल बनाती थीं।

"अच्छी," सूहव ने कहा।

"मुझे और बताओ," उसकी माँ ने कहा। सूहव थोड़ा सा गर्म दाल चावल खाते हुए बोला, "परीक्षा बहुत आसान थी, जल्दी खत्म हो गई। ”

"अच्छा," उसके पिताजी ने कहा। "हम कल परिणाम देखेंगे।" सूहव महसूस कर सकता था कि उसके माता-पिता चिंतित थे। वे बहुत धीरे-धीरे खा रहे थे। सूहव अपने कमरे में गया और बिस्तर पर लेट गया।

शनिवार का दिन था। धूप थी, और चिड़िया चहक रही थीं, जैसे वे ख़ुशी का गीत गा रही थीं। सूहव बाहर आशी, ईशान, अर्णव और आरव से मिलने के लिए चला गया। आरव ने पहले बात शुरू की: “एक घंटे मेरे दोस्त। एक घंटे में, यह सब खत्म हो जाएगा।

आशी सूहव के पास आई और उसने कहा, “सॉरी, मैंने कल तुम्हारा फोन नहीं उठाया। मैंने परीक्षा इमारत में अपना फोन छोड़ दिया था। मुझे आज सुबह वह वापस लाना था।

ईशान चुप था। सूहव बता सकता है कि वह पिछले साल इस समय के बारे में सोच रहा था, जब उसका भाई परिणाम का इंतज़ार कर रहा था। ईशान रोने लगा, "मेरे भाई! ... क्यों? ... मैं सिर्फ चाहता हूँ कि वह वापस आए!" 
ईशान रोना सुनकर परेशान था। वह एक मजबूत बच्चा था। लंबा, बड़ी मांसपेशियों वाला, और वह रग्बी खेलता था। वह लगभग कभी नहीं रोता है, इसलिए सूहव को नहीं पता कि क्या करना है। अर्नव ने ईशान को देर तक गले लगाया। ईशान ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि मैं आप में से किसी को भी नहीं खोऊंगा।"

"ऐसा नहीं होगा," सूहव ने कहा। उसके यह कहने के ठीक बाद, सभी के फोन से आवाज आई।

"ट्रिन, ट्रिन, ट्रिन, ट्रिन, ट्रिन।"

"यह जल्दी आ गया?" सूहव ने कहा।

सूहव ने अपना फोन देखा। प्रधानमंत्री वीरेन का एक संदेश था। उन्होंने कहा: “बधाई। आप पास हो गए!"

"मैं पास हुआ!" सूहव ने कहा।

अर्णव, आरव, और ईशान सभी ने कहा "मुझे भी!"

"आशी?"

"मैं इसे अभी खोल रहा हूँ ... पास!"

सब लोगों ने एक दूसरे को गले लगाया और कूदने और गाने लगे। यहाँ तक कि चिड़िया भी गा रही थीं।

"हमने कर दिया!" आरव चिल्लाया।

सूहव ने अपनी माँ को फोन किया: “माँ! हर कोई पास हुआ! ”


4

सूहव अपनी जिंदगी में इतना खुश कभी नहीं था। वह आशी के नज़दीक गया और उसे चूमा।

"अब हम जीवन भर के लिए एक साथ हो पाएंगे!" सूहव ने कहा। 

"हम शादी कर सकते हैं, और हमारे बच्चे होंगे। हमारा अपना परिवार होगा!" आशी मुस्कुराई।

"हमने कर दिखाया," आशी ने कहा। "मुझे खुशी है कि यह सब खत्म हो गया है। मेरे माता-पिता मुझे बुला रहे हैं, लेकिन घर पहुँचते ही मैं तुमको फोन करूँगी। ”

"ठीक है, मैं जल्द ही तुमसे बात करूंगा" सूहव ने कहा। सूहव घर चला गया। उसके माता-पिता उसका इंतज़ार कर रहे थे। उसकी माँ खुशी से रो रही थी, और उसके पिताजी में चेहरे पर एक बड़ी मुस्कान थी।

"मेरे बेटे," उसके पिता ने कहा। "मुझे तुम पर बहुत गर्व है।" उसकी माँ रोना नहीं रोक पा रही थीं।

सूहव अपने कमरे में गया और अपने बिस्तर पर बैठ गया। वह आशी के फ़ोन का इंतज़ार करने लगा। उसका फोन बजा, और सूहव ने अपना फोन  उठाया।

"आशी?"

