अमेरिका से प्रकाशित हिंदी पत्रिकाएँ

- बी सूर्याकुमारी


एक समय में हिंदी पत्रिकाओं की बात चलने पर गिने-चुने नाम ध्यान में आते थे। धर्मयुग, सारिका, साप्ताहिक हिंदुस्तान, आदि जैसे नाम अब अतीत में खो गये हैं लेकिन अनेक नयी पत्रिकाओं का उदय भी हुआ है। भारत के बाहर भी कई अच्छी हिंदी पत्रिकाएँ नियमित हैं। अक्सर यह सवाल उठता है कि अमेरिका से प्रकाशित होने वाली हिंदी पत्रिकाएँ कौन सी हैं। सामान्य जिज्ञासु पाठक के अलावा हिंदी के शोधार्थी भी अमेरिका से प्रकाशित हिंदी पत्रिकाओं के बारे में जानने को उत्सुक हैं। इस लघु-आलेख में इस शून्य को भरने का प्रयास किया गया है।

वैश्विक पहुँच वाली, हिंदी की अग्रणी मासिक पत्रिका सेतु अमेरिका के पिट्सबर्ग नगर से प्रकाशित होती है। अन्य हिंदी पत्रिकाओं से अलग सेतु के हिंदी संस्करण के साथ-साथ उसका स्वतंत्र अंग्रेज़ी संस्करण भी हर महीने आता है। सेतु के अतिरिक्त विश्व हिंदी न्यास की पत्रिका हिंदी जगत, विश्व हिंदी ज्योति की पत्रिका हिन्दी कौस्तुभ, विश्व हिंदी समिति की पत्रिका सौरभ, अंतरराष्ट्रीय हिंदी समिति की पत्रिका विश्वा, व हिंदी क्लब ऑफ़ इलिनॉय की पत्रिका दृष्टि सहित कई हिंदी पत्रिकाएँ इस समय अमेरिका की भूमि से प्रकाशित हो रही हैं। साहित्यिक अभिरुचि वाली पत्रिकाओं के अलावा संयुक्त राष्ट्र समाचार, अमेरिका की धरती से हिंदी में प्रकाशित होने वाला एक प्रमुख हस्ताक्षर है।

अमेरिका से प्रकाशित पत्रिकाओं में प्रसिद्ध हिंदी व अंग्रेज़ी लेखिका मुक्ता सिंह ज़ॉक्की द्वारा सम्पादित ई-कल्पना अकेली ऐसी पत्रिका है जो अपने लेखकों को मानदेय देती रही है।

तथाकथित अमेरिकी पत्रिकाओं के बीच विभोम-स्वर शायद एकमात्र ऐसी पत्रिका है जो अपने सम्पादकीय व व्यवस्थापकीय कार्यालय, बैंक खाता. तथा न्यायिक वाद का क्षेत्र सभी में सीहोर (मध्य प्रदेश), भारत लिखती है। यहाँ तक कि इस पत्रिका का मूल्य तथा सदस्यता शुल्क भी भारतीय रुपयों में छपा है। पत्रिका में एक प्रति का डॉलर मूल्य लिखते समय "विदेशों के लिये" छपा है। इन तथ्यों के कारण विभोम-स्वर को "अमेरिका से प्रकाशित" कहने के बजाय भारत में मुद्रित और प्रकाशित कहना अधिक सही लगता है।

अमेरिका से प्रकाशित सभी हिंदी पत्रिकाओं का सर्व-सामान्य उभयनिष्ठ घटक इतना ही है कि उनके सम्पादक अवैतनिक हैं और यह कार्य अपनी जीविका के लिये नहीं कर रहे हैं।

सच यह है कि आज के वैश्विक ग्राम में किसी पत्रिका के लिये खुद को भारतीय, अमेरिकी, या प्रवासी के खाँचे में डालना उतना महत्त्वपूर्ण नहीं है जितना प्रकाशित सामग्री की गुणवत्ता और विश्वसनीयता पर ध्यान देना। यह एक ऐसा क्षेत्र है जिस पर हिंदी पत्र-पत्रिकाओं, सम्पादकों-प्रकाशकों सहित हम सभी को ध्यान देने की आवश्यकता है। इसी प्रकार भाषा और लिपि की शुद्धता पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। एक उदाहरण - पंचमाक्षर की जगह अनुस्वार का प्रयोग अलग बात है लेकिन हर पंचमाक्षर की जगह 'न' का प्रयोग करना एकदम ग़लत है जो कि फ़ॉण्ट जैसे सामान्य शब्द के त्रुटिपूर्ण लेखन में आजकल हर ओर देखने को मिल रहा है।

सेतु, मासिक (पिट्सबर्ग, अमेरिका)

ई-कल्पना, द्वैमासिक, कैलिफ़ोर्निया

हिंदी कौस्तुभ, त्रैमासिक (कैलिफ़ोर्निया)

दृष्टि, मासिक (शिकागो, अमेरिका)

हिंदी जगत, त्रैमासिक (न्यू यॉर्क, अमेरिका)

सौरभ, त्रैमासिक (न्यू यॉर्क, अमेरिका)

विश्वा, त्रैमासिक (मर्फ़ीज़बोरो, अमेरिका)

विभोम स्वर, त्रैमासिक (सीहोर, भारत)


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