जन्नत का टुकड़ा - ‘ऑकलैंड’

दीप्ति गुप्ता

दीप्ति गुप्ता


 गर फ़िरदौस बर्-रूए-ज़मीन अस्त 
 हमीं अस्त, हमीं अस्तो, हमीं अस्त!

अगर कहूँ कि ऑकलैंड पर यह शेर पूरी तरह सही उतरता है तो अत्युक्ति नहीं होगी! प्रशान्त महासागर में ऑस्ट्रेलिया के पास स्थित, धरती पर जन्नत का टुकड़ा सा, दुनिया का सबसे खूबसूरत देशों में से एक - न्यूज़ीलैंड! हाल ही में, मैं मार्च से मई तक तीन महीने इस जन्नत में अपनी बेटी के पास रही! न्यूज़ीलैंड के उत्तरी भाग में बसा, इस देश का एक चमचमाता शहर है - ‘ऑकलैंड’, न्यूज़ीलैंड की शान, मान और जान के रूप में जाना जाता है! यह इस देश का विशालतम शहर है। विविध सँस्कृतियों की नगरी ऑकलैंड दुनिया की पौलीनेशियन आबादी वालों के लिए बसने का सबसे प्रिय और मनभावन स्थान है। 

अक्सर लोगों को कहते सुना है कि लम्बी हवाई यात्रा के बाद आठ-दस दिन तक जेट-लेग रहता है, पर इसे इस शहर की आबो-हवा का असर कहूँ या बेटी से मिलने की खुशी कहूँ, बहरहाल, जो भी कारण रहा हो, मुझे जेट-लेग महसूस ही नहीं हुआ! मैं वहाँ रात ग्यारह बजे पहुँचने के बाद, अगले दिन सुबह बिना किसी थकावट के वहाँ की खुशगवार सुबह के साथ, ताज़गी से भरी हुई उठी! सुबह की चाय पर, दिन का प्रोग्राम बना कि उस दिन अधिक दूर नहीं, बल्कि आस-पास एक दो स्थानों पे और मुख्य रूप से घर के पास नीचे ही समुद्र किनारे लम्बी सैर के लिए जाएंगे! वहाँ जगह-जगह पसरे समुद्रों की सफाई का इतना ध्यान रखा जाता है कि उनका स्वच्छ चमचमाता हल्का नीला जल सहज ही मन मोह लेता है! बेटी और मैं शान्त सड़क पर टहलते हुए, सागर तीरे पहुँचे तो ठंडी हवाओं ने हमारे गले लगते हुए स्वागत किया! सूरज के डूबने तक, उस खूबसूरत नज़ारे को देखने के लिए हम देर तक टहलने के बाद, वहाँ सीमेंट की बनी एक बेंच पर बैठ गए! धीरे-धीरे अस्ताचल को जाता कुछ लाल, कुछ नारंगी सूरज, आस-पास की हर चीज़ को अपनी लालिमा में रंगते हुए समुद्र में ऐसे समाता चला गया जैसे कोई योगी धीरे-धीरे ‘जल-समाधि’ ले रहा हो! उस समय ईश्वर की चहुँ ओर उपस्थिति को लेकर लिखा गया कबीर का यह दोहा सहसा ही मुझे याद आ गया – “लाली मेरे लाल की जित देखूँ, तित लाल, लालू देखन मैं गई, मैं भी हो गई लाल!” वहाँ के प्राकृतिक सौंदर्य के बारे में बाते करते हुए हम टहलते हुए कब घर आ गए पता ही नहीं चला!

दो दिन बाद रात के खाने पर ऑकलैंड के बारे में बातचीत करते हुए, बेटी ने बताया कि यहाँ के मूल निवासी – ‘माओरी’ जनजाति के लोगों की स्थानीय "माओरी भाषा" में, ऑकलैंड का नाम "तमाकी" या "सौ प्रेमियों वाला तमाकी" (Tamaki-makau-rau = Tamaki with hundred lovers) है! यह नाम, यहाँ चारो दिशाओं में सैकड़ों जलधारा - केन्द्रों पर मिलने वाली उस उपजाऊ भूमि के कारण है, जहाँ सब बसना चाहते हैं। यह शहर, उत्तर में ‘वेवैरा’, उत्तर-पश्चिम में "कुमू" और दक्षिण में "रुंसीमॉन" तक फैला हुआ है। इन रोचक बातों के बीच खिड़की से आए, ठंडी हवा के झोके ने मुझे सिहरा दिया! उस सर्द लहर से मैं, ऑकलैंड की भौगोलिक स्थिति को जानने के लिए उत्सुक हो उठी और मैंने बेटी मानसी से इस बारे में कुछ बताने के लिए कहा! वह बोली - ‘कॉफ़ी बना लाती हूँ, फिर कॉफी पीते हुए यहाँ की ज्योग्राफी पर बात करेगें’! कुछ ही देर में, मानसी ने गरम-गरम कॉफी का कप मुझे पकडाते हुए, मेरे पास सोफे पर बैठ कर, कॉफी की चुस्कियों के साथ भूगोलवेत्ता की तरह मुझे विस्तार से बताना शुरू किया कि ऑकलैंड प्रशान्त महासागर के पूर्व में "हॉराकी खाड़ी", दक्षिण-पूर्व में "हुना", दक्षिण-पश्चिम में "मनुकाऊ बन्दरगाह" व "वाइटाकरे" क्षेत्र और थोड़ा हिस्सा पश्चिम व उत्तर-पश्चिम तक पसरा हुआ है। शहरी क्षेत्र के मध्य भाग, तस्मान सागर पर "मनुकाऊ बन्दरगाह" और प्रशान्त महासागर में "वेटाइमैटा बन्दरगाह" के बीच, संकरे "स्थलडमरूमध्य" तक जाता है। ऑकलैंड पुल अपनी लम्बाई और चौड़ाई से, दोनों बन्दरगाहों को दो हिस्सों में बाँटता है। "ऑकलैंड हार्बर ब्रिज", ऑकलैंड सेन्ट्रल बिज़नैस डिस्ट्रिक (CBD) के पश्चिम में ‘वाईतामाता’ बन्दरगाह के आरपार जाता है। यह शहर, स्थलडमरूमध्य पर और उसके आसपास ‘मान्गेरे’ प्रवेश मार्ग और तमाकी नदी के मध्य, अपने सबसे सँकरे बिन्दु पर, लगभग दो किलोमीटर से भी कम की चौड़ाई में फैला हुआ है। मैं बेटी से उस शहर के भूगोल की इतनी सूक्ष्म जानकारी पाकर मन ही मन चकित थी कि तभी वह बोली कि ऑकलैंड का कुल समुद्र तट लगभग 3,000 किलोमीटर लम्बा है। "माउन्गेरे ब्रिज" और "अपर हार्बर ब्रिज" क्रमश: ‘मानुकाऊ’ और ‘वाईतामाता’ के ऊपरी हिस्से से लगे हुए स्थित हैं। पहले समय में, भारवाहन पथ, स्थलडमरूमध्य के सँकरे से सँकरे हिस्सों को भी पार करते थे। बीच में एक पल के विराम के बाद वह बोली कि इतनी चकित क्यों हो मम्मी, तेरह-चौदह वर्षों से यहाँ रह रही हूँ तो ये सब जानकारियाँ, नाम आदि सहज ही मेरे ज़हन में अंकित हैं! यहाँ के नाम तुमको अटपटे से लग सकते हैं, लेकिन बार-बार कानों से गुजरेंगे तो सामान्य लगने लगेंगे और स्मृति में भी बैठ जायेंगे! उसने फिर आगे बताना शुरू किया कि हौराकी खाड़ी के कुछ द्वीप, ऑकलैंड के अंग माने जाते हैं, जबकि वे ऑकलैंड मैट्रॉपॉलिटन क्षेत्र के अन्तर्गत नहीं हैं। ‘वाहीके द्वीप’ के हिस्से ऑकलैंड कस्बों की तरह हैं तथा ऑकलैंड के पास के विविध छोटे- छोटे द्वीप, मनोरंजन के खुले स्थान और प्राकृतिक अभयारण्य (पशु-पक्षियों की शरणस्थली) के रूप में प्रयुक्त होते हैं।

उसने बताया कि ऑकलैंड के चारों ओर अपना सुरक्षा घेरा बनाने वाली पहाड़ियाँ, भारी बारिश वाले घने जंगलों से ढकी हुई हैं, और हरियाली से भरी ज़मीन पर, दर्जनों निष्क्रिय ज्वालामुखियों के शंकु छितरे हुए हैं। स्थलडमरूमध्य, जिस पर ऑकलैंड स्थित है, वह सन् 1350 में अस्तित्व में आया था और अपनी उपजाऊ भूमि के लिए जाना गया। 

इसी बीच मुझे नींद का सा एहसास हुआ, अतैव बाक़ी बातें अगले दिन के लिए रोक कर हम सोने चले गए!