"मुझे नहीं पता आशी कौन है," दूसरे व्यक्ति ने कहा।

“मैं सरकार के लिए काम करता हूँ, और मेरा काम परीक्षाओं को ग्रेड देना है। परीक्षा देने वाले एक छात्र ने एक रिपोर्ट भेजी कि आपने अपनी परीक्षा में नक़ल किया था। अगर यह सच है, तो आप परीक्षा में फेल हो गए हैं। ”

"लेकिन सर, मैंने नक़ल नहीं की!"

“आपके कमरे में किसी ने कहा कि आपने नक़ल किया था। अगर आप जीने का मौका चाहते हैं, तो हम आपको कोर्ट में मिलेंगे। ” सूहव ने फोन रख दिया। उसके पिताजी अपने कमरे में भागे।

"क्या आप सुन रहे थे?" सूहव ने पूछा।

"हाँ। हमें अभी कोर्ट जा जरूरी है। लेकिन पहले तुमको मुझे ईमानदारी से बताने की जरूरत है। क्या तुमने नकल किया था? ”

"नहीं।" सूहव ने कहा। “मेरा फोन परीक्षा में एक बार बजा था। लेकिन मैंने नकल नहीं की।”

एक दिन बाद, सूहव और उसके पिता कोर्ट में थे। सूहव को अपना फोन निरीक्षण के लिए देना पड़ा।

"यह बकवास है!" सूहव के पिताजी ने कहा

जज ने कहा, “एक छात्र ने कहा कि उसने देखा कि सूहव अपने फोन पर परीक्षा में जवाब देख रहा था। हमारे टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट के अनुसार, सूहव ने अपना फोन उठाया और परीक्षा के बीच में इसका इस्तेमाल किया। यह हमारे लिए बहुत बड़ा सबूत है। ”

घर वापस आने पर सूहव के पिता गुस्सा नहीं थे। सिर्फ़ दुखी थे।

"नक़ल? तुम होशियार हो, तुम क्यों नक़ल करोगे? ”

पाँच दिन में सूहव को मार दिया जाएगा। वह नहीं जानता था कि उसको क्या लगना चाहिए। उसने अपना फोन चेक किया, और कोई टेक्स्ट नहीं था, और कोई कॉल नहीं था। सभी ने सोचा कि सूहव ने नक़ल किया होगा।

सूहव बहुत दुखी था, लेकिन फिर उसे एक विचार आया। "परीक्षा में मुझे किसने फ़ोन किया था?" सूहव ने सोचा। सूहव ने नंबर देखा और उसे फोन मिलाया। एक आदमी ने फोन उठाया।

“नमस्ते, यह कानपुर खिलौना स्टोर है, हमारे पास शहर के सबसे अच्छे खिलौने हैं। मैं आपकी कैसे मदद कर सकता हूँ?"

“नमस्ते, आपने दो दिन पहले मुझे फोन किया। आप कौन हैं और आपको मेरा नंबर कैसे मिला? ”

"मैं खिलौने बेचता हूँ, आपने कुछ दिन पहले मुझे फोन किया था और मुझे वापस फोन करने के लिए कहा था। क्या आपको याद नहीं है? क्या आपने तय किया कि आप क्या खरीदना चाहते हैं? "

मैंने इस आदमी को कभी नहीं फोन किया, सूहव ने सोचा। शायद उसने गलत नंबर मिलाया?

"सर, मुझे लगता है कि आपके पास गलत नंबर है।"

"यह वह नंबर है जो आपने मुझे दिया था, 919-672-4638।"

यह सूहव का सही नंबर था। वह उसको कैसे मिला?

"क्या यह वही नंबर है जिससे मैंने आपको पहली बार फोन किया था?"

