प्रतिनिधि कवयित्रियाँ: अतिथि सम्पादकीय (नीलम सक्सेना चंद्रा)

खुशनुमा मंज़र फिर आयेंगे
गुलों से वो फिर मुस्कुराएंगे
ये मुश्किलें कुछ दिन की मेहमान हैं
फिर तो बारिश के बादल छाएंगे

सबसे पहले तो मैं श्री सुनील शर्मा जी एवं श्री अनुराग शर्मा जी का शुक्रिया अदा करना चाहती हूँ कि सेतु के जून महीने के हिंदी अंक के लिए उन्होंने मुझे प्रतिनिधि कवयित्रियाँ विशेषांक (BEST OF WOMEN POETRY) के लिए बतौर सम्पादक आमंत्रित किया।

पिछले कुछ महीने इंसान के लिए बड़े ही डर भरे, घबराहट भरे और विचलित करने वाले रहे हैं। महामारी कोरोना ने अभी भी हमारा सुकून छीना हुआ है। ऐसे समय पर, जब हर जगह भय ही भय है, प्रेरणा की बहुत ज़रूरत होती है, और इसीलिए सुनील जी और अनुराग जी के साथ मिलकर, हमने निर्णय लिया कि हम इस विशेषांक को “प्रेरणा” विषय पर आधारित रखेंगे।

यूँ तो ज़िंदगी हर किसी को ऐसे मुक़ाम पर कभी न कभी लाती ही है, जब वह निरुत्साहित हो उठता है, उदास हो जाता है और निराशा से घिर जाता है। परन्तु, शायद लड़कियों और महिलाओं को, कुछ और विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है और इससे वो सबल बनती जाती हैं यदि वो इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करें। वो इसी उत्साह और प्रेरणा के रंगों को अपने बच्चों में, अपने साथियों में और अपने समाज में बिखेरती रहती हैं ताकि ख़ुशी से सभी में किसी भी परिस्थिति का सामना करने की हिम्मत मिलती रहे। इसीलिए इस बार, हमने सिर्फ महिलाओं को इस विशेषांक के लिए आमंत्रित किया था।

जो भी कविताएँ प्राप्त हुईं, बहुत ही अच्छी थीं, परन्तु उनमें से चालीस सबसे बेहतरीन कविताओं को इस अंक में प्रस्तुत करने का मेरा प्रयास है। आशा है, आपको यह कवितायें ज़रूर पसंद आएंगी।

आभार सहित,
नीलम सक्सेना चंद्रा




अतिथि सम्पादक नीलम सक्सेना चंद्रा का परिचय
नीलम सक्सेना चंद्रा एक इंजीनियर हैं व पुणे में अपर मंडल रेल प्रबंधक के पद पर कार्यरत  हैं। कविताएँ एवं कहानियाँ लिखना आपका शौक है। आपकी 1500 से अधिक रचनाएँ विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं  में प्रकाशित हो चुकी हैं। आपके चार उपन्यास, एक उपन्यासिका, छह कहानी संग्रह, बत्तीस काव्य संग्रह व तेरह बच्चों की पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। आपको विभिन्न पुरस्कारों से सुशोभित किया गया है, जैसे अमेरिकन एम्बेसी द्वारा आयोजित काव्य प्रतियोगिता में गुलज़ार जी द्वारा पुरस्कार, रबिन्द्रनाथ टैगोर अंतर्राष्ट्रीय  काव्य पुरस्कार 2014, रेल मंत्रालय द्वारा प्रेमचंद पुरस्कार, चिल्ड्रेन ट्रस्ट द्वारा पुरस्कार, पोएट्री सोसाइटी ऑफ़ इंडिया द्वारा काव्य प्रतियोगिता 2017 में द्वितीय पुरस्कार, महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादेमी द्वारा सोहनलाल द्विवेदी पुरस्कार, ह्यूमैनिटी अन्तराष्ट्रीय वीमेन एचीवर अवार्ड 2018, भारत निर्माण लिटरेरी अवार्ड पुरस्कार इत्यादि। इनके द्वारा लिखे गीत 'मेरे साजन सुन सुन' को रेडियो सिटी द्वारा फ्रीडम पुरस्कार इत्यादि। 

आपके कार्य को सराहते हुए एक वर्ष में सबसे अधिक पुस्तक प्रकाशन हेतु लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड द्वारा इन्हें मान्यता मिली है। वैसे ही लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड, मिरेकल वर्ल्ड रिकार्ड तथा इंडिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड द्वारा आपको व आपकी पुत्री सिमरन को प्रथम माँ-पुत्री द्वारा प्रकाशित पुस्तक का ख़िताब दिया गया है। नीलम को फ़ोर्ब्स मैगज़ीन द्वारा 2014 के देश के अठहत्तर प्रख्यात लेखकों में नामित किया गया है। 

इनके बारे में अधिक जानकारी विकी पेज http://en.wikipedia.org/wiki/Neelam_Saxena_Chandra पर उपलब्ध है। आपसे संपर्क करने हेतु https://www.facebook.com/NeelamSaxenaChandra को लाइक करें।

3 comments :

  1. thank you Setu and thank you guest editor Neelam Saxena ma'am for this publication

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  2. Thank you Setu and Guest Editor Neelam Saxena Chandra for considering my poem 'Bas Ek Kshan' worthy of publication here. An excellent editorial by you that sets the theme of Motivation (प्रेरणा) to a topical context.

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  3. बहुत बहुत धन्यवाद इस सम्मानित पत्रिका का हिस्सा बनाने के लिए😊💐

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