आबूधाबी में विश्व मैत्री मंच का साहित्य सम्मेलन

यूनाइटेड अरब अमीरात के खूबसूरत सात राज्य में से एक दुबई में 28 अगस्त 2016 को भारत,टर्की और आबूधाबी से एकजुट हुए पत्रकारों, साहित्यकारों, संपादकों के सम्मेलन का सफल आयोजन विश्व मैत्री मंच के बैनर तले संपन्न हुआ। वरिष्ठ कथाकार और कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कृष्ण बिहारी ने कहा, "आप भारत और दुनिया के अन्य देशों से यहां हिंदी साहित्य में होने वाले बदलाव की पड़ताल के सिलसिले में आए हैं। आपकी चिंता बताती है कि आपका सरोकार इससे है। निश्चित रुप से आप इसे अपने अनुभव के आधार पर रेखांकित करेंगे और दुनिया का साहित्य एक दूसरे के करीब आएगा।" संस्था की अध्यक्ष संतोष श्रीवास्तव ने दुबई में हिंदी साहित्य की क्रियाशीलता का उल्लेख करते हुए इस कार्यक्रम के प्रयोजन पर प्रकाश डाला। डॉ प्रमिला वर्मा ने संस्था का परिचय दिया।

विश्व मैत्री मंच जिन चार विधाओं को लेकर प्रतिबद्ध है उन सभी का प्रस्तुतीकरण विभिन्न तीन सत्रों में हुआ।विनीता राहुरिकर के कुशल संचालन में विभिन्न विधाओं की पुस्तकों के लोकार्पण के पश्चात मुंबई से प्रमिला शर्मा और वृंदावन से अनुपमा यादव ने नाटकों की भावपूर्ण प्रस्तुति की। रीता दास राम के संचालन में साहित्य विमर्श में हिंदी साहित्य के बदलते जीवन मूल्यों पर टर्की से आई डॉ अनुपमा अलवाईकर, दिल्ली से अपूर्व शिंदे, हैदराबाद से प्रो दुर्गेश नंदिनी और प्रो रेखा शर्मा, मुंबई से रानी मोटवानी, लखनऊ से मनसा पांडे और अहमदाबाद से रामकिशोर मेहता ने अपने मूल्यवान विचार रखे।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि और संस्था के सलाहकार डॉ राकेश पाठक के कुशल संचालन में साहित्य की विभिन्न विधाओं में प्रतिभागियों ने रचनाएं प्रस्तुत की। वरिष्ठ कथाकार कमलेश बख्शी ने कहानी, विनोद भल्ला, रेवा रानी मंडल, शशि मिश्रा, इंदु तिवारी, सुषमा झा, डॉ विद्या सिंह, डॉ सुषमा सिंह ने कविताओं की प्रस्तुति की। कार्यक्रम में अरुण भारती ,यामिनी श्रीवास्तव,दिव्या वर्मा और अब्दुल खान की विशेष उपस्थिति दर्ज की गई।

प्रस्तुति: संतोष श्रीवास्तव