"नहीं, वह 919-267-4359 था।"

सूहव इस नंबर को जानता था। यह आरव का था।


5

सूहव उलझन में था। “मुझे लगा कि आरव मेरा दोस्त है,” सूहव ने सोचा। फिर वह मुझे क्यों मरवाना चाहता है? सूहव को उम्मीद थी कि यह एक गलती थी, और यह आरव नहीं हो सकता।

उस रात, सूहव उस जगह पर गया जहां उसके दोस्त समय बिताते थे। यह एक खूबसूरत रात थी - सूहव चाँद और हजारों सितारों को देख सकता था। मैं इन सितारों को फिर कभी नहीं देख पाऊंगा, सूहव ने सोचा। जब वह पास था, उसने लोग बात करने सुना, इसलिए वह एक पेड़ के पीछे गया और उसने सुना। बस आशी और आरव था।

"मुझे बुरा लगता है कि सूहव की मृत्यु होने वाली है," आशी ने कहा। वह उदास लग रही थी।

"यह ठीक होगा," आरव ने कहा। "सब कुछ ठीक होगा।"

सूहव ने पेड़ के चारों ओर देखा ताकि वह उन्हें देख सकते थे। आशी का सिर आरव के कंधे पर था, और आशी के कंधे पर आरव का हाथ था।

सूहव को गुस्सा आया और वह आरव के पास गया और उसे जमीन पर धक्का दे दिया।

"तुमने ऐसा क्यों किया?" सूहव ने कहा।

"तुम किस बारे में बात कर रहे है?" आरव ने कहा।

"तुम जानते हो मैं क्या कह रहा हूँ। तुमने रिपोर्ट भेजी कि मैं नकल कर  रहा था! "

"तुम गलत बोल रहे हो, मैं तुम्हारे परीक्षण कक्ष में भी नहीं था! ”

“खिलौने वाले ने मुझे बताया। और अभी जब मैं मरूंगा, तो तुम आशी से ख़ास दोस्ती की कोशिश करोगे?

आरव ने कहा, "मैं तुमको कुछ बताऊंगा। क्या तुम जानते हो कि आशी का प्रेमी तुमसे पहले कौन था? क्या उसने तुमको नहीं बताया? वह मैं था। हम एक दूसरे से प्यार करते थे। हमारी शादी होने वाली थी। तुम्हारे आने तक सब कुछ अच्छा था। तुम सोचते हो कि मैं बुरा आदमी हूँ? शायद तुमको खुद को देखना चाहिए। ”

सूहव को पता नहीं है कि क्या कहना है। "आशी, तुमने मुझे यह क्यों नहीं बताया?" सूहव ने पूछा। "सॉरी," आरव ने कहा। "मैं उसके बारे में बात करना या उसके बारे में सोचना नहीं चाहती थी। जब हम साथ थे, तो मैं उससे प्यार नहीं करती थी। वह सिर्फ़ एक दोस्त था। ”

सूहव ने उसे सुना, लेकिन सूहव को नहीं लगा कि वह सच कह रही है।

"और मुझे यह बताओ," सूहव ने कहा। "क्या तुम जानती थीं कि आरव मुझे मारने की कोशिश करने वाला था?" 

आशी ने कुछ नहीं कहा। "आशी?" आशी चुप थी। सूहव को पता चला कि वह बेवफा थी। "तुम दोनों राक्षस हो," सूहव ने कहा।

सूहव ने अपनी प्रेमिका और अपने एक दोस्त को खो दिया। कल रात, वह अपनी जान गंवाने वाला था। रात को 9 बजे उसको लीथल इंजेक्शन दिया जानेवाला था।

सोने जाने से पहले, सूहव आशी के विश्वासघात के बारे में सोच रहा था। अगर आशी जानती थी, तो और कौन जानता था? अर्णव। अर्णव आरव का भाई था, इसलिए उसे जानता होगा। और, अर्णव सूहव का सबसे अच्छा दोस्त था। एक सबसे अच्छा दोस्त ऐसा कैसे कर सकता है? सूहव को फिर से गुस्सा आया। सूहव ने तय किया कि मरने से पहले वह अर्णव से बात करेगा।


