धन्यवाद!

बदलना समय की प्रकृति है। समय के साथ हम खुद बदलते हैं और हमारे चहुँ ओर का संसार भी। अनुजों के लिये एक बेहतर संसार छोड़ना और पूर्वजों के सुकृत्यों के लिये कृतज्ञता व्यक्त करना मानवता का नैसर्गिक गुण है। सेतु के धरोहर स्तम्भ में इस बार हम याद कर रहे हैं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कवयित्री श्रीमती स्वरूप कुमारी बक्शी को।

नवम्बर मास सेतु परिवार को अपने वर्तमान से रूबरू होकर समर्पित समकालीन रचनाकारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी प्रदान करता है। कृतज्ञता की इस परम्परा में इस बार के सेतु सम्मान 2022 में देवी नागरानी व प्रकाश मनु सहित हिंदी व अंग्रेज़ी के सात ख्यातनाम सादर सम्मिलित हैं।

अमेरिका में थैंक्सगिविंग के साथ भारत में कार्तिक पूर्णिमा व गुरु नानक जयंती मनाये गये। इस अंक में गुरुपरब को अपने कैमरे से आपके सामने लायी हैं, दीपिका भाटिया

कविता, कहानी, समीक्षा, साक्षात्कार, आत्मकथ्य, शोध आलेख, रेडियो-नाटक, व स्थायी स्तम्भों के साथ यह  रोचक व पठनीय अंक आपको समर्पित है। आपके सुझावों व प्रतिक्रियाओं का सदैव स्वागत है। 

आपके जीवन में स्वास्थ्य, समृद्धि, व उल्लास की कामना के साथ,    
आपका शुभाकांक्षी,
सेतु, पिट्सबर्ग
30 नवम्बर 2022 ✍️

No comments :

Post a Comment

We welcome your comments related to the article and the topic being discussed. We expect the comments to be courteous, and respectful of the author and other commenters. Setu reserves the right to moderate, remove or reject comments that contain foul language, insult, hatred, personal information or indicate bad intention. The views expressed in comments reflect those of the commenter, not the official views of the Setu editorial board. प्रकाशित रचना से सम्बंधित शालीन सम्वाद का स्वागत है।