माओरी नववर्ष 'मटारिकी'

-सुनीता शर्मा

ऑकलैण्ड (न्यू ज़ीलैंड)

मटारिकी का न्यू ज़ीलैंड में एक विशेष महत्वपूर्ण स्थान है यह अवसर माओरी नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। कैलेंडर से पहले, माओरी लोगों को समय को समझने के लिए प्राकृतिक-घटनाओं व समय-चक्र पर भरोसा करना पड़ता था, जैसे कि पौधों का फलना, फूलना,सितारों की गति, मौसमी पक्षियों का आगमन या बदलते मौसम को समझना।

मरामाटक जो कि पारंपरिक माओरी चंद्र कैलेंडर है इसका अनुवाद 'चंद्रमा घूर्णन' के रूप में किया जाता है। मटारिकी कैलेंडर के अनुसार प्रत्येक वर्ष में चंद्रमा के चक्रों के आधार पर बारह महीने होते हैं। मटारिकी चंद्र कैलेंडर पर प्रत्येक चंद्र माह अमावस्या के साथ शुरू और समाप्त होता है। मटारिकी चंद्र कैलेंडर, मटारिकी सितारों के एक सुंदर समूह के लिए माओरी नाम को इंगित करता है। यूँ तो मटारिकी पर्व की तारीखें साल-दर-साल बदलती रहती हैं ,लेकिन हमेशा जून या जुलाई में ही पड़ती हैं इसीलिए मटारिकी रात को आकाश में फिर से दिखाई देने वाले सितारों के समूह द्वारा चिन्हित करने के लिए माना जाता है। परंपरागत रूप से, मटारिकी एक ऐसा समय था जब अधिकांश समय,आने वाले वर्ष लिए के खाद्यभंडार बनाए जाते थे।

यह वर्ष का वह ठंडा समय है जब फसल काटने का कठिन काम पूरा हो जाता था और यह समय दावत का समय भी माना जाता क्योंकि पटाकाई (भंडार गृह) भोजन से भरे हुए होते थे, यही नहीं मोकी और कोरोकोरो जैसी मछलियाँ और बहुत सारे कुमारा (शकरकंद) पर्याप्त मात्रा में रसोई घर में होते थे। तब माओरी व्नाउ (परिवार) और समुदायों के लिए एक साथ समय बिताने के लिए इसका प्रयोग किया करते थे। लोग (काई) भोजन कोरेरो (बातचीत) करेंगे अर्थात परिवार व पूर्वजों के इतिहास को याद व साझा करने का समय। समारोह और मनोरंजन साझा करने का समय और नए साल की प्रतीक्षा व तैयारी करने का समय।

माओरी में, मटारिकी का अर्थ है 'छोटी आँखें' या 'ईश्वर की आँखें'। मटारिकी नववर्ष के त्योहार शरद ऋतु की फसल के साथ भी मेल खाता है। यदि मटारिकी तारे उजले या मंद हैं, तो ऐसा माना जाता है कि अगली फसल खराब होगी। यदि तारे बहुत चमकीले हैं तो भविष्य भी उज्ज्वल होगा।

अओटियरोआ न्यू जीलैंड में, मटारिकी का हेलियाकल उदय (सूर्य सापेक्ष) सर्दियों के मध्य में होता है। जब मध्य-शीतकालीन (जून/जुलाई) के दौरान उगता है। मटारिकी वह तारे है जो प्रतिबिंब, आशा, पर्यावरण से हमारे संबंध और लोगों के जुड़ने व समारोह मनाने के प्रतीक के रूप में जाने जाते हैं इसीलिए मटारिकी पर्व लोगों के स्वास्थ्य और भलाई से भी जुड़ा हुआ है।

एक लोकप्रिय माओरी किंवदंती यह है कि सात मटारिकी सितारे एक माँ (मटारिकी) और उनकी छह बेटियाँ हैं - तुपु-अ-नुकू, तुपु-आ-रंगी, वैपुनरांगी, वेट्टी , वेटा , और उरुरंगी। दो अन्य सितारों की पहचान भी की गई जो कि पोहुटुकावा और हिवा-आई-टे-रंगी के नाम से जाने जाते हैं।  मटारिकी तारे अपनी विशेषताओं के कारण जाने जाते हैं जो कि कुछ इस प्रकार हैं:-