6

सूहव नहीं सोच रहा था। वह सिर्फ़ ग़ुस्से से सब कुछ कर रहा था। उसे रसोई से एक चाकू मिला, उसने अपनी जेब में डाल दिया, और अर्णव और आरव के घर तक भाग गया। सूहव ने अर्णव को बाहर बास्केटबॉल खेलते देखा। वह उसके पास गया और उसके चेहरे पर ज़ोर का मुक्का मारा। अर्णव जमीन पर गिर गया।

"क्या कर रहे हो?" अर्णव चिल्लाया।

"तुमको पता था!" सूहव चीखा। “तुमको पता था कि आरव ने रिपोर्ट भेजी है कि मैं नक़ल कर रहा था। और तुमने मुझे कुछ नहीं बताया। और तुमने इसे रोकने के लिए कुछ नहीं किया! " सूहव अर्णव के ऊपर बैठ गया और उसे मुक्के मारने लगा।

"सूहव, मुझे नहीं पता था कि वह आरव था।"

सूहव ने उसे फिर से मुक्का मारा।

"मुझसे यह बकवास मत करो," सूहव ने कहा। “तुम उसके भाई हो। तुम उसके साथ रहते हो। और, तुम मेरे सबसे अच्छे दोस्त थे। हम एक साथ बड़े हुए, और हमने सब कुछ एक साथ किया। ऐसा लगा कि तुम मेरे भाई हो। और मैंने तुमको सब कुछ बता दिया। लेकिन तुम यह भी नहीं बता सकते थे कि मैं मरने वाला था? "

सूहव ने अर्नव को मुक्का मार हुए था। उसकी नाक से खून निकल रहा था। फिर, सूहव ने चाकू निकाल लिया। अर्णव बहुत डर गया।

"मुझे मारने से पहले," अर्णव ने कहा। "तुम्हें पता होना चाहिए कि मैं वैसे भी मरने वाला हूँ।" सूहव ने अपना चाकू नीचे रख दिया।

"क्या? क्यों?" सूहव ने पूछा।

"शनिवार को, मैंने तुम सभी से झूठ बोला," अर्णव ने कहा। “मैं तुम लोगों को नहीं बताना चाहता था कि मैं असफल हुआ। लेकिन मैं असफल हुआ। मैं आज रात को मरने वाला हूँ। और, मैं सच कह रहा हूँ। मुझे नहीं पता था कि यह आरव था। ” सूहव के हाथों पर खून लगा था।

"फिर हम एक साथ मरने जा रहे हैं," सूहव ने कहा।

सूहव के फोन से एक आवाज़ आयी। प्रधान मंत्री वीरेन का एक संदेश था: “आपकी रिपोर्ट गलत थी। आप पास हो गए हैं। ”

सूहव बहुत उलझन में था। यह कैसे हुआ, उसने सोचा। उसे यह बहुत जल्द पता चला। ईशान ने आकर कहा "क्या तुमको वीरेन का संदेश मिला?"

"हाँ। तुमने ये कैसे किया?" सूहव ने पूछा।

“उस रात, मैंने तुम्हारी, आरव, और आशी की बात सुनी। आज मैंने आरव को पीटा जब तक उसने सरकार को फोन नहीं कर दिया और कहा कि वह झूठ बोल रहा था।”

अर्णव को जाना पड़ा। वह मरने वाला था। सूहव ने अपनी प्रेमिका और अपने दो दोस्तों को खो दिया था। उसका सिर्फ़ एक दोस्त बचा था। लेकिन ईशान ने उसकी जान बचा ली थी।

ईशान और सूहव पूरी रात बाहर बैठे रहे। सूहव ने ऊपर देखा और सितारों को देखा।

सूहव खुश था कि वह बहुत सारे सालों तक इसी तरह सितारों को देख पाएगा।
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प्रणय फेरवानी: मैसाचुसेट्स में जन्म। माँ-पिता भारतवंशी। ड्यूक विश्वविद्यालय में गणित की पढ़ाई। हिंदी में दूसरे साल का छात्र। गणित की पढ़ाई के अलावा, पियानो बजाना, नाचना, और पहाड़ों में स्कीइंग करने का शौक़।

ईमेल: prp12@duke.edu


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