हिंदी में अवसर

(दस जनवरी को विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में)

घनश्याम शर्मा 

स्नातकोत्तर शिक्षक हिंदी, केंद्रीय विद्यालय गोपेश्वर 246401, चमोली (उत्तराखंड)
चलभाष: +91 827 867 7890
ईपता: jaimaranisati@gmail.com


घनश्याम शर्मा
संसार भर में लगभग 6,500 भाषाएँ बोली जाती हैं। हिंदी विश्व में बोली जाने वाली तीन प्रमुख भाषाओं में से एक है। लगभग 55 करोड़ लोग हिंदी बोलते हैं। हिंदी को एक विषय के रूप में पढ़ा जाना आपके किए रोज़गार और व्यवसाय के अनेक अवसरों के दरवाज़े खोल सकता है। इन्हीं अवसरों में से कुछ निम्नलिखित हैं:—

शिक्षक/प्रोफ़ेसर:— हिंदी में बीएड, नेट-जेआरएफ, एमफ़िल-पीएचडी आदि योग्यताएँ अर्जित करने के बाद विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों में अध्यापक, प्राध्यापक, प्राचार्य कुलपति आदि सम्मानित पदों को सुशोभित किया जा सकता है।

फ़िल्में और हिंदी:— हिंदी फ़िल्मों का कारोबार बहुत बड़ा है। आज की तारीख़ में सबसे ज़्यादा फ़िल्में, धारावाहिक, लघु-फ़िल्में आदि भारत में ही बनती हैं और इनमें हिंदी का बोलबाला है। हॉलीवुड या अन्य कई भाषाओं की डबिंग के लिए भी हिंदी जानकारों की आवश्यकता होती है। हिंदी में कहानी, पटकथा, संवाद, गाने आदि की मांग दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। इनसे नाम और पैसे दोनों कमाये जा सकते हैं और जीवन समृद्धि से परिपूर्ण हो सकता है।

मीडिया:— हिंदी पत्र-पत्रिकाओं, रेडियो, इंटर्नेट, टेलीविजन आदि में अनेक हिंदी पेशेवरों की मांग दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। इसके लिए बहुत से कोर्स अनेक विश्वविद्यालयों ने चला रखे हैं जिन्हें पूरा करके मीडिया में एक अच्छा कैरियर बनाया जा सकता है। हम एक अच्छे पत्रकार, अनुवादक आदि बन सकते हैं।

राजभाषा हिंदी अधिकारी:— सरकार के सभी विभागों में राजभाषा अधिकारी की नियुक्ति अनिवार्य है। रेलवे, आयकर विभाग, आईआईटी, सीएसआईआर, बैंक, पुलिस आदि सभी विभागों में एक हिंदी अधिकारी के पद सृजित हैं। हिंदी में उच्च शिक्षा प्राप्त करके यह पद पाया जा सकता है।

अनुवादक:— इनकी आवश्यकता हर कहीं महसूस होती है। इस समय संसार में हिंदी बोलने वालों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है, अतः अनुवादकों का कार्य भी बढ़ता जा रहा है।कई अन्य भाषाओं से पुस्तकों का हिंदी अनुवाद करने में भी अनुवादकों की मांग बढ़ जाती है। बहुत से सरकारी और ग़ैर-सरकारी विभागों में भी अनुवादों के पद विद्यमान हैं।

यू-ट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लैटफ़ॉर्म पर अवसर:— इस समय भारत ही नहीं संसार भर में जो टॉप यू-ट्यूबर हैं, वो हिंदी भाषा में कंटेंट बनाते हैं। कारण सीधा सा है, हिंदी बोलने वालों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है।

प्रतियोगी परीक्षाएँ:— बहुत सी प्रतियोगी परीक्षाओं में हिंदी से सम्बंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। आईएएस, राज्य लोक सेवा आयोग, रेलवे आदि के प्रश्न-पत्र हिंदी माध्यम में भी आते हैं और इनमें  हिंदी से सम्बंधित प्रश्न भी पूछे जाते हैं। दोनों ही स्थितियों में हिंदी का महत्त्व और बढ़ जाता है।

हिंदी-कोचिंग:— मुंबई जैसे बड़े शहरों में ही नहीं, बल्कि अब तो छोटे शहरों में भी हिंदी की कोचिंग का कारोबार बड़ी तेज़ी से फल-फूल रहा है। करोड़ों का टर्नओवर होने के साथ ही इस क्षेत्र में अच्छे-से नाम भी कमाया जा सकता है।

हिंदी में कमेंट्री:— किसी भी खेल के लिए हिंदी में कमेंटेटरों की आवश्यकता लगातार रहती है। अतः हिंदी-कमेंट्री में कैरियर बनाया जा सकता है।

विज्ञापन-एजेंसियाँ:— सोशल मीडिया, टेलिविज़न आदि पर विज्ञापन तो हम प्रतिदिन देखते ही रहते हैं। इन सबमें एक बड़ा हिस्सा हिंदी विज्ञापनों का ही है और अच्छी ख़बर ये है कि ये लगातार उन्नति की ओर अग्रसर है।

साहित्यकार:— हिंदी में कविता, कहानी, उपन्यास, नाटक आदि लिखकर भी बहुत अच्छा कैरियर बनाया जा सकता है। अच्छे लेखक/ कवियों के लिए साहित्य अकादमी, ज्ञानपीठ, नोबेल जैसे पुरस्कार हैं। साथ ही पद्म श्री, पद्म भूषण, पद्म विभूषण जैसे पुरस्कार भी हैं।

अन्य:— नेताओं को हमेशा अच्छे भाषणों की आवश्यकता रहती है। यदि कोई हिंदी भाषा में अच्छे भाषण लिख सके तो वह इस दिशा में आगे बढ़ सकता है। हिंदी प्रूफ़ रीडिंग, विदेशों में हिंदी पेशेवरों की मांग, अनेक देशों में हिंदी की पढ़ाई पीएचडी तक होने से वहाँ हिंदी-जानकारों की आवश्यकता, हिंदी फ़्रीलैन्सर, हिंदी टाइपिस्ट, पर्यटन, मंचों पर हिंदी कविऔर काव्य आदि।

हिंदी भाषा और हिंदी विषय में बहुत-से अवसर हैं। इन अवसरों को ध्यान में रखकर योजनानुसार कार्य किया जाए तो हिंदी के माध्यम से भी एक अच्छा कैरियर बनाया जा सकता है। 

No comments :

Post a Comment

We welcome your comments related to the article and the topic being discussed. We expect the comments to be courteous, and respectful of the author and other commenters. Setu reserves the right to moderate, remove or reject comments that contain foul language, insult, hatred, personal information or indicate bad intention. The views expressed in comments reflect those of the commenter, not the official views of the Setu editorial board. प्रकाशित रचना से सम्बंधित शालीन सम्वाद का स्वागत है।