मैत्रेयी पुष्पा को सेतु साहित्य सम्मान 2017 - झलकियाँ

देश-विदेश में हिन्दी व साहित्य के प्रचार-प्रसार को अपना अभियान बना चुके पिट्सबर्ग, अमेरिका के कला व साहित्य के द्वैभाषिक पत्र 'सेतु' ने 17 मई 2017 को लखनऊ के उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान में आयोजित विशेष कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार मैत्रेयी पुष्पा व हिंदी प्रकाशन को केंद्र में लाने वाले शैलेश भारतवासी को सम्मानित किया।

सेतु सम्पादन मण्डल की ओर से मैत्रेयी पुष्पा को वर्ष 2017 का 'सेतु साहित्य सम्मान' दिया गया। वहीं शैलेश भारतवासी को 'सेतु हिन्दी प्रसारक सम्मान 2017' से नवाजा गया। मैत्रेयी जी कार्यक्रम में उपस्थित थीं, जबकि शैलेश भारतवासी की ओर से यह सम्मान नीलम मिश्रा ने ग्रहण किया।

कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ लेखिका रजनी गुप्त ने भारतीय साहित्यकारों के उत्साहवर्धन के लिए संस्था द्वारा दिए जा रहे सम्मान को सराहा एवं इस बात की प्रशंसा की कि मैत्रेयी पुष्पा जी ने यह सम्मान अमेरिका के स्थान पर लखनऊ की धरती पर स्वीकार किया। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे साहित्यकार शिवमूर्ति ने सम्मान शब्द पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि 'पुरस्कार' तो स्कूल कॉलेजों में भी दिया जाता है, लेकिन 'सम्मान' उसी का किया जाता है, जो देने वाले से बड़ा हो। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि 'लता: सुर गाथा' के लेखक यतीन्द्र मिश्र ने मैत्रेयी जी के उत्कृष्ट रचनाकर्म पर प्रकाश डाला एवं उनके खिल्ली से दिल्ली तक के सफर को अनुकरणीय बताया। दिल्ली से आये विशेष अतिथि विवेक मिश्र ने हिंदी साहित्य के क्षेत्र में ऐसे आयोजनों के सातत्य की आवश्यकता पर बल दिया।

ज्ञातव्य है कि सेतु सम्पादन मण्डल ने अपने प्रकाशन के प्रथम वर्ष में अंग्रेज़ी और हिंदी में कार्यरत व्यक्तित्वों को उनके साहित्यिक और भाषाई कार्य के लिये सम्मानित करने की घोषणा की थी। इस उद्देश्य से चार नाम चुने गए थे।


लखनऊ के सम्मान समारोह कार्यक्रम में श्वेता दीक्षित की रुझान प्रकाशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक 'गुरु शिष्य परम्परा' का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ लेखकों ने पुस्तक को लीक से हटकर बताया।

कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में लघुकथा विधा के साथ-साथ दीपक मशाल के सद्य-प्रकाशित लघुकथा संग्रह 'खिड़कियों से...' पर भी चर्चा हुई। दीपक मशाल ने लघुकथाओं को युवाओं को साहित्य से जोड़ने का विशेष माध्यम बताया। रुझान प्रकाशन द्वारा प्रकाशित 'खिड़कियों से...' का विमोचन 2017 के विश्व पुस्तक मेला, नई दिल्ली में हुआ था। इस संग्रह के प्रथम संस्करण की लगभग सभी प्रतियाँ पाँच माह के अल्पकाल में ही बिक चुकी हैं। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित दिल्ली से पधारे कथाकार व उपन्यासकार विवेक मिश्र ने खिड़कियों से को एक आवश्यक संग्रह बताया। मुख्य अतिथि उपन्यासकार महेंद्र भीष्म ने भी लघुकथा एवं संग्रह पर अपने विचार रखे।  कार्यक्रम में किरण सिंह, कंचन सिंह चौहान, कुश वैष्णव, अर्चना तिवारी, पंकज जोशी, एस पी चौरसिया, गीतिका वेदिका, नेहा अग्रवाल, शिवानी, हरपाल यादव, सौरभ, विजय पुष्पम पाठक सहित अनेक साहित्यकार उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में सेतु पत्रिका और रुझान प्रकाशन की ओर से सभी अतिथियों का आभार प्रकट किया गया।