वेट्टी: वेट्टी हमारे ताजे पानी के वातावरण को देखता है हमारी आवा (नदियाँ), रोटो (झीलें), कुकुवाई (वेटलैंड्स), और वैपुना (स्प्रिंग्स) इत्यादि की रखवाली करता है।
वेटा: वेटा हमारे विशाल महासागरों का सर्वेक्षण करता है। इन जल में जीवन की विविधता इतनी विविध है कि वह अभी भी समुद्री पौधों के विभिन्न प्रजातियों की खोज करता रहता है।
वैपुना-आ-रंगी: वैपुना-आ-रंगी अपने सभी रूपों में आसमानी जल का स्वागत करता है वह देखता है कि ये पानी हमें कैसे योगदान देता है।
टुपु-अ-नुकू: टुपु-अ-नुकू हमारे खाद्य पौधों व उनकी वृद्धि और फसल की निगरानी करता है कि हम स्वस्थ मिट्टी के महत्व को समझें। पापा-अ-टु-नुकु (पृथ्वी) में हम क्या और कितनी मात्रा में डाल रहे हैं।
टुपु-अ-रंगी: टुपु-अ-रंगी हमारे मूल वन्यजीव पेड़ों में उगने वाली हर चीज़ की निगरानी करता है जैसे फल, फूल और पक्षी इत्यादि।
उरुरंगी हवाओं से जुड़ा हुआ है: उरुरंगी टे व्हानौ पुही (पवन परिवार) का घनिष्ठ मित्र हैं इस परिवार को हम अच्छी तरह से जानते हैं। यह किसी भी चुनौती के लिए हमें ताकतवर बनाता है व स्वयं को अपनाने और तैयार होने के लिए प्रोत्साहित करता है।
पोहुटुकावा उन लोगों से जुड़ा सितारा है जो गुजर चुके हैं। इस सितारे को प्रतिबिंब और अपने प्रियजनों की याद में देखा जा सकता हैं जो कि गुजर चुके हैं।
हिवा-ए-टे-रंगी: यह एक समृद्ध मौसम के वायदे से जुड़ा हुआ है। इसे "विशिंग स्टार" के नाम से भी जाना जाता है। परंपरागत रूप से इस तारे का उपयोग वर्ष के लिए अपनी इच्छाओं और सपनों को निर्धारित करने के लिए किया जाता हैं, जिसे अब आमतौर पर नए साल के संकल्प के रूप में जाना जाता है।

आखिरी दो सितारों का उल्लेख इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि पोहुटुकावा और हिवा-ए-टे-रंगी - हमारा ध्यान इस बात पर है कि यह वर्ष हमारे लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं कि जो गुजर चुके हैं, उनके अतीत व आकांक्षाओं से हम क्या सीख सकते हैं? यही नहीं बल्कि आने वाले वर्ष में नई योजना व नए संकल्पों को साकार करने के लिए योजना बद्ध प्रयत्न करें अर्थात पिछले वर्ष को प्रतिबिंबित करने के लिए व वर्तमान का जश्न मनाने और आने वाले वर्ष की योजना बनाने के लिए मटारिकी विशेष महत्वपूर्ण त्यौहार है।

मटारिकी उत्सव के रूप में कुछ लोग आज भी पकाउ (पतंग) उड़ाते हैं। न्यू ज़ीलैंड में आजकल भी गर्म हवा के गुब्बारों और आतिशबाजी का उपयोग प्राचीन लोगों द्वारा उड़ाई गई पतंगों के प्रतीक के रूप में होता है। परंपरागत रूप से, उनके सोचानुसार प्रतीकात्मक रूप में पतंग तारे हैं, जिन्हें कि वे आकाश में उड़ा सकते हैं, और मटारिकी तो स्वयं ही तारे हैं।
  
इस अवसर पर विशेष रूप से हस्तनिर्मित उपहार देना, विविध खेल खेलने, नाचने और गाने सहित, प्राकृतिक पर्यावरण से जुड़ना महत्वपूर्ण माना जाता है। बधाई व शुभकामनायें टे रे माओरी में "नगा मिही ओ मटारिकी, टे टाऊ हो माओरी" "हैप्पी मटारिकी" कहकर दी जा सकती हैं।

मटारिकी नक्षत्र को विश्व में कई अलग-अलग नामों से जाना जाता है। यह हमारे ग्रह के अधिकांश हिस्सों से नग्न आंखों से दिखाई देती है। ग्रीक, अंग्रेजी बोलने वाले देशों में व्यापक रूप से इसे "प्लीएड्स" कहा जाता है। जापान में इसे "सुबारू" कहा जाता है, जिसका अर्थ है 'एक साथ आना'। चीन में यह "माओ", अर्थात सफेद बाघ का बालों वाला सिर है, और भारत में इसे "कृतिका" के नाम से जाना जाता है।

यह त्योहार काई (भोजन) साझा करने के लिए अपने व्नाउ (परिवार) के साथ मनाया जाता है। यह माह बहुत ही शांत व अद्भुत, आश्चर्यजनक -सितारों को देखने के लिए जाना जाता है। इस माह में नए पौधे लगाए जाते हैं व टे-टाइयाओ, यानी प्राकृतिक पर्यावरण से जुड़े प्रश्नों व उनसे संबंधित विषयों पर विचार विमर्श कर उन्हें अपने जीवन में अमल में लाया जाता हैं। न्यू जीलैंड में मटारिकी की सार्वजनिक अवकाश घोषणा 2022 से की गई है।

14 जुलाई 2023 को आप मटारिकी की बधाई इस तरह से दे सकते हैं "न मिही ओ मटारिकी", "टे टाऊ हो माओरी", "हैप्पी मटारिकी"।

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