बार-बार दिन यह आये!

जया जादवानी (1 मई), देवी नागरानी (11 मई) तथा प्रकाश मनु (12 मई) को सेतु परिवार की ओर से जन्मदिन की मंगलकामनाएँ। अज़ीज़ राय (2 मई), रमाकांत शर्मा तथा महावीर रवांल्टा (10 मई), सुधा गुप्ता (18 मई) सहित मई मास में जन्मे, सेतु के सभी पाठकों तथा लेखकों को भी जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ!


नमस्कार,

मई का महीना देवेंद्र सत्यार्थी जी के जन्मदिन (28 मई) का मास भी है। इस अंक में पढ़िये उनकी एक कहानी कुंग पोश तथा प्रकाश मनु जी का संस्मरण, अपने गुरुदेव के प्रति।

इसी अंक में स्वर्गीय माहेश्वर तिवारी जी को याद कर रहे हैं मनोहर अभय जी।

मानव तस्करी एक विश्वव्यापी समस्या है। इस अपराध में भारतीयों का बढ़ता अंश चिंताजनक है। पिछले वर्षों में अमेरिका में अवैध आप्रवास का प्रयास करते समय उत्तरी सीमा की बर्फ़ में ठंड से और दक्षिणी सीमा के मरुस्थल में प्यास से भारतीय नागरिकों के मरने की घटनाएँ उजागर हुई हैं तो हाल में चार्टर्ड वायुयानों से बरास्ता फ़्रांस, अमीरात, और जमइका सम्भावित अवैध आप्रवासी पकड़कर वापस भारत भेजे गये हैं। स्पष्ट है कि जो अपराधी समूह पहले इंसानों को मांस के ट्रकों और कमज़ोर नौकाओं में ठूंसकर अंतरराष्ट्रीय सीमाएँ पार कराते थे वे अब इतने धनी और शक्तिशाली हो गये हैं कि प्राइवेट जेट किराये पर लेने लगे हैं। इनकी रोकथाम के समुचित प्रयास, और कड़ी सज़ाएँ आवश्यक हैं।
  
मेरे बचपन के भारत में मिठाई की दुकानें हों या छोटे-मोटे भोजनालय, भोज्य पदार्थ तैयार करने के माध्यम की जानकारी दीवार पर फ़्रेम में मढ़ी हुई लगी होती थी। अक्सर स्वास्थ्य निरीक्षक इन दुकानों में आकर जाँच के लिये भोज्य पदार्थों के नमूने प्रयोगशाला ले जाते थे। बढ़ती ढील और लापरवाही के साथ धीरे-धीरे ऐसे दृश्य दिखने बंद हुए। फिर दूध में यूरिया, फलों में ज़हरीले रंग मिलाने की खबरें आनी शुरू हुईं। तम्बाकू व एल्कोहल के दुष्प्रभावों के विरुद्ध विश्व-व्यापी जागृति के बावजूद हुक्का-बार जैसे जॉइंट प्रचलित हुए। एक ओर ज़हरीली शराब से होने वाली मौतें बढ़ीं तो दूसरी ओर फ़ैंसी-फ़ूड्स का ट्रेंड भी बढ़ने लगा। फ़ायर-पान, स्मोकी-पान या सुलगता पान भी इस नये ट्रेंड का एक उदाहरण था जो लगभग हर बड़े शहर में दिखाई दे रहा था। इस महीने ऐसा ही एक पान खाकर बैंगळूरु में एक बच्ची की मृत्यु हो गयी। पहले भी शायद ऐसी घटनाएँ हुई होंगी और अखबारों तक नहीं पहुँच सकी होंगी। पान में प्रयुक्त द्रवीय नाइट्रोजन के कारण बच्ची के पेट में घाव (perforation peritonitis) हो गया जो बाद में उसकी मृत्यु का कारण बना। खाद्य पदार्थों के मामले में भी प्रशासनिक सक्रियता समय की मांग है।

संसार के सबसे बड़े लोकतंत्र का सबसे बड़ा चुनाव सम्पन्न होने को है। विश्वास है कि हमारे प्रबुद्ध पाठक अगली लोकसभा के निर्माण का अपना दायित्व अच्छी तरह निभा रहे हैं।

आपको अच्छा पढ़ने और सुनने को मिले, इसी आकांक्षा के साथ सेतु का यह अंक आपकी सेवा में समर्पित है। धन्यवाद!

शुभाकांक्षी,
सेतु, पिट्सबर्ग
31 मई 2024 ✍️

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