 अगले सप्ताह मानसी के पारिवारिक मित्र जर्मन पति-पत्नी ने हमें लंच पर बुलाया! हमारे घर से उनका घर 7-8 किलोमीटर दूर था! उतनी दूर की ड्राइव पर, रास्ते में पड़ने वाली सुन्दर जगहों, छोटी-बड़ी आधुनिक दुकानों, हरी-भरी ज़मीन और नीले आसमान के अद्भुत नज़ारों को देखते हुए मैं अभिभूत थी! तभी कुछ देर बाद, कार के रुकने पर मैं उस सौन्दर्य की दुनिया से एक झटके साथ बाहर आई तो देखा जर्मन दम्पति हमारे स्वागत के लिए घर के बाहर प्रतीक्षा करते हुए खड़े हुए थे! वे बहुत प्रेम से गले मिले! उनके दुमंजिले घर की खूबसूरती भी देखते ही बनती थी! पहले हम ऊपर उनके शीशे की खिड़कियों से आवृत्त ‘ग्लास रूम’ में बैठे, जहाँ से पहाड़ियाँ और उन पर झुका आसमाँ मन मोह रहा था, चारों ओर तिलस्मी निस्तब्धता छाई हुई थी! तभी मेजबान मोनिका जी हमारे लिए जूस ले आई! जूस के प्यालों पे मैंने मोनिका जी और उनके पति मि. जुर्गन से ऑकलैंड पर चर्चा छेड़ दी! उनसे बातों-बातों में पता चला कि 1840 में यहाँ ब्रिटिश कॉलोनी स्थापित हुई थी, तो उस समय न्यूज़ीलैंड के लैफ़टीनैन्ट गवर्नर "विलियम हॉब्सन" ने कभी इस शहर को न्यूज़ीलैंड की राजधानी के रूप में चुना था। मि.जुर्गन ने बताया कि हालाकि ऑकलैंड के लिए इमीग्रेशन हमेशा कठिन और सख़्त कानूनो वाला रहा, फिर भी यह इस देश की सबसे घनी आबादी वाला शहर है। योरोपियन लोगों के यहाँ आने से पहले, यहाँ के मूल निवासी माऊरिओं की जनसंख्या बहुत कम यानी 20,000 के लगभग थी। आज ‘ऑकलैंड’, न्यूज़ीलैंड का विशाल व्यावसायिक और आर्थिक केन्द्र है। ऑकलैंड विश्व के कुछ चुनिन्दा शहरों में एक ऐसा अनूठा शहर है, जहाँ दो अलग-अलग विशाल जलाशयों पर, प्रत्येक के अपने बन्दरगाह मिलेंगे। यहाँ की आर्ट गैलरी, Toi O Tamaki, हार्बर ब्रिज, स्काई टॉवर, अनेक म्यूज़ियम, पार्क, रेस्तराँ और थियेटर आदि घूमने आने वाले सैलानियों का प्रमुख आकर्षण हैं। ऑकलैंड अपने महत्वपूर्ण वाणिज्य, कला और शिक्षा की वज़ह से Beta + World city के रूप में विभक्त है। तभी मोनिका बोली कि सन् 1883 में स्थापित ऑकलैंड विश्वविद्यालय, न्यूज़ीलैंड का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय है। विश्व के सर्वाधिक महँगे शहरों में से एक होने पर भी, ऑकलैंड ने 2016 में यहाँ के निवासियों के रहन-सहन के स्तर पर ‘मर्सर सर्वेक्षण’ की तीसरी श्रेणी प्राप्त की जिसके अनुसार यह लोगों के रहने के लिए, सबसे अनुकूल और वांछनीय शहर माना गया। बीच में मि. जुर्गन ने एक जानकारी जोड़ी कि ऑकलैंड प्रतिमाह लगभग एक लाख अन्तर्राष्ट्रीय यात्रियों को अपनी सेवाएँ देता है। इसके बाद मेजबान मोनिका ने मुस्कुराते हुए प्यार से आदेश दिया – “अब लंच और इस बारे में विस्तार से बाते बाद मे”! हम सभी डायनिंग रूम आ गए और कुछ पश्चिमी और कुछ पूर्वी स्वादिष्ट भोजन का स्वाद लेते हुए हमने भोजन किया! पत्नी के सतत मददगार मि. जुर्गन एक ट्रे में चॉकलेट आइसक्रीम लेकर आ गए और बोले जल्दी से अपने-अपने कप उठाइए, मुझसे आइसक्रीम को देख कर रहा नहीं जा रहा! हमने उनकी बात पर मुस्कुराते हुए अपने कप थामे और बोलने के शौकीन, मि. जुर्गन मेरे बिना कहे ही ऑकलैंड के बारे में बताने लगे!

उन्होंने यहाँ की मूलभूत संरचना के बारे में बताते हुए जानकारी दी कि यहाँ राज्य राजमार्ग नैटवर्क, पूरे शहर में, उत्तर-दक्षिण भाग के प्रमुख आम रास्ते वाले (उत्तरी और दक्षिणी मोटर वाहन मार्गों सहित) राज्य-राजमार्ग 1 तथा निकटस्थ क्षेत्र नॉर्थलैंड और ‘वायकाटो’ को भी जोड़ने वाले प्रमुख रास्ते सहित, ऑकलैंड के विभिन्न भागों को एक दूसरे से जोड़ता है। उत्तरी बस मार्ग, उत्तरी तट पर उत्तरी मोटर मार्ग के साथ-साथ लगा हुआ है। ऑकलैंड में दूसरे राज्य-राजमार्ग -- राज्य-राजमार्ग 16 (उत्तर-पश्चिम मोटर मार्ग), राज्य-राजमार्ग 18 (उच्च बन्दरगाह मोटर मार्ग), राज्य- राजमार्ग 20 (दक्षिण-पश्चिम मोटर मार्ग) राज्य-राजमार्ग 22 मोटर मार्ग नहीं है, बल्कि यह Dury में दक्षिणी मोटर मार्ग ‘पुकेहोहो’ से जोड़ने वाला "ग्रामीण मुख्य मार्ग" है। 1959 में खुलने वाला "ऑकलैंड हार्बर ब्रिज", उत्तरी तट व समूचे ऑकलैंड मैट्रोपॉलिटन क्षेत्र को जोड़ने वाला प्रमुख पुल है। इस पुल के माध्यम से "वाहन यातायात" के आठ पतले रास्ते उपलब्ध होते हैं तथा इन रास्तों के सुविधानुसार प्रयोग के लिए, बीच-बीच में "चल नाकाबन्दी" का प्रबन्ध भी है। लेकिन पैदल चलने वालों और साइकिल सवारों की रेलों तक पहुँच नहीं है। "सेन्ट्रल मोटर जंक्शन", जो "स्पाघेटी जंक्शन" के नाम से भी जाना जाता है, वह अपनी जटिलता के कारण, ऑकलैंड के दो मोटर मार्गों (राजमार्ग 1 और राजमार्ग 16 ) के बीच चौराहा है।

तभी मोनिका ने बीच में चर्चा का सूत्र थामते हुए बताया कि ऑकलैंड क्षेत्र में दो सबसे लम्बी सड़कें हैं - ‘ग्रेट नॉर्थ रोड’ और ‘ग्रेट साउथ रोड’ - जो राजमार्ग नैटवर्क के निर्माण से पहले, इन दो दिशाओं में अन्य यातायात मार्गो को प्रमुखता से जोड़ती थीं। इसके अलावा असंख्य क्षेत्रीय और उपक्षेत्रीय प्रधान सड़कें, अन्य अनेक सड़कों, बड़े मार्गो को परस्पर जोड़ती हैं। ऑकलैंड में चार रेलवे लाइनें हैं - पश्चिमी, ओनेहंगा, पूर्वी एवं दक्षिणी। ये लाइनें डाउनटाउन ऑकलैंड में "ब्रिटोमार्ट ट्रांसपोर्ट सेन्टर" जो सभी लाइनों का अन्तिम केन्द्र है, और जहाँ से नौका और बस सेवाएँ उपलब्ध हैं, उससे लेकर पश्चिमी, दक्षिणी और पूर्वी भागों को जोड़ती हैं। यातायात की अधिक आरामदायक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए और ब्रिटोमार्ट को पश्चिमी लाइन पर, पश्चिमी उपनगरों से भूमिगत रेल गुफ़ा से सीधा जोड़ने के लिए "सिटी रेल लिंक प्रोजेक्ट" के नाम से 2015 के अन्त में प्रारम्भ हुआ।

इतिहास में रुचि रखने वाले. मि. जुर्गन बोले कि यदि यहाँ के ‘इतिहास’ पर नज़र डाले तो पाएंगे कि यहाँ मूल निवासियों, जो ‘माओरी’ नाम से जाने जाते हैं, उनके द्वारा अस्तित्व में आया न्यूजीलैंड और उसका यह शहर, स्थलडमरूमध्य के सन् 1350 में माओरी लोगों द्वारा बसाए जाने के पीछे, इस स्थान की उपजाऊ भूमि एक महत्वपूर्ण कारण है। हर तरह से सुरक्षित अनेक गाँव मुख्यतया ज्वालामुखी के उच्चतम भाग पर बसाए गए। 18 वीं सदी के अन्त में, उत्तरी भाग में अस्त्र-शस्त्रों के प्रयोग की शुरुआत ने शक्ति के सन्तुलन को अस्त-व्यस्त कर दिया था, जिसके कारण सन् 1807 में, जनजातियों के बीच विनाशकारी युद्धों की शुरूआत हुई, जिसने माओरी जनजातियों के संगठन को (IWI) को जन्म दिया, जिनके पास नए हथियारों के साथ छुप कर शरण लेने वाले, ऐसे क्षेत्रों में अभाव था, जो समुद्री किनारों से होने वाले हमलों से छुपे हुए हों। जिसका परिणाम यह हुआ कि जब योरोपियन लोगों ने न्यूज़ीलैंड में घुस कर बसना शुरू किया तो, ऐसे क्षेत्रों में माओरी जनजातियों की संख्या नहीं के बराबर हो गई।

27, जनवरी, 1831- 32 के लगभग सिडनी और ओटागो के "वैलर भाईयों" में सबसे बड़े, "जोसेफ़ ब्रुक्स वैलर" ने उत्तरी समुद्र के किनारे पर, आधुनिक शहर ऑकलैंड का एक हिस्सा और अविकसित क्षेत्र की ज़मीन के साथ "रॉडनी ज़िले" का भाग खरीद लिया था। फ़रवरी 1840 में ‘वायतांगी की सन्धि’ के बाद, तत्कालीन वॉयसरय जॉर्ज ईडन के नाम पर, नए गवर्नर हॉब्सन ने, इसका नामकरण करते हुए, ऑकलैंड को न्यूज़ीलैंड की राजधानी बनाया! वह भूभाग, जिस पर ऑकलैंड बसाया गया, वह स्थानीय जनजाति "नातीफातुआ” द्वारा गवर्नर को सद्भावना के प्रतीक रूप में इस आशा के साथ भेंट किया गया था कि शहर का निर्माण जनजातियों के लिए वाणिज्य और राजनीति के सुन्दर अवसरों का स्रोत बनेगा।

सन् 1841 में ऑकलैंड पूरी औपचारिकता के साथ, देश की राजधानी घोषित कर दिया गया और खाडी द्वीप (Bay of Island ) में ‘रसल’ (Russell) जो योरोपियन लोगों के रहने का स्थायी स्थान था, वहाँ से प्रशासन का, स्थानान्तरण 1842 ऑकलैंड में हो गया। हांलाकि , 1840 में ‘पोर्ट निकोलस’ और बाद में जो "वैलिंगटन" के नाम से जाना गया, उसे प्रशासनिक काम-काज के लिए बेहतर माना गया, दक्षिणी द्वीप से उसकी निकटता के कारण और इस तरह वह 1865 में "वैलिंगटन" न्यूज़ीलैंड की राजधानी बनाया गया। इसके बावजूद भी ऑकलैंड न्यूज़ीलैंड का एक महत्वपूर्ण शहर रहा। 1840 के मध्य में, ‘होनेहीके’ द्वारा चलाए जाने वाले विद्रोह के जवाब में, सरकार ने अवकाश प्राप्त, पर शारीरिक रूप से सशक्त व समर्थ ब्रिटिश सैनिकों को उनके परिवारों सहित, ऑकलैंड जाकर बसने के लिए प्रोत्साहित किया, जिससे वे वहाँ जाकर, गैरिसन सैनिकों के रूप में, बन्दरगाह के चारों ओर एक सुरक्षा सीमा बनाई।

तभी घड़ी में देखा तो तीन बज चुका था! हमें बाजार से कुछ सामन भी लेना था, सो हम चलने के लिए उठ खड़े हुए! विदा लेकर, बाज़ार से सामान लेते हुए, हम अपने "होम, स्वीट होम" आ गए! वहाँ पालतू बिल्ली हमारे इंतज़ार में लॉन में पेड़ के नीचे बैठी हुई थी! हमें देखते ही कूदकर हमारे पास आ गई और हमारे इर्द-गिर्द चक्कर काटने लगी! मानसी ने उसे गोद लेकर दुलारा और वह आँखें मीचकर उसकी बाँहों में सुकून से सिमट गई!

अगले सप्ताह मैं मानसी और उसके दूसरे 'मित्र परिवार' के साथ म्यूज़ियम व बौटेनिकल गार्डन देखने गई। हम अच्छा मौसम देखकर, रोज़ एक नए स्थान पर जाते और बीच में लंच खा लेते और फिर दर्शंनीय स्थलों को देखने में मशगूल हो जाते। ऑकलैंड में अनेक म्यूज़िम हैं। जो काफ़ी विशालकाय हैं। उनको देखने और समझने के लिए एक म्यूज़ियम के लिए कम से कम, दो-तीन दिन तो चाहिए ही। War Memorial Museum, Auckland Art Gallery, Transport Museum, Maritime Museum आदि ऑकलैंड और न्यूज़ीलैंड के इतिहास व रोचक जानकारियों के अद्भुत स्रोत हैं।

‘वार मेमोरियल म्यूजियम’ में लगी युगों पुरानी विशाल तस्वीरों और उनके नीचे लगी लिखित सूचनाओं को पढ़ कर, मैंने जाना कि 1848 में, जब तक प्रथम रंगरूट /फ़ौजी (Fencibles) पहुँचे, तब तक उत्तर में विद्रोही समूह हार चुके थे। तब तक ख़ाके पर तैयार सुरक्षा नगरों का निर्माण दक्षिण की ओर हो चुका था, जो पश्चिम में ‘ओनेहंगा’ के बन्दरगाह गाँव से लेकर, पूर्व में ‘हौविक’ तक फैला हुआ था। चारों सुरक्षा स्थलों पर, प्रत्येक पर 800 निवासी थे, पुरुष किसी भी आपातकाल के लिए सशस्त्र तैयार रहते थे, लेकिन आपातकाल न होने पर, वे अपने समय का ज़मीन खोदने और सड़के बनाने में सदुपयोग करते थे। सन् 1860 की शुरूआत में ऑकलैंड फिर से एक बार माओरी राजा के विरोध में युद्ध का प्रमुख आधार स्थल बना। बारह हज़ार जो इम्पीरियल सैनिक वहाँ तैनात थे, उनके आगमन से स्थानीय वाणिज्य-व्यापार की बहुत प्रगति हुई। इस वज़ह से और साथ ही दक्षिणी हिस्से में "वैकाटो" में चल रहे सड़क निर्माण कार्य की वज़ह से भी पाकेहा निवासियों का (योरोपियन लोगों का) ऑकलैंड में प्रभाव बढ़ना शुरू हुआ। फलस्वरूप शहर की आबादी गति से बढ़ी। आबादी की बढ़ोतरी, व्यापार आधारित नगरों के समान हुई, मुख्य रूप से बन्दरगाह पर और उसके आसपास, चारों ओर, जिससे भीड़ की अधिकता और प्रदूषण की समस्याएँ भी जन्मीं।

ऑकलैंड में पूर्व-सैनिकों की आबादी अन्य स्थानों की आबादी की तुलना में बहुत अधिक थी। उनमें 50% आयरिश थे, जो वैलिंगडन, क्राइस्ट चर्च और प्लेमाउथ में बसे हुए, अधिकतम ब्रिटिश निवासियों से विपरीत मानसिकता वाले थे। शुरुआती अवधि में नए आने वाले अधिकांश लोगों को सस्ते मार्ग से न्यूज़ीलैंड में प्रवेश करने की भारी मदद मिली। किसी भी शहर की बहुसांस्कृतिक शक्ति में वहाँ के निवासियों और उनके लिए यातायात के साधनों के बढ़ते हुए सामाजिक असर का बड़ा योगदान होता है, जो उसे उत्तरोत्तर समृद्ध बनाता है। ऐसा ही ऑकलैंड के साथ हुआ! प्रशान्त द्वीपवासियों की ज़मीनी सभ्यता और संस्कृति और देसी लोगों के सघन प्रभाव, साथ ही बीसवीं सदी के शुरुआती दौर से मध्य काल तक, ट्रामों और रेलवे लाइंस ने ऑकलैंड को गति से हर दिशा में फैलाया। समय के साथ-साथ प्रमुख सड़कों, मोटर वाहनों के रास्तों और भौगोलिक रूप से शहरी परिदृश्य को अधिक स्पष्ट और सहज भागों में व्यवस्थित कर दिया गया। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, शहर की यातायात व्यवस्था और नगरीय आकार लगातार बढ़ते हुए मोटर वाहनों वाले हो गए। इतना ही नहीं, इससे आगे चल कर भी बहुत अधिक विस्तार हुआ, जिसने 1950 में ‘ऑकलैंड हार्बर ब्रिज’ के बनने के बाद ‘उत्तरी किनारे’ और दक्षिण में ‘मानुकाऊ’ शहर जैसे नगरीय क्षेत्रों के विस्तार को अंजाम दिया। सन् 1980 के मध्य में आर्थिक अविनियमन (deregulation) के तहत नियमों में ढील ने ऑकलैंड की आर्थिक स्थिति में आश्चर्यजनक रूप से इजाफ़ा किया कि अनेक कम्पनियों ने अपने मुख्यालय वैलिंगडन से ऑकलैंड तक स्थापित किए, जिससे यह इलाका राष्ट्रीय अर्थ (Economy) की नब्ज बन गया। पर्यटन के उत्थान से भी ऑकलैंड को बहुत अधिक लाभ हुआ, जिसके कारण न्यूज़ीलैंड में आने वाले सैलानियों का पचहत्तर प्रतिशत, ऑकलैंड हवाई अड्डे से आता था! साथ ही 2015 में देश का कन्टेनर व्यापार का इकत्तीस प्रतिशत भी ऑकलैंड हवाई अड्डा ही सम्हालता था। न्यूज़ीलैंड की सूरत में बड़ा बदलाव तब आया, जब सरकार की ‘आप्रवास’ (Immigration) नीति ने 1986 से एशिया के लोगों को देश में आने दिया। सन् 1961 की जनगणना के अनुसार ऑकलैंड की आबादी में माओरी और प्रशान्त द्वीपवासी पाँच प्रतिशत ही हुआ करते थे और एशियाई सिर्फ़ एक प्रतिशत। सन् 2006 तक ऑकलैंड में एशियाई लोगों की आबादी अठ्ठारह प्रतिशत तक पहुँच गई और सेंट्रल सिटी में छत्तीस प्रतिशत हो गई। हांगकांग, तायवान, और कोरिया से आकर यहाँ बसने वाले नए लोगों ने अपनी संस्कृति से ऑकलैंड के उस भाग को अलग ही रूपाकार दिया, जहाँ उनका जमावड़ा था, जबकि अन्य विदेशियों ने छोटी बस्तियों को (सबर्ब्स) अपने मस्जिद, हिन्दू मन्दिर, देसी रेस्तराँ आदि स्थापित करके एक भिन्न पहचान दी। इस शहर की ‘जलवायु’ और ‘पर्यावरण’ की बात करे तो "कॉपैन जलवायु विभाजन" के अनुसार, ऑकलैंड की "समुद्री जलवायु" है। जबकि राष्ट्रीय संस्थान - जल एवं मौसम अनुसंधान (National Institute of Water & Atmosphere Research - NIWA) के सर्वेक्षण के अनुसार, यह अपने गर्म और चिपचिपे ग्रीष्मकाल और हल्के भीगे सर्दी के मौसम के कारण उपोष्णकटिबंधीय (Subtropical ) जलवायु की कोटि में आता है। उप-उष्णकटिबंधीय जलवायु में सर्दियाँ अपेक्षाकृत गुनगुनी होती हैं, लेकिन गर्मी के मौसम की तरह गर्म नहीं होती हैं। यहाँ शायद ही कभी पाला या बर्फबारी देखने को मिली! उन मध्य अक्षांशों के विपरीत जिनमें मज़बूत पर्णपाती और शंकुधारी पेड़ हावी रहते हैं, यहाँ ताड़, नींबू और कई चौड़ी पत्तियों वाले सदाबहार वृक्ष पनपते हैं। उष्णकटिबंधीय पक्ष की ओर रुख करने से ज्ञात होता है कि गुलाबी सर्दियों वाला मौसम पूरी तरह गायब हो जाता है, जबकि उप-उष्णकटिबंधों की ध्रुवाभिमुखीय सीमा पर सर्दी ज़्यादा होती हैं। समूचे उप-उष्णकटिबंधीय क्षेत्र भर में वर्षा स्वरूप व्यापक रूप से बदलता है जैसे गर्म रेगिस्तान, सवाना, मानसून के जंगलों, नम जंगलों और भूमध्य जलवायु क्षेत्र के गर्म भागों में। यह न्यूज़ीलैंड के सबसे गर्म और खुली धूप वाले प्रमुख केन्द्र के रूप में जाना जाता है! यहाँ का अधिकतम तापमान, फ़रवरी में प्रतिदिन 23.7 डिग्री सैल्सियस और जुलाई में 14.7 डिग्री सैल्सियस रहता है। यहाँ इस तापमान के बावजूद भी भारी वर्षा पूरे साल होती है।

पिछले 13 -14 वर्षों से ऑकलैंड में बसी मेरी बेटी मानसी ने बताया कि यहाँ वह हिमपात देखने को तरस गई। उसने बताया कि वहाँ लम्बे समय से बसे लोगों के अनुसार, एक बार, कभी जुलाई, सन् 1929 में गौर करने लायक बर्फ़ गिरी थी, जिसका आज तक अक्सर उल्लेख होता है कि जो घर से बाहर गए लोगों के कपड़ों पर अटक गई थी तथा 5 सें. मी. बर्फ़ की परत "ईडन पर्वत" की चोटी पर पाई गई थी। इसके अलावा एक बार, 28 जुलाई, 1930 में भी इस तरह बर्फ़ गिरी थी।

मानसी के सामने 15 अगस्त, 2011 में पतले टुकड़ों के रूप में बर्फ़ गिरी। मानसी ने अपनी डायरी खोल कर बताया कि शोख़ समुद्री हवाओं के चलने की शुरूआत से पहले, मौसम के आगमन पर, स्थलडमरूमध्य पे उतरी शान्ति और ख़ामोशी का उल्लेख सन् 1853 में कुछ इस तरह किया गया था -
"सभी ऋतुओं में दिन की ख़ूबसूरती भोर के समय चरम पर होती है। उस मृदुल क्षण में, सुख- सुकून देने वाली एक अलौकिक अनूठी शान्ति समूची प्रकृति को अपने आगोश में लिए होती है।"
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वायु प्रदूषण को सख्त नापसंद करने वाली मानसी ने बताया कि ऑकलैंड में पेट्रोल व डीज़ल आदि के बहुत सूक्ष्म कणों के कारण कभी कभार, हल्का सा, नाममात्र का वायु प्रदूषण हो जाता है। लेकिन यहाँ की समुद्री हवाएँ प्रदूषण को तेज़ी से समाप्त कर देती हैं जो कभी-कभी धुंध (Smog) के रूप में देखा जा सकता है - ख़ासतौर से शान्त सर्दियों के दिनों में।

 एक दिन रविवार के दिन, हमारे घर ऑकलैंड विश्वविद्यालय के प्रोफैसर मि. ईओन आ गए। उन्होंने दोपहर में धूप में बैठे हुए जो ऑकलैंड पर जो महत्वपूर्ण जानकारी दी, उससे मेरा बहुत ज्ञानवर्द्धन हुआ। बकौल मि. ईओन ऑकलैंड का भूभाग ज्वालामुखियों से भरा हुआ है, जहाँ पिछले 90,000 वर्षो में 50 ज्वालामुखियों से, 90 दफ़ा भयंकर रूप से लावा फूट कर बहा। सारी दुनिया में यह अकेला ज्वालामुखी प्रधान शहर है, जो basaltic ज्वालामुखी ज़मीन पर विद्यमान होते हुए भी, सक्रिय है। उन्होंने बताया कि यह अनुमान है कि यह दस लाख वर्षों तक सक्रिय रहेगा। यहाँ की ज़मीन में शंकु, झील, तालाब, द्वीप, गड्ढे और लावा का सघन प्रवाह देखने को मिलता है। कुछ शंकु और बहाव आंशिक रूप से या पूरी तरह से समाप्त हो चुके हैं। अलग-अलग ज्वालामुखी लगभग विलीन हो गए हैं तथा ज्वालामुखीय ज़मीन सुप्तावस्था में है। अब उत्तर पश्चिमी भूभाग पर ज्वालामुखी फटने के आसार हो सकते हैं। ऑकलैंड में 14 बड़ी लावा ट्यूब हैं, जो ज्वालामुखियों से नीचे की ओर समुद्र में जाती हैं। उनमें से कुछ कई किलोमीटर लम्बी हैं। एक नया कस्बा "स्टोनफ़ील्ड्स" माउन्गरे, माउंट वैलिंगटन के उत्तर-पश्चिम में खुदे हुए लावा बहाव पर बनाया गया है, जो पहले ‘ विंस्टोन्स’ (कंपनी) द्वारा खदान के लिए प्रयुक्त किया जाता था। सबसे हाल ही का और सबसे भीमकाय ज्वालामुखी ‘रांगीतोतो’ द्वीप, पिछले 1000 वर्षों के अन्दर बना था और इसके फटने से 700 वर्ष पूर्व ‘मोटूटापू’ द्वीप पे बसी माओरी बस्ती नष्ट हो गई थी। ‘रांगीतोतो’ का आकार, इसकी समरूपता, इसकी सहज स्थिति जो ‘वैईतामाता’ द्वीप के प्रवेश स्थान की चौकसी करती है, साथ ही ऑकलैंड के अनेक स्थानों से इसकी झलक मिलना - ये सब विशेषताएँ मिल कर ऑकलैंड की प्रकृति प्रदत्त एक ख़ास दर्शनीय ख़ूबी बन गई है। इसकी अम्लीय मिट्टी और चट्टानी मिट्टी से फूलों के खिलने के कारण यहाँ चिड़िएँ और कीट-पतंगे बहुत नहीं हैं। बहुत कम दिखाई देते हैं।

पास्ता खाते हुए, आगे वे बोले कि ‘अर्थव्यवस्था’ की दृष्टि से इस शहर का आकलन करें तो, ऑकलैण्ड, न्यूज़ीलैण्ड का प्रमुख आर्थिक और वित्तीय केन्द्र है। इस नगर की अर्थव्यवस्था का अधिकांश वाणिज्य और व्यापार पर आधारित है। अधिकतर मुख्य अन्तर्राष्ट्रीय कॉर्पोरेशन के कार्यालय ऑकलैण्ड में है और सबसे मँहगा ऑफ़िस - क्षेत्र, ऑकलैण्ड सी.बी.डी. (Central Business District) में, क्वीन स्ट्रीट और "वायडक्ट" मुहाने (बेसिन) के आसपास का है, जहाँ अनेक वित्तीय और व्यापारिक संस्थान स्थापित हैं, जिनसे सी.बी. डी. की अर्थव्यवस्था का बहुत बड़ा प्रतिशत निर्मित होता है।

ऑकलैण्ड में सबसे बड़े और प्रमुख वाणिज्य व औद्योगिक क्षेत्र, इस शहर के दक्षिण-पूर्वी भाग तथा मानुकाऊ शहर के पश्चिमी भाग हैं। सन् 2013 की जनगणना के अनुसार, ऑकलैण्ड के निवासियों के रोज़गार प्राथमिकता के आधार पर ऑफ़िस, विज्ञान व तकनीक सम्बन्धी नौकरियाँ (11.5 %) कारखानों और फ़ैक्टरियों की नौकरियाँ (9.7%), फुटकर व्यापार (9.8 %) स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा (9.2 %), शिक्षण एवं प्रशिक्षण (8.3 %).हैं। ये जानकारियाँ मि.इओन ने अपने मोबाइल से देखकर बताई! हैंडरसन-मैसी, हॉविक, मांगेरे - ओटाहूहू, ओटारा-पापाटोयटोय, मानुरेवा और पापाकुरा के स्थानीय बोर्ड इलाकों में, फ़ैक्टरी व कारखाने सबसे बड़े नियोक्ता (employer) माने जाते हैं। "फाऊ" के स्थानीय बोर्ड फुटकर व्यापार में सबसे अधिक रोज़गार उपलब्ध है। शेष शहरी इलाके में, ऑफ़िस, अध्यापन, विज्ञान और तकनीकि संबंधी नौकरियाँ, जीविका का स्रोत हैं।
मि. इओन ने बताया कि सन् 2016 में ऑकलैण्ड शहर की उपराष्ट्रीय जी.डी.पी. न्यूजीलैंड डॉलर 93.5 अरब (बिलियन) आकलित की गई, जो कि न्यूज़ीलैण्ड की नेशनल जीडीपी की 37.% थी। ऑकलैण्ड की प्रति व्यक्ति आय, देश के वैलिंगडन और ‘तारानाकी’ शहरों के बाद तीसरे नम्बर पे सर्वोच्च है।

सन् 2014 में ऑकलैण्ड में, प्रतिवर्ष, उन सभी व्यक्तियों की जो, 15 वर्ष से अधिक उम्र के हैं - "मध्यम व्यक्तिगत आय", जो आकलित की गई, जो पूरे देश में सिर्फ़ वैलिंगडन शहर से पीछे है।

इसके बाद, मैंने उनसे वहाँ की ‘सभ्यता-संस्कृति पर भी कुछ प्रकाश डालने का निवेदन किया! वे बोले जरूर बताऊँगा, अगर एक कप कॉफ़ी मिल जाए तो! यह सुनते ही मानसी हँसते हुए उठी और हम सभी के लिए कॉफ़ी बना लाई! कॉफ़ी को देख कर ऊर्जित हुए मि. इओन बिना थके बताने लगे कि ऑकलैंड की ‘सभ्यता - संस्कृति और जीवन शैली’ इस सच्चे तथ्य से प्रभावित है कि यह भूभाग से 70 प्रतिशत ग्राम्य है, और इसकी 90 प्रतिशत आबादी शहरी क्षेत्रों में बसी हुई है, भले ही, इस क्षेत्र के बड़े-बड़े भाग एशिया और योरोप के शहरों की तुलना में कस्बों की विशेषताओं वाले हैं। पहले यहाँ की संस्कृति यहाँ की जनजाति ‘माओरी’ निवासियों के रीतिरिवाज और परम्पराओं तक सीमित थी! लेकिन बाद में अनेक देशों के लोगों के यहाँ स्थाई रूप से बसने पर, यहाँ मिश्रित सभ्यता और संस्कृति के दर्शन होते हैं जिसने ‘जीवन शैली’ को प्रभावित किया! ऑकलैंड की जीवन शैली के सकारात्मक व ख़ुशनुमा पहलू हैं - यहाँ की जलवायु, ढेर नौकरियाँ और शिक्षा के अवसर साथ ही खाली समय बिताने के लिए, अनेक तरह की सुख-सुविधाएँ। इसके साथ ही साथ, यहाँ के निवासियों ने यातायात सम्बन्धी समस्याएँ, जनता के लिए सामान्य यातायात का अभाव, घरों की निरन्तर बढ़ती हुई कीमतों और छुटपुट अपराधों को, ऑकलैंड में रहने की समस्याओं में से सबसे बड़ी नकारात्मक सच्चाई बताया। इसके बावजूद भी दुनिया के 215 बड़े और मशहूर शहरों की जीवन शैली की गुणवत्ता के सर्वे में ऑकलैंड तीसरे स्थान पर आया। 2016 में, विश्व के समृद्धतम शहरों की (UBS) ‘यूनियन बैंक ऑफ स्विटज़रर्लैंड’ सूची में ऑकलैंड ने 23 वां स्थान पाया। सन् 2010 में ‘मर्सर काउंसलिंग संस्था’ ने रहन-सहन पर होने वाले खर्चे के मद्देनज़र, 214 केन्द्रों में ऑकलैंड को 149 वें स्थान पर रखा। मतलब कि दुनिया के सर्वाधिक किफ़ायती शहरों में से एक - जहाँ जीवनयापन, रहन-सहन सरलता से प्रतिवर्ष 20,000 डॉलर में रोटी, कपड़ा और मकान, घर का ज़रूरी सामान और यातायात पर खर्च करते हुए, वहन किया जा सकता है। 

लगभग 47.5 % ऑकलैंड निवासी ईसाई ‘धर्म’ को मानने वाले हैं। 11.7 % ईसाई धर्म से इतर धर्मों के हैं, 37.8% नास्तिक हैं, 3.8% ऐसे लोग हैं, जिन्होंने अपने धर्म के बारे में पूछे जाने पर आपत्ति जताई और कोई भी उत्तर देना उचित नहीं समझा! सबसे अधिक 13.3 % रोमन कैथोलिक हैं, उनके बाद 9.1% आंग्ल चर्चवाद यानी गिरजाघर का सदस्य वर्ग (Anglicanism ) और 7.4% पादरी संघ शासित गिरजे का सदस्य वर्ग (Presbyterianism) हैं।
मि. इओन ने बताया कि हाल ही में एशिया से आए प्रवासियों ने शहर में अनेक धर्मों को जोड़ा है, जिनमें बौद्ध, हिन्दुत्व, इस्लाम, और सिक्ख धर्म प्रमुख हैं। इनके अलावा कुछ लम्बे समय से बसे और हाल में आए यहूदी जाति को लोग भी ऑकलैंड में बसे हुए हैं। उस दिन की रोचक चर्चा इस बात पर समाप्त हुई!

 मैं हर दिन इस तरह की जानकारी का ड्राफ्ट बनात्ती जाती थी! अप्रैल के एक सुहावने दिन हम पिकनिक पे गए! इस बार साथ में जैस्मीन और वेदान्त भी थे! ऑकलैण्ड सी.बी. डी (Central Business District) के निकट, ऑकलैण्ड डोमेन में विशाल ‘पार्क’ है। यहाँ से 'हौराकी खाड़ी' और 'रंगीतोतो द्वीप' की सुन्दर झलक मिलती है। ऑकलैण्ड के इस सिटी सेन्टर के पास "एलबे पार्क, मायर्स पार्क, वैस्टर्न पार्क, और विक्टोरिया पार्क जैसे छोटे पार्क दर्शनीय स्थलों में से हैं। ऑकलैण्ड के अधिकांश ज्वालामुखीय शंकु, उत्खनन के कारण समाप्तप्राय: है। बहुत से शंकु अब पार्को में ही देखने में आते हैं, जो चारो ओर के शहरी क्षेत्र की अपेक्षा, अपने सहज-स्वाभाविक रूप बने हुए हैं। प्रागैतिहासिक खुदाई एवं ऐतिहासिक सुदृढ़ीकरण इनमें से कुछ पार्कों में मिलता है - जैसे : माऊंगाफ़ाऊ, माउंट ईडन, नॉर्थ हैड और माऊंगाकीकी / वन ट्री हिल आदि। शहर में अन्य पार्क "वैस्टर्न स्प्रिंग" में हैं, जहाँ का एक विशाल पार्क "मोटाट म्यूज़ियम" तथा "ऑकलैण्ड ज़ू" के किनारे-किनारे फैला हुआ है। ऑकलैण्ड बॉटेनिक गार्डन" आगे दक्षिण की ओर मानुरेवा में हैं। "डेवेन पोर्ट, रंगीतोतो द्वीप,वाहीके द्वीप, टीरीटीरी मतांगी के "पार्कों' और "नेचर रिज़र्व्स" तक ले जाने के लिए नौकाएँ यातायात का सुगम साधन है। ऑकलैण्ड के पश्चिम की ओर, "वायटाकेरे रेंज रीजनल पार्क" में अपेक्षाकृत झाड़ियो वाला भूभाग अधिक करीनेवाला और सँवरा हुआ है, जैसे कि ऐसी ही हूनुआ रेंज दक्षिण की ओर है।

एक बगीचे में बैठे हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों की बात चली तो वेदान्त ने बताया कि ऑकलैंड में समय-समय पर, विविध ‘कलाओं’ के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं जिनमें से प्रमुख हैं - ऑकलैण्ड उत्सव, न्यूज़ीलैण्ड अन्तर्राष्ट्रीय कॉमेडी उत्सव, न्यूज़ीलैण्ड अन्तर्राष्ट्रीय फ़िल्म उत्सव व ऑकलैण्ड त्रैवार्षीकी। ऑकलैण्ड फ़िलहार्मोनिया ऑर्केस्ट्रा इस शहर और इस क्षेत्र का, सारे समय चलने वाला स्थानीय शास्त्रीय ऑर्केस्ट्रा है जो ऑपेरा और बैले सहित अपने संगीत कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजिय करता है। ऑकलैण्ड की साँस्कृतिक विविधता का जश्न मनाने वाले उत्सवों में "पेसिफ़िका उत्सव”, “पॉलीफैस्ट और ऑकलैण्ड लैंटर्न उत्सव" शामिल हैं, जो न्यूज़ीलैण्ड में अपने तरह के, खासे बड़े उत्सवों के रूप में जाने जाते हैं। इनके साथ ही साथ, ऑकलैण्ड नियमित रूप से न्यूज़ीलैण्ड सिम्फ़नी ऑर्केस्ट्रा तथा रॉयल न्यूज़ीलैण्ड बैले आयोजित करता है। संगीत की कोटी में ऑकलैण्ड, "यूनैस्को क्रिएटिव सिटीज़ नैटवर्क" का अंग है।

महत्वपूर्ण दर्शनीय जगहों में, "ऑकलैण्ड आर्ट गैलरी”, “ऑकलैण्ड वार म्यूज़ियम”, “न्यूज़ीलैण्ड मैरीटाइम म्यूज़ियम”, “नेशनल म्यूज़ियम ऑफ़ द रॉयल न्यूज़ीलैण्ड नैवी”, तथा “म्यूज़ियम ऑफ़ ट्रांसपोर्ट एंड टैक्नंलॉजी” शामिल हैं।

इसी सन्दर्भ में, मानसी ने बताया कि ऑकलैण्ड ऑर्ट गैलरी, न्यूज़ीलैण्ड में 15,000 कलात्मक रचनाओं का संग्रह है, जिसमें प्रमुख न्यूज़ीलैण्ड व पैसिफ़िक आईलैण्ड कलाकारों के साथ-साथ, सन् 1376 की तिथियों से लेकर आज तक की अन्तर्राष्ट्रीय तैलीय व जलरंग चित्रों, शिल्प कला और प्रिंट संग्रह उपलब्ध हैं।

2009 में, न्यूयॉर्क के कला-संग्रहकर्ताओं और लोकोपकारक 'जूलियन' व 'जोसी रॉबर्टसन' द्वारा इस कला दीर्घा को पन्द्रह कलाकृतियाँ, उपहार के तौर पर प्रदान की गई थी, जिनमें पॉल सेज़ाने, पेब्लो पिकासो, हेनरी मेटीसे, पॉल गौगिन, और पिएट मॉंड्रायन की मशहूर कलाकृतियाँ भी थीं। यह ऑस्ट्रेलेसिया' यानी "ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैण्ड और दक्षिणी प्रशान्त महासागर में आसपास के द्वीपों" में आज तक का दिया जाने वाला सबसे बड़ा उपहार था।
जैस्मीन ने चर्चा को शिक्षा की ओर मोड़ते हुए कहा कि ‘शिक्षा’ के क्षेत्र में भी यह शहर बढ़ा-चढ़ा है! ऑकलैण्ड शहरी इलाके में 340 प्राथमिक, 80 माध्यमिक और 29 संयुक्त (प्राथमिक-माध्यमिक संयुक्त) विद्यालय है, जो लगभग पाँच लाख छात्रों की शैक्षणिक ज़रूरतों को पूरा करते हैं। वैसे अधिकतर स्कूल सरकारी है। सरकार शिक्षा का सारा खर्च वहन करती है और छात्रों को फीस वगैरा कुछ भी नहीं देनी होती। फिर भी, कुछ स्कूल सरकार-एकीकृत हैं यानी जो पहले पूरी तरह प्राइवेट थे, लेकिन कुछ साल बाद उन्हें सरकारी अनुदान मिलने लगा, जिससे वे स्कूल की इमारत आदि का ठीक से रख-रखाव कर सके! इसके अलावा .कुछ विद्यालय प्राइवेट हैं।

ऑकलैण्ड , न्यूज़ीलैण्ड के सबसे बड़े शिक्षण संस्थानों का शहर है। पूर्वी तट खाड़ी क्षेत्रों में, 3215 छात्रों की क्षमता वाला "रांगीतोतो कॉलिज", न्यूज़ीलैण्ड का सबसे बड़ा शिक्षण संस्थान है!

ऑकलैंड में उच्च शिक्षण संस्थान भी काफ़ी संख्या में हैं, जिनमें देश के बड़े ‘विश्वविद्यालय’ आते हैं। समुद्र पार की भाषाओं को सीखने का, भारी छात्र संख्या वाला (विशेषरूप से पूर्वी एशिया के छात्र) ऑकलैंड प्रमुख केन्द्र है, जहाँ वे कई महीनों और वर्षों के लिए अँग्रेज़ी सीखने व विश्वविद्यालयी शिक्षा के लिए आते हैं। लेकिन छात्र संख्या जितनी 2003 में थी, अब उतनी न होकर, काफ़ी नीचे आ गई है। सन् 2007 के आकलन के अनुसार, ऑकलैंड में न्यूज़ीलैंड क्वालिफ़िकेशन अथॉरिटी द्वारा प्रमाणित 50 स्कूल और संस्थान थे, जो यहाँ अँग्रेज़ी पढ़ा रहे थे।

विश्वविद्यालयी शिक्षण संस्थानों में प्रमुख "ऑकलैंड विश्वविद्यालय”’, “ऑकलैंड तकनीकि विश्वविद्यालय”, “मैसी विश्वविद्यालय”, “मनुकाऊ तकनीकि संस्थान” तथा “यूनीटैक न्यूज़ीलैंड” हैं। 

तभी वेदान्त बोला कि शिक्षा के अलावा, ‘खेल’ के क्षेत्र में भी यह किसी से पीछे नहीं! रगबी यूनियन, क्रिकेट , रगबी लीग, फ़ुटबॉल और नैटबॉल, इस शहर में व्यापकरूप से खेले और दर्शकों द्वारा पसन्द किए जाते हैं। ऑकलैण्ड में रगबी लीग, क्रिकेट के मैदानों, बास्केट बॉल, मोटर स्पोर्ट्स, टैनिस, बैडमिन्टन, नैटबॉल, तैराकी, फुटबॉल व अन्य खेलों के स्थानों की अच्छी व ख़ासी बड़ी संख्या है। "ईडन पार्क" ऑकलैण्ड का मुख्य स्टेडियम और अक्सर अन्तर्राष्ट्रीय रगबी संघ, क्रिकेट मैचो, साथ ही सुपर रगबी मैच खेले जाने के लिए लोगों का प्रिय स्थान है, जहाँ "ब्लूज़" अपने देसी खेल खेलते हैं। नॉर्थ हार्बर स्टेडियम प्रमुख रूप से रगबी यूनियन और फ़ुटबॉल मैचों के लिए प्रयोग में आता है, पर संगीत के कार्यक्रम भी यहाँ अक्सर आयोजित होते रहते हैं।

माउंट सम्राट स्टेडियम मुख्य रूप से "रगबी लीग" मैचों के लिए है, साथ ही "नेशनल रगबी लीग " के न्यूज़ीलैण्ड वॉरियर्स का भी पसन्दीदा स्थान है। साथ ही, यहाँ संगीत कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। पहले, हर साल जनवरी माह में संगीत उत्सव के बड़े दिन के केन्द्र के रूप में रहाँ खूब धूमधाम हुआ करती थी। ए.एस.बी. टेनिस सेन्टर, ऑकलैण्ड का मुख्य टेनिस सेन्टर है, जहाँ प्रति वर्ष, जनवरी के महीने में, अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के पुरुष और महिला टेनिस टूर्नामेन्ट आयोजित किए जाते हैं। सन् 2016 से ए.एस.बी. बैंक ने पुरुष टूर्नामेन्ट स्पॉंन्सर करने शुरू किए। यह कार्यक्रम पहले ‘Heineken Open’ के नाम से जाना जाता था। "स्पार्क एरीना" एक इनडोर खेलो का स्थान है। मुख्य रूप से यह संगीत आयोजनों ए्वं अन्तर्राष्ट्रीय नैटबॉल मैचों के लिए प्रख्यात है। इसी तरह "ट्रस्ट एरीना" भी एक इनडोर स्थान है, यहाँ भी प्रमुखतया नैटबॉल मैच आयोजित होते है। 2007 में विश्व नैटबॉल चैम्पियनशिप आयोजित की गई थी। इसके अलावा यहीं पर, 2015 से डार्ट की विश्व श्रृँखला (सिरीज़) का वार्षिक आयोजन किया जाता है। इसी तरह ‘नॉर्थ शोर ईवेन्ट सेंटर’, भी खेलों का एक इनडोर स्थान है, जो मुख्यरूप से बास्केट बॉल के लिए ही है। ‘वोडाफ़ोन इनडोर ईवेन्ट सेन्टर’ में विविध कार्यक्रम आयोजित होते हैं। पुकेकोहे पार्क रेसवे (दौड़ पथ), मोटर रेस का लोकप्रिय स्थान है, जहाँ "वी 8 सुपरकार रेस" व वाहन सम्बन्धी अन्य खेल प्रतियोगिताएँ हर साल आयोजित की जाती हैं। ‘वैस्टर्न स्प्रिंग्स स्टेडियम’ विशाल स्तर पर संगीत आयोजन संगठित करता है। इसके अतिरिक्त, जैसा कि यह 1929 से करता आया है, तेज़ गति कार प्रतियोगिता भी आयोजित करता है।

मानसी बोली कि इस शहर के उपनाम का ज़िक्र भी करना ज़रूरी है अब तो! ऑकलैंड के अनेक उपनामों में से एक उपनाम है "जलयात्राओं की नगरी", जो इस शहर में लोकप्रिय जलयात्राओं के कारण पड़ा। ऑकलैंड में लगभग 1,35,500 पाल-नौकाएँ पंजीकृत हैं जिनमें पंजीकृत नाविकों में से अधिकतर नाविक ऑकलैंड से हैं। ऑकलैंड में तीन घरों में से एक घर के पास अपनी नौका ज़रूर होती हैं। CBD के पश्चिमी घाट पर ‘वाईडक्ट बेसिन’ ने क्रमश: सन् 2000 और 2003 में , दो अमेरिकन कप प्रतियोगिताएँ आयोजित की थी।

‘वाईतामाता’ बन्दरगाह कई नामी क्लबों और "रॉयल न्यूज़ीलैंड यैच स्क्वैडर्न" व दक्षिणी गोलार्ध का सबसे बड़ा "वैस्ट हैवन मरीना" सहित नौका क्रीड़ा के लिए प्रयुक्त बन्दरगाहों का मशहूर स्थान है।‘वाईतामाता’ बन्दरगाह पर, इसके उत्तर की ओर "स्टैनले खाड़ी" और दक्षिण दिशा में "मिशन खाड़ी व कोहीमारामा" सहित अनेक तट तैरने के लिए ही हैं। उत्तरी समुद्र तट की पूर्वी तट-रेखा, जहाँ "रांगीटोटो चैनल" हौराकी गल्फ़ हार्बर को मुख्य भूमि से पृथक करती है , वहाँ पर "डेवैनपौर्ट, टाकापूना, मिलफ़ोर्ड में ‘चैल्तनहम’ और Narrow Neck में तैरने के लिए बहुत बढ़िया समुद्री तट हैं तथा "पूर्वी तटीय खाड़ी" के नाम से मशहूर आगे उत्तरी भाग में भी हैं। पश्चिमी तट पर "पीहा, ‘मुरीवाई’ और ‘बैथहिल’ जैसे लोकप्रिय "सर्फ़िग केन्द्र" हैं। शहरी क्षेत्र के उत्तर में ‘फंगापरुआ पेनिन्सुला’, ओरेवा, ओमाहा और ‘पाकिरी’ भी पास ही हैं। ऑकलैंड के बहुत से समुद्री तट "सर्फ़ जीवन रक्षा क्लबों" द्वारा भी सक्रिय हैं! जैसे "पीहा रक्षा केन्द्र" का "पीहा जीवन रक्षा क्लब" है। सारे "सर्फ़ जीवन रक्षा क्लब", उत्तरी क्षेत्र के सर्फ़ जीवन रक्षा केन्द्र का अंग है। "क्वीन स्ट्रीट", ब्रिटोमार्ट, पौन्सैंबी सड़क, ‘करंगाहापे रोड’, न्यूमार्केट, और ‘पारनैल’ स्थानीय फुटकर सामान के क्षेत्र, तथा ‘ओतारा’ और पुराने सामान को बेचने का बाज़ार, ‘अवनडेल’, सप्ताहान्त में ख़रीद-फ़रोख़्त का रोचक व बढ़िया विकल्प है। अधिकतर शॉपिंग मॉल, बाहरी कस्बों के मध्य में स्थित हैं, जिनमें "Sylvia Park and Westfield. Albany" सबसे विशाल है।

ऑकलैंड के निवासियों के अनुसार, ऑकलैंड में अब से बीस साल पहले तक, इतनी भीड़ नहीं थी अतैव ‘यातायात’ के सरकारी व प्राइवेट साधन बहुत कम थे और यहाँ के निवासियों के अधिकतर, व्यक्तिगत वाहन आवाजाही के लिए सबसे अधिक प्रयोग करते थे! सन् 2006 की रिपोर्ट के अनुसार, आम जनता का 7 % यातायात बसों द्वारा, 2% रेल और नौका द्वारा होता था। पर अब जनसंख्या बढ़ जाने के कारण, सार्वजनिक बसों और रेलों में बढ़ोतरी हुई है! फिर भी यहाँ जन-परिवहन के प्रयोग का प्रतिशत बहुत कम है। प्रतिवर्ष, प्रति व्यक्ति के हिसाब से जन-परिवहन के मात्र 46 चक्कर लगते हैं, जबकि वैलिंगडन में इसका प्रयोग दुगुना यानी 92 बार, सिडनी में 114 बार होता है। सड़कों पर सर्वाधिक आवाजाही के व्यस्त पलों में काफ़ी भीड़ भी होती देखी गई है।

एक दिन मानसी मुझे बस से सेंट्रल मार्केट ले गई। इतनी साफ़-सुथरी चमचमाती बस देख कर, मेरा उसमें से उतरने का मन ही नहीं हुआ। मानसी ने बताया कि ऑकलैंड में बस सेवाएँ थोड़े से चौराहों वाले रास्तों के माध्यम से, चौतरफ़ा उपलब्ध हैं। देर रात की बस सेवाएँ सीमित हैं यहाँ तक कि सप्ताहान्त में भी। ऑकलैंड बस सेवाओं को, सन् 2016 से 2018 के दौरान, पूरी तरह नए ढंग से शुरू किया गया था। उन लोगों की पहुँच तक बस सेवाओं को विशेष रूप से उपलब्ध करवाया गया, जिनकी ज़रूरत यात्रियों को अधिक थी, जो सप्ताह में दिन और शाम के समय हर 15 मि. में चलती हैं। ऑकलैंड दूसरे शहृरो से इंटरसिटी द्वारा संचालित बसो से जुड़ा हुआ है।

सी.बी.डी. से ऑकलैंड के पश्चिम, दक्षिण, दक्षिण-पूर्व तक लम्बी दूरी वाली रेलें, चार लाइनों पर निरन्तर सेवाएँ देती हैं। ऑकलैंड से लम्बी दूरी वाली रेलें, वैँलिंगडन तक सप्ताह में गिने-चुने समय के लिए चलती हैं।

2003 में “ब्रिटोमार्ट ट्रांसपोर्ट सेंटर” खुलने के बाद से ऑकलैंड के रेलवे नैटवर्क में भारी निवेश हुआ, जैसे बेहतर स्टेशन, बेहतर आधारभूत ढाँचा, साफ़-सुथरा चमकदार बनाए रखने का सामान हमेशा उपलब्ध रखना आदि। बेहतर रेल सुविधाओं में सन् 2014 में विद्युत रेलों के निर्माण सहित ऑकलैंड रेल नैटवर्क का विद्युतिकरण किया गया। ऑकलैंड रेल नैटवर्क को और अधिक बढ़ाने के लिए ऑकलैंड परियोजना, 2012, के लिए प्रस्तावित कार्यक्रमों में "सिटी रेल लिंक, ऑकलैंड एयरपोर्ट लाइन, एवंडेल साउथडाउन लाइन और उत्तरी तट के लिए रेल सेवा" शुरू करना शामिल है।

मई महीने के पहले सप्ताह में मानसी मुझे पानी के जहाज से इस पार से उस पार ले गई! मैंने देखा कि यातायात के अन्य साधनों में पानी के जहाज एक महत्वपूर्ण साधन है! ऑकलैंड के बन्दरगाह, ‘पोर्ट तऊरंगा’ के बाद, दूसरे नम्बर पे देश में सबसे बड़े बन्दरगाह है तथा न्यूज़ीलैंड वाणिज्य व व्यापार सम्बन्धी यात्रा का अन्दर और बाहर का अधिकतम काम, ऑकलैंड सी.बी.डी. की उत्तर-पूर्वी सुविधाओं के माध्यम से इन बन्दरगाहों द्वारा ही होता है। सामान्यतया सामान बन्दरगाह से सड़क द्वारा आता है और वितरित किया जाता है। बन्दरगाह सुविधाओं में उनकी रेल तक पहुँच शामिल है। ऑकलैंड, समुद्री पर्यटन जहाजों के रुकने का एक बड़ा केन्द्र है। ऑकलैंड सी.बी.डी, तटीय उपनगरों, उत्तरी तट व बाहरी द्वीपों से नौकाओं द्वारा जुड़ा हुआ है।

इसके अलावा, ऑकलैंड में अनेक छोटे-छोटे क्षेत्रीय एयरपोर्ट हैं! ऑकलैंड एयरपोर्ट देश का व्यस्ततम एयरपोर्ट है। ऑकलैंड एयरपोर्ट, ‘मनुकाऊ’ बन्दरगाह के तटों पर, ‘मांगेरे’ के दक्षिण उपनगर में स्थित, सबसे विशालतम एयरपोर्ट है। यहाँ से न्यूज़ीलैंड के अनेक स्थानों और ऑस्ट्रेलिया के लिए लगातार सेवाएँ उपलब्ध हैं। इसके अलावा, यहाँ से दक्षिण प्रशान्त, यूनाइटेड स्टेट्स, चीन, एशिया, वैन्कूवर, लन्दन, सैन्टीआगो, और ब्यूनस आयर्स आदि अनेक स्थानों के लिए सीधी उड़ान हैं। अन्तर्राष्ट्रीय उड़ानों की बात करें तो, ऑकलैंड, "ओशियाना" में दूसरा सर्वोत्तम जुड़ा हुआ शहर है!
 
 एक दिन मानसी की एक और सहेली "एनेट" ने हमें "डेवेनपोर्ट" कॉफ़ी सेंटर पर कैपेचीनो कॉफ़ी और पेस्ट्री के लिए निमंत्रित किया। वहाँ उससे जानकारी मिली कि ऑकलैंड में ‘पर्यटन’ न्यूज़ीलैंड के लिए ज़बरदस्त राजस्व उगाता है। ऑकलैंड महानगर क्षेत्र में पर्यटकों के लिए जो ऐतिहासिक स्थान और अन्य आकर्षण हैं, उनमें ऑकलैंड सिविक थियेटर, ऑकलैंड हार्बर ब्रिज, ऑकलैंड टाउन हॉल, ऑकलैंड वॉर मेमोरियल म्यूज़ियम, आओतेआ स्क्वैयर आओतेआ सेंटर, सेंट पैट्रिक कैथेड्रल, ब्रिटोमार्ट ट्रांसपोर्ट सेंटर, ईडन पार्क, के रोड, मोटाट, न्यूज़ीलैंड मेरीटाइम म्यूज़ियम, केली टार्लटन सागर, एक्वैरियम, पौन्सन बी, क्वीन स्ट्रीट, रेनबो एंड, स्काई टॉवर, स्पार्क एरीना, वायाडाक्ट घाटी / जलकुंड, वैस्टर्न स्प्रिंग स्टेडियम।

ऑकलैंड डोमेन, माउंगाफाऊ, माउंट ईडन, (ज्वालामुखी शंकु), टाकारूंगा/ माउंट विक्टोरिया (ज्वालामुखी शंकु), माउंगाकीकी, वन ट्री हिल, रंगीटोटो द्वीप, वाहीके द्वीप, पुरानी माउंट ईडन जेल यहाँ के लैंडमार्क है!

एनेट को रिअल स्टेट की भी अच्छी जानकारी थी, सो उसने बताया कि ऑकलैंड में ‘आवास’, उपनगरों में बहुत तरह का और उनमें कीमतों व आकार-प्रकार में भी अन्तर है। वहाँ ख़ूबसूरत समुद्री नज़ारों वाली आलीशान सम्पत्ति की तुलना में सरकारी आवास कम आय वाले लोगों के लिए हैं, विशेषरूप से "वाईतामाता बन्दरगाह" के निकट के इलाकों में। पारम्परिक रूप से, ऑकलैंडवासियों के सामान्यतया चौथाई एकड़ में एकान्त-शान्त घर होते थे। बहुत पहले इस तरह की आवास सम्पत्तियों को infill आवास व्यवस्था से विभाजित करने का रिवाज़ रहा है। हाल ही के दशकों में, सी.बी.डी. में 1970 में बनने वाले, ख़ासतौर से उसके बाद, 1990 से निर्मित होने वाला ऑकलैंड आवास स्टॉक अधिक विविधतापूर्ण हो गया है। इसके बावजूद भी ऑकलैंडवासी अकेले व्यक्ति के रहने लायक आवास में रहने के आदी हैं और वे ऐसा ही करते रहेंगे - भले ही भविष्य में नगरीय बढ़ोतरी होने पर शहर कितना भी आवासीय इमारतों से भरता जाए, पर ऑकलैंडवासी पृथक बने घर में रहना ही पसन्द करेंगे।

ऑकलैंड, आवास दुनिया में सबसे कम वहन करने योग्य, आवासों में से है, औसत आवास क़ीमत और हर घर की औसत आय की तुलना के आधार पर। हाल ही में, कुछ दशकों से आवासों के दाम, मुद्रास्फ़ीति परिवर्धन से भी ऊपर चले गए हैं। दिसम्बर, 2017 में ऑकलैंड में औसत आवास की क़ीमत $ 1,052,000 थी। यह क़ीमत अन्य शहरों के औसत आवासों की क़ीमत की तुलना में "सबसे अधिक" थी। वैलिंगडन मैट्रों में औसत दाम $ 628,000, हैमिलंटन में $ 543,000, क्राइस्टचर्च में $ 494,000 और ‘वायराओ’ ज़िले में $ 156,000 पाई गई। इस बारे में गम्भीर सोच-विचार और परिचर्चा भी हुई कि ऑकलैंड में घरों की क़ीमतें इतनी ऊँची क्यों हैं और इसके सन्दर्भ में ऑकलैंड का उच्च स्तरीय महँगा रहन-सहन और भूमि आपूर्ति की कमी को भी एक कारण बताया गया, जो गृह-निर्माण में धन निवेश का एक आसान ज़रिया होता है। कुछ जगहों पर, विक्टोरिया काल के घरों को पुनर्विकास हेतु तोड़ कर गिराया गया। पुराने घरों को ढहाने के बदले में शहर के पुराने इलाकों में धरोहर इमारतों को सुरक्षित बना कर किया गया। ऑकलैंड का उल्लेख हमेशा से "संसार भर में अपनी विशिष्ट उत्कृष्टताओं के साथ, इमारती लकड़ी से बने हुए मनमोहक, सुख, सुकून भरे आवासों और अन्य ख़ूबसूरत संरचनाओं के शहर के रूप में" होता है, जिनमें से कुछ पहले से बने हुए हैं, जो विक्टोरियन और एडवर्डियन वास्तुशिल्प की यादगार हैं। लेकिन यह तथ्य भी गौरतलब है कि सन् 2010 के अन्त में ऑकलैंड में ‘आवासीय संकट’ तब शुरू हुआ, जब बाज़ार कम क़ीमतों में वहन करने योग्य आवास की माँग को बरकरार रखने में असमर्थ रहा। "Housing Accord & Special Housing Areas Act, 2013" ने कुछ ख़ास इलाकों में यह ज़रूरी कर दिया कि उन ख़रीदारों को नए बने आवासों पर दस प्रतिशत की छूट दी जाए, जिनकी कीमत राष्ट्रीय औसत के समतुल्य है। एनेट ने बताया कि "हॉब्सनविल" नामक एक नए उपभाग में बीस प्रतिशत के लगभग नए घरों के दाम घटा कर, कीमत $ 550,000 कर दी गई। उस समय नए घरो से सम्बन्धित ज़रूरतों को पूरा करने का श्रेय उन 43,000 लोगों को भी जाता है, जो जून, सन् 2014 से जून, 2015 के बीच ऑकलैंड में आकर बसे।

ऐनेट से कुछ अतिरिक्त जानकारी भी मिली, जैसे - न्यूज़ीलैंड जून, 2018 की जनगणना के अनुसार, ऑकलैंड के महानगरीय क्षेत्र की जो ‘जनसंख्या’ है, वह न्यूज़ीलैंड की कुल आबादी का तैतीस-चौतीस प्रतिशत है।

इंगलैंड, चीन, भारत,फीजी, समोआ, दक्षिण अफ़्रीका, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया, फ़िलीपाइन्स, टॉंगा, इन सभी देशों के निवासी यहाँ बसे हुए हैं! ऑकलैंड की जनसंख्या में प्रमुखता योरोपियन मूल के निवासियों की है, हांलाकि एशियन और योरोप से इतर लोगों की आबादी पिछली कुछ सदियों से, प्रवासियों (Immigrants) को जाति आदि की संकीर्णता से ऊपर उठ कर, देश में आने और बसने की अनुमति देने के कारण, बढ़ी है। दूसरे देश से आने वाले अधिकांश प्रवासी ऑकलैंड में ही बसना चाहते हैं - शायद नौकरी और व्यवसाय के अच्छे अवसरों की उम्मीद के कारण। ऑकलैंड में बसने पर ही, अधिकतर प्रवासियों का ध्यान केन्द्रित होने की वज़ह से प्रवासन सेवाओं द्वारा लोगों को देश के दूसरे शहरों में जाने और बसने के लिए, प्रवासन वीज़ा पर अतिरिक्त एवार्ड प्वाइंट देना शुरू किया है। समुद्र पार से ऑकलैंड में प्रवेश, आंशिक रूप से, ऑकलैंड में बसे प्रवासी लोगों के न्यूज़ीलैंड के अन्य भागों में जाने के बराबर सन्तुलन में कर दिया गया है, खासतौर से, Waikato and Bay of Plenty में। 2013 की जनगणना के मुताबिक, ऑकलैंड की 39.1 आबादी समुद्र पार की है। ‘पुकेटापापा’ और ‘हॉविक’ के स्थानीय बोर्ड क्षेत्रों में समुद्र पार जन्मे लोगों ने उन निवासियों की संख्या को पार कर दिया, जो न्यूज़ीलैंड में ही जन्मे। ऑकलैंड में 51.6 प्रतिशत, समुद्र पार जन्मे प्रवासियों का है, जिनमें 72 % प्रशान्तद्वीप में जन्मे लोगों का, 64% एशिया में जन्मे लोगों का, और 56% मिडिल ईस्ट व अफ़्रीका में जन्मी आबादी का है।

ऑकलैंड में विश्व के सभी कोनों से अनेक जातियों की उपस्थिति देखी जा सकती है, जो इसको एक सार्वभौम या वैश्विक शहर बनाती है। ऑकलैंड में माओरी जाति, प्रशान्त द्वीपीय और एशिया के लोग बड़ी संख्या में मिलते हैं, लेकिन आबादी में सबसे अधिक संख्या योरोपवासियों की ही है। ऑकलैंड में पॉलीनीशियन लोगों की आबादी, विश्व के किसी भी शहर की तुलना में सबसे अधिक है। 2013 की जनगणना के अनुसार, शहर में बसे तेरह जातियों के समूह , यहाँ की आबादी का एक प्रतिशत हिस्सा तो बन ही चुके हैं। योरोपियन, न्यूज़ीलैंड आबादी का अग़र बावन प्रतिशत हैं, तो मूल देशज निवासी माओरी सिर्फ़ ग्यारह प्रतिशत है। अन्य देशों और जातियों के जो समूह यहाँ बहुतायत से मिलते हैं, वे चीन के आठ प्रतिशत, भारत के सात-आठ प्रतिशत और समोअन के सात प्रतिशत हैं। ऑकलैंड की बात करें, तो कुल मिला कर, 59.3 % ऑकलैंडवासियों में, योरोपीय जाति तेईस प्रतिशत, एशियन पन्द्रह प्रतिशत, प्रशान्तद्वीपीय जाति ग्यारह प्रतिशत, माओरी दो प्रतिशत तथा मध्य पूर्वीय, लैटिन अमेरिकन और अफ़्रीकन डेढ़ प्रतिशत मिलते हैं।

ऑकलैंड की आबादी में दो तरह से सघन बढ़ोतरी नज़र आती है। एक तो प्राकृतिक वृद्धि, जो वृद्धि का एक तिहाई है और दूसरा, प्रवासियों के आगमन से, जो वृद्धि का दो-तिहाई है। ये दोनों मिलकर 2031 तक, भिन्न माध्यमों के परिदृश्य में अनुमानित लगभग दो मिलियन निवासियों की बढ़ोतरी करने में सहयोगी होंगे।

जनसंख्या में सघन वृद्धि का यातायात, गृह-निर्माण तथा अन्य संरचनाओं पर भारी प्रभाव पड़ेगा, जिनमें गृह निर्माण पर पहले से ही अधिक दबाव बना हुआ है। आबादी के विविध स्रोतों के चलते, 2031 तक जनसंख्या दो मिलियन से अधिक हो जाने का अनुमान है।

एनेट ने बताया कि जुलाई, 2016 में, तीन वर्ष के लगातार अध्ययन व सर्वेक्षण और जनता की सुनवाई के उपरान्त, ऑकलैंड काउंसिल ने इसके एकल संगठित परियोजना को प्रस्तुत किया, जिसके तहत परियोजना का लक्ष्य गृह निर्माण के लिए, तीस प्रतिशत अधिक ज़मीन खाली उपलब्ध कराने की योजना है। इससे अगले तीस वर्षों में शहरी क्षेत्र 422,000, नए निर्मित आधुनिक घरों से भर जाएगा।

अपने तीन माह के प्रवास के दौरान मुझे ऑकलैंड में भरपूर घूमने से और मानसी के पारिवारिक मित्रों द्वारा उस शहर की जो विस्तृत जानकारी मिली, वह निश्चित ही रोचक और ज्ञानवर्धक थी! वहाँ से भारत लौटने पर मैंने सोचा कि क्यों न ऑकलैंड के बारे में हासिल कीमती जानकारी और वहाँ अपने भ्रमण की यादों को संस्मरण के रूप में लिखा जाए और इस तरह ऑकलैंड की सूक्ष्म जानकारी पन्नों पे दर्ज़ हो गई!
 
अपने परिचितों से मैंने कहा कि जीवन में एक बार, इस धरती पर बसे इस छोटे से, पर, बेहद खूबसूरत और प्रदूषण रहित देश न्यूजीलैंड और उसके जन्नत सरीखे शहर ऑकलैंड जरूर जाना